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दुश्मनों के सिर धड़ से अलग करती रही वीरांगना की तलवार
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महरौनी में महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती मनाते व्यापार मंडल के प्रतिनिधि।
- फोटो : LALITPUR
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महरौनी (ललितपुर)। अमर उजाला और महरौनी व्यापार मंडल ने झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। वक्ताओं ने कहा कि वीरांगना की तलवार दुश्मनों के सिर को धड़ से अलग करती रही है।
शुभारंभ में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के समक्ष मोमबत्ती जलाकर किया गया। इसके बाद सभी ने माल्यार्पण किया। व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी सेना से हुई लड़ाई में वीरांगना लक्ष्मी बाई की तलवार दुश्मनों के सिर धड़ से अलग करती रही। देश के सम्मान की खातिर महारानी लक्ष्मीबाई ने बलिदान दे दिया। महामंत्री ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता की जो अलख देशवासियों में जलाई, वह देश स्वतंत्र कराने के बाद ही शांत हुई। व्यापारी जमना प्रसाद साहू ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई महान नारी थीं। इस मौके पर व्यापारी डा. राजकुमार जैन, कैलाश साहू, संजय राय, समकित जैन, बंटी सोनी, राजू सेन, सृजन जैन, महेंद्र जैन पठा, जिनेंद्र खजुरिया, हरिवंश राय, राकेश अवस्थी, महेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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महारानी लक्ष्मीबाई बुंदेलखंड की गौरव और देश के लिए बलिदान देने वाली महिला थीं, जिनके नाम से अंग्रेजों को लोहे के चना चबाने पड़े थे और उनके ही नाम से झांसी का नाम प्रसिद्ध हुआ।
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- सममित जैन
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बच्चों को महारानी लक्ष्मीबाई की कहानियां सुनाईं जाती हैं। झांसी वाली रानी ने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी। हिंदुस्तान में नारी शक्ति का श्रेय वीरांगना के नाम ही जाता है।
- इमरान खान एड.
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महान पराक्रमी वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी का बिगुल फूंका और लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता।
- ब्रजेंद्र सिंह परमार
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के शौर्य और वीरता को देखकर देशवासियों का हौसला बुलंद हुआ और भारतवासियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। अंतत: अंग्रेजों को देश छोड़कर जाना पड़ा था।
- कालीचरन प्रजापति
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शुभारंभ में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के समक्ष मोमबत्ती जलाकर किया गया। इसके बाद सभी ने माल्यार्पण किया। व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी सेना से हुई लड़ाई में वीरांगना लक्ष्मी बाई की तलवार दुश्मनों के सिर धड़ से अलग करती रही। देश के सम्मान की खातिर महारानी लक्ष्मीबाई ने बलिदान दे दिया। महामंत्री ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता की जो अलख देशवासियों में जलाई, वह देश स्वतंत्र कराने के बाद ही शांत हुई। व्यापारी जमना प्रसाद साहू ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई महान नारी थीं। इस मौके पर व्यापारी डा. राजकुमार जैन, कैलाश साहू, संजय राय, समकित जैन, बंटी सोनी, राजू सेन, सृजन जैन, महेंद्र जैन पठा, जिनेंद्र खजुरिया, हरिवंश राय, राकेश अवस्थी, महेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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महारानी लक्ष्मीबाई बुंदेलखंड की गौरव और देश के लिए बलिदान देने वाली महिला थीं, जिनके नाम से अंग्रेजों को लोहे के चना चबाने पड़े थे और उनके ही नाम से झांसी का नाम प्रसिद्ध हुआ।
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- सममित जैन
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बच्चों को महारानी लक्ष्मीबाई की कहानियां सुनाईं जाती हैं। झांसी वाली रानी ने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी। हिंदुस्तान में नारी शक्ति का श्रेय वीरांगना के नाम ही जाता है।
- इमरान खान एड.
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महान पराक्रमी वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी का बिगुल फूंका और लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता।
- ब्रजेंद्र सिंह परमार
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के शौर्य और वीरता को देखकर देशवासियों का हौसला बुलंद हुआ और भारतवासियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। अंतत: अंग्रेजों को देश छोड़कर जाना पड़ा था।
- कालीचरन प्रजापति