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लॉकडाउन के 76 दिन बाद खुले धार्मिक स्थल, पूजा-पाठ का तरीका बदला
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गुरुद्वारे में सामाजिक दूरी बनाए खड़े श्रद्घालु
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। लॉकडाउन से 76 दिन बाद धार्मिक स्थलों को शासन की गाइडलाइन के तहत खोला गया, तो पूजा-पाठ का तरीका बदल गया। श्रद्धालु मंदिरों में प्रसाद नहीं चढ़ा सकेंगे, दीपक और अगरबत्ती निर्धारित स्थान पर रखेंगे। मंदिरों में आरती के दौरान श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, सिर्फ मंदिर प्रशासन ही परिसर में आरती करेगा। आरती के बाद दोनों समय मंदिरों को सैनिटाइज किया जाएगा।
सोमवार आठ जून से सभी धार्मिक स्थलों व मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। मंदिर खोलने से पूर्व मंदिर प्रशासन द्वारा सैनीटाइजर से साफ किया गया। तुवन मंदिर परिसर में अंदर दूसरे गेट पर मध्य में भीतर तक मंदिर के प्रवेश के लिए रैलिंग लगाई गई, जहां श्रद्धालुओं को एक ओर से मंदिर में प्रवेश करने और दूसरी ओर से बाहर आने की व्यवस्था की गई। मंदिर के अंदर प्रसाद ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। तुवन मंदिर खुलने का समय सुबह सात बजे से दोपहर बारह बजे और शाम को चार से सात बजे तक रखा गया गया है।
मंदिर परिसर में मास्क एवं सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए मंदिर समिति द्वारा मंदिर परिसर में एक से डेढ़ मीटर की दूरी पर गोले बनाए गए हैं, जिनमें होकर दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे। हालांकि, तुवन मंदिर में पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम ही रही। वहीं, मोहल्ला लक्ष्मीपुरा नदीपुरा रोड स्थित श्री गुरुद्वारा भी सोमवार को सुबह पांच बजे खोला गया और पहले दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिबजी महाराज का पाठ हुआ। इसके बाद सुखमनी साहिब के पाठ के बाद सर्वत्र के भले एवं कोरोना महामारी की मुक्ति के लिए ज्ञानी गुरुचरण सिंह ने अरदास की। गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने के लिए रखे हुए सैनिटाइजर एवं साबुन से हाथ पैर धोकर ही प्रवेश करें। किसी भी धार्मिक ग्रंथ को हाथ न लगाएं। इस मौके पर अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, संरक्षक जितेंद्र सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री चरणजीत सिंह, राजू सिंधी, परसन सिंह, गुरदीप सिंह, अमरजीत सिंह सलूजा, जीवन सिंह परमार, मनमोहन सिंह मोनी, जोगिंदर सिंह व स्त्री सतसंग की महिलाएं भी उपस्थित रहीं। इसी तरह श्री क्षेत्रपाल समेत सभी जैन मंदिरों में शासन की गाइडलाइन के तहत ही श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है। हजरत बाबा सदनशाह की दरगाह पर भी श्रद्धालु पहुंचे। तुवन मंदिर के महंत रामलखन दास मने कहा कि सरकार की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंस के लिए गोले बनवाए हैं। मंदिर में रुकने की व्यवस्था नहीं है, सिर्फ भगवान के दर्शन ही कर सकेंगे। मंदिर को दोनों समय सुबह व रात को सैनिटाइज कराया जाएगा।
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सोमवार आठ जून से सभी धार्मिक स्थलों व मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। मंदिर खोलने से पूर्व मंदिर प्रशासन द्वारा सैनीटाइजर से साफ किया गया। तुवन मंदिर परिसर में अंदर दूसरे गेट पर मध्य में भीतर तक मंदिर के प्रवेश के लिए रैलिंग लगाई गई, जहां श्रद्धालुओं को एक ओर से मंदिर में प्रवेश करने और दूसरी ओर से बाहर आने की व्यवस्था की गई। मंदिर के अंदर प्रसाद ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। तुवन मंदिर खुलने का समय सुबह सात बजे से दोपहर बारह बजे और शाम को चार से सात बजे तक रखा गया गया है।
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मंदिर परिसर में मास्क एवं सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए मंदिर समिति द्वारा मंदिर परिसर में एक से डेढ़ मीटर की दूरी पर गोले बनाए गए हैं, जिनमें होकर दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे। हालांकि, तुवन मंदिर में पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम ही रही। वहीं, मोहल्ला लक्ष्मीपुरा नदीपुरा रोड स्थित श्री गुरुद्वारा भी सोमवार को सुबह पांच बजे खोला गया और पहले दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिबजी महाराज का पाठ हुआ। इसके बाद सुखमनी साहिब के पाठ के बाद सर्वत्र के भले एवं कोरोना महामारी की मुक्ति के लिए ज्ञानी गुरुचरण सिंह ने अरदास की। गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने के लिए रखे हुए सैनिटाइजर एवं साबुन से हाथ पैर धोकर ही प्रवेश करें। किसी भी धार्मिक ग्रंथ को हाथ न लगाएं। इस मौके पर अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, संरक्षक जितेंद्र सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री चरणजीत सिंह, राजू सिंधी, परसन सिंह, गुरदीप सिंह, अमरजीत सिंह सलूजा, जीवन सिंह परमार, मनमोहन सिंह मोनी, जोगिंदर सिंह व स्त्री सतसंग की महिलाएं भी उपस्थित रहीं। इसी तरह श्री क्षेत्रपाल समेत सभी जैन मंदिरों में शासन की गाइडलाइन के तहत ही श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है। हजरत बाबा सदनशाह की दरगाह पर भी श्रद्धालु पहुंचे। तुवन मंदिर के महंत रामलखन दास मने कहा कि सरकार की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंस के लिए गोले बनवाए हैं। मंदिर में रुकने की व्यवस्था नहीं है, सिर्फ भगवान के दर्शन ही कर सकेंगे। मंदिर को दोनों समय सुबह व रात को सैनिटाइज कराया जाएगा।
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