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प्राणिमात्र के लिये नम्रता धारण ही आर्जव धर्म- अंतरमति

Mon, 13 Sep 2021 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 01:15 AM IST
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rjub dharm is about mercy
मडावरा: पूजन करती महिलाएं व अन्य - फोटो : LALITPUR
मडा़वरा। आर्यिकाश्री अंतरमति माता ने कहा कि आर्जव धर्म हमें सरलता सिखाता है। आर्जव का अर्थ है ऋजुता या सरलता। मन में कुछ, वचन में कुछ, व्यवहार में कुछ प्रवृत्ति ही मायाचारी है। इस माया, कषाय को जीतकर मन, वचन, कार्य की क्रिया में एकरूपता लाना ही उत्तम आर्जव धर्म है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम सरल स्वभावी बनें, कुटिलता से बचें और हमेशा दूसरों के साथ सदव्यवहार करें, सरलता ही उत्तम आर्जव धर्म का प्रतीक है। वह रविवार को पर्यूषण पर्व तृतीय दिवस पर धर्मसभा को संबोधित कर रहीं थी।
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वर्णीनगर मड़ावरा में उत्तम आर्जव धर्म के अवसर पर नगर में आचार्यश्री विद्यासागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका आदर्शमति माताजी की संघस्थ आर्यिका अंतरमति, अनुग्रहमति, अक्षयमति, निर्मदमति, ध्यानमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में श्री महावीर विद्याविहार के परिसर में प्रात:काल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, दशलक्षण विधान एवं दोपहर में तत्वार्थसूत्र का वाचन कर श्रावकों ने अर्घ्य समर्पित किए। सायंकाल को प्रतिक्रमण, संगीतमयी आरती आदि धार्मिक क्रियाएं और प्रवचन का आयोजन हुआ। शांतिधारा चातुर्मास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र जैन, मंत्री सुमत मोदी, राजू सेठी, हर्षवर्धन सेठी, कमलेश बजाज, सम्यक जैन, सर्वज्ञ, सतेंद्र मामा परिवार ने की। आर्जव धर्म के विशेष दिवस पर सुसज्जित थालियों के माध्यम से अष्ट द्रव्य द्वारा विद्यासमय कीर्ति मंडल एवं आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला की शिक्षिकाओं ने पूजन किया। विभिन्न धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। रात्रि में उदासीन आश्रम इंदौर से पधारी शशि के प्रवचन हुए।
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आज मनाया जाएगा उत्तम शौच धर्म
चातुर्मास समिति के महामंत्री डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि नगर में चातुर्मासरत आर्यिका श्री 105 अंतरमति माता जी ससंघ के पावन सानिध्य में उत्तम शौच धर्म मनाया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिभास्थली की बेटियों द्वारा संपन्न किए जाएंगे।
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अपने दोषों को नहीं छिपाना ही आर्जव धर्म : आर्यिका आदर्शमति
ललितपुर। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपाल में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन आर्जव धर्म पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका आदर्शमति माताजी ने कहा धर्म का संबंध सरल साफ सुथरे भावों के साथ निष्कपट व्यवहार से है। श्रावक को मन वाणी और कर्म के द्वारा जीवन व्यवहार में धारण करना होगा। जो मन से कुटिल चिंतजन नहीं करता कुटिलता पूर्वक बोलता नहीं और न ही कुटिलता से कार्य करता है और अपने दोषों को नहीं छिपाता उसी को आर्जव धर्म कहा है।
शहर के क्षेत्रपाल मंदिर में आर्यिका आदर्श मति माताजी ससंघ विराजमान है। जिनके सानिध्य में प्रतिदिन प्रवचन तत्वार्थसूत्र के साथ-साथ श्रावकों को सांस्कृतिक आयोजनों का लाभ भी मिल रहा है। उधर, दिगंबर जैन नया मंदिर में आर्यिका अधिगम मति माताजी ने कहा कि कर्म निष्पक्ष होता है जीवन को सार्थक बनाने के लिए सदकर्म करो तभी कल्याण है। धर्मसभा में आर्यिका अदम्य मति माताजी विराजमान रहीं। तत्वार्थ सूत्र का वाचन श्रुति जैन एवं अपूर्वी जैन ने और अर्घ्य समर्पण संतोष जैन डोगरा ने किया। मध्यान्ह में आर्यिका अनुपम मति माताजी ने कहा कि परिस्थितियों पर विचार कर उन्हें टालना और स्वयं संभलना चाहिए यही जीवन को पवित्र पावन बनाने का मूलमंत्र है। उधर, जैन अटामंदिर में धर्मसभा में आर्यिका दुर्लभमति माताजी ने कहा कि सबसे विनम्र भाव से पेश आए सब प्राणियों के प्रति मैत्री भाव रखें क्योकि सभी प्राणियों को जीवन जीने का अधिकार है।
धन श्रेष्ठ या धर्म प्रतियोगिता में निकिता रहीं अव्वल
चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट पर जैन मिलन के तत्वावधान में आर्यिका अधिगममति और आर्यिका अगममति माताजी के सानिध्य में धन श्रेष्ठ या धर्म विषयक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें प्रथम निकिता जैन, द्वितीय साक्षी जैन, तृतीय समीक्षा जैन और सांत्वना पुरस्कार गुलाब चंद मोहनी, राकेश कुमार, प्रीति जैन, निश्चिल जैन, पलक जैन, सुरेश चंद पाली को मिला। प्रतियोगिता के निर्णायक अक्षय अलया, मनोज जैन बबीना एवं संध्या जैन रहे। कार्यक्रम का संचालन सत्येंद्र जैन ने किया इस मौके पर मंदिर प्रबंधक प्रमोद जैन पाय, प्रभात जैन लागौन, अनिल जैन मौजूद रहे।

मंदिरों में बढ़ रही श्रद्धालुओं भीड़
ललितपुर। मंदिरों में प्रात:काल से ही श्रद्धालुओं की पूजन अभिषेक शांतिधारा, मध्यान्ह में धार्मिक विधान आदि कार्यक्रम हो रहे हैं। नगर के जैन अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपाल जी, जैन अटामंदिर, बड़ा मंदिर बहुबलि नगर नईबस्ती आदिनाथ मंदिर चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट, शांतिनगर मदिर गांधीनगर इलाइट जैन मंदिर, सिविल लाइन जैन मंदिर, एंबोशिया कालोनी में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ रात्रि में नगर के जैन मंदिरों में सायंकाल संगीतमय आरती में श्रद्धालुजन सम्मलित हुए और प्रभु की आराधना की।

मडावरा: शांतिधारा करते श्रावक एवं कीर्तिमंडल सदस्य

मडावरा: शांतिधारा करते श्रावक एवं कीर्तिमंडल सदस्य- फोटो : LALITPUR

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