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दुष्कर्मी को आजीवन कारावास

Sat, 18 Dec 2021 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:09 AM IST
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rapist get life imprisment
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने शुक्रवार को 11 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोपी पर दोष साबित होने पर उसे उम्रकैद की सजा और 58500 रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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थाना जखौरा अंतर्गत एक गांव निवासी महिला ने 17 फरवरी 2019 को थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन की बेटी 16 फरवरी की शाम करीब साढ़े चार बजे घर पर अकेली थी। घर के सभी सदस्य खेत पर चारा काटने के लिए गए थे। इसी बीच गांव निवासी जसमन सिंह उर्फ पप्पू यादव पुत्र साकूलाल यादव घर में घुस आया और लड़की के बाल पकड़कर जान से मारने की धमकी देते हुए उसे अंदर के कमरे में घसीटकर ले गया और मारपीट कर मुंह दबाकर लड़की के साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान घर पहुंचे परिजन किसी तरह दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो बेटी बेसुध पड़ी थी और जसमन घर की दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। बेटे व मौजूद अन्य लोगों ने उसे दीवार पर चढ़ने के दौरान पकड़ लिया। बेटी ने होश में आने के बाद घटना बतलाई। सूचना पर पहुंची चौकी बांसी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर अदालत में पेश किया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
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विवेचक ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक व शासकीय अधिवक्ता रमेश कुुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए आरोपी को बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 58500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पीड़ित की आयु कागजों के आधार पर 11 वर्ष पाई गई थी और डीएनए रिपोर्ट में आरोपी द्वारा ही दुष्कर्म की पुष्टि होने पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 376 (3) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की वसूली होने पर पीड़िता को 80 प्रतिशत राशि प्रतिकर स्वरूप दिलाई जाए। साथ ही शासन को धारा 357 (ए) (3) के तहत पीड़ित के लिए नियमानुसार प्रतिकर दिलाने के आदेश भी दिया।
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