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स्थानीय लोगों ने संवारा राजवैद्य पं तुलसीराम पार्क
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ललितपुर। मोहल्ला सिविल लाइन स्थित राजवैद्य तुलसीराम पार्क के आसपास रहने वाले लोगों ने शहर के अन्य नागरिकों को उदाहरण पेश किया है। उन्होंने नगर पालिका परिषद की ओर निहारने की जगह खुद ही पार्क को संवारने का निर्णय लिया। आज पार्क में कई प्रकार के फूल खिल रहे हैं तो क्यारियां हरी भरी नजर रही हैं। बस जरूरत है तो कुर्सी, बेंच व पीने के पानी के इंतजाम की।
शहर में कई स्थानों पर पार्को का निर्माण कराया गया है। इनमें से एक पार्क जिसे राजवैद्य पं तुलसीराम पार्क के नाम से पहचाना जाता है। वर्षों तक यह पार्क वीरान सा पड़ा रहा। स्थानीय लोगों को लगा कि नगर पालिका इसका विकास कराएगी लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने स्वयं ही पार्क को संवारने का फैसला कर लिया। इससे यह हुआ कि पार्क की रंगत बदल गई। आज पार्क में गेंदा सहित विभिन्न प्रकार के फूूल खिल रहे हैं तो कई हरे पेड़ भी बढ़ने लगे हैं। जिससे पार्क में हरियाली दिखाई देने लगी है। जो भी इस पार्क को देखने के लिए पहुंच रहा है, वह स्थानीय लोगों की तारीफ करते नहीं थक रहा है। कुछ दिन पहले नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी निहालचंद्र ने भी पार्क का निरीक्षण किया था। उन्होंने भी स्थानीय लोगों के प्रयास की तारीफ की, साथ ही नगर पालिका कर्मियों की ड्यूटी पार्क की साफ-सफाई में लगा दी, इससे पार्क साफ-सुथरा दिखने लगा। यहां पहुंचने वाले लोगों को कुर्सी, बेंच की कमी खल रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने एक लोहे की बेंच रखी है व दो बेंच कामचलाऊ निर्मित की गई हैं।
शहर के सभी पार्कों का जीर्णोंद्धार किया जाना चाहिए। इसमें नागरिकों को भी सहयोग देने की जरूरत है। तुलसीराम पार्क शहर के लोगों के लिए एक उदाहरण बन गया है।- राकेश
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जब स्थानीय लोगों ने राजवैद्य तुलसीराम की क्यारियों को हरा-भरा कर दिया है तो कंपनी बाग में माली व श्रमिक ऐसा करने में क्यों नाकाम हो रहे हैं? यह समझ के परे हैं। - पुष्पेंद्र मोदी
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शहर में महापुरुषों के नाम से पार्क बना दिए गए हैं लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। जब तक पार्क सुंदर नहीं बनेंगे, तब तक लोग उनमें जाना भी पसंद नहीं करेंगे। - जय सिंधी
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शहर में निर्मित किए पार्कों को असामाजिक तत्वों से बचाने की जरूरत है। जब लोगों को लगेगा कि यहां बैठने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं है तो नागरिक पार्कों में बैठना शुरू कर देंगे। - अशोक
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इस पार्क का अमृत योजना में विकास किया जाना है, जिसकी कार्ययोजना शासन से स्वीकृत हो गई है। वर्तमान में स्थानीय लोगों ने पार्क में काम कराया है, उनके साथ पालिका के कर्मी भी सहयोग कर रहे हैं। कुर्सी, बेंच आदि की सुविधा भी शीघ्र करा दी जाएगी।
निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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शहर में कई स्थानों पर पार्को का निर्माण कराया गया है। इनमें से एक पार्क जिसे राजवैद्य पं तुलसीराम पार्क के नाम से पहचाना जाता है। वर्षों तक यह पार्क वीरान सा पड़ा रहा। स्थानीय लोगों को लगा कि नगर पालिका इसका विकास कराएगी लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने स्वयं ही पार्क को संवारने का फैसला कर लिया। इससे यह हुआ कि पार्क की रंगत बदल गई। आज पार्क में गेंदा सहित विभिन्न प्रकार के फूूल खिल रहे हैं तो कई हरे पेड़ भी बढ़ने लगे हैं। जिससे पार्क में हरियाली दिखाई देने लगी है। जो भी इस पार्क को देखने के लिए पहुंच रहा है, वह स्थानीय लोगों की तारीफ करते नहीं थक रहा है। कुछ दिन पहले नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी निहालचंद्र ने भी पार्क का निरीक्षण किया था। उन्होंने भी स्थानीय लोगों के प्रयास की तारीफ की, साथ ही नगर पालिका कर्मियों की ड्यूटी पार्क की साफ-सफाई में लगा दी, इससे पार्क साफ-सुथरा दिखने लगा। यहां पहुंचने वाले लोगों को कुर्सी, बेंच की कमी खल रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने एक लोहे की बेंच रखी है व दो बेंच कामचलाऊ निर्मित की गई हैं।
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शहर के सभी पार्कों का जीर्णोंद्धार किया जाना चाहिए। इसमें नागरिकों को भी सहयोग देने की जरूरत है। तुलसीराम पार्क शहर के लोगों के लिए एक उदाहरण बन गया है।- राकेश
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जब स्थानीय लोगों ने राजवैद्य तुलसीराम की क्यारियों को हरा-भरा कर दिया है तो कंपनी बाग में माली व श्रमिक ऐसा करने में क्यों नाकाम हो रहे हैं? यह समझ के परे हैं। - पुष्पेंद्र मोदी
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शहर में महापुरुषों के नाम से पार्क बना दिए गए हैं लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। जब तक पार्क सुंदर नहीं बनेंगे, तब तक लोग उनमें जाना भी पसंद नहीं करेंगे। - जय सिंधी
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शहर में निर्मित किए पार्कों को असामाजिक तत्वों से बचाने की जरूरत है। जब लोगों को लगेगा कि यहां बैठने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं है तो नागरिक पार्कों में बैठना शुरू कर देंगे। - अशोक
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इस पार्क का अमृत योजना में विकास किया जाना है, जिसकी कार्ययोजना शासन से स्वीकृत हो गई है। वर्तमान में स्थानीय लोगों ने पार्क में काम कराया है, उनके साथ पालिका के कर्मी भी सहयोग कर रहे हैं। कुर्सी, बेंच आदि की सुविधा भी शीघ्र करा दी जाएगी।
निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद