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रेलवे अफसर ने सेक्शन इंजीनियर को पीटा
Lalitpur
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:49 AM IST
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railway
- फोटो : demo
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डीजल लोको शेड में सोमवार की शाम एक अफसर ने काम को लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर की पिटाई कर दी। घटना के बाद पीड़ित सेक्शन इंजीनियर खामोश रहे, लेकिन एक कर्मचारी ने घटनाक्रम के अंतिम क्षणों को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वीडियो वायरल होते ही कर्मचारियों में गुस्सा फूट गया। शेड के कर्मचारियों ने अफसर के खिलाफ नारेबाजी कर काम बंद कर दिया। खबर लगते ही यूनियन नेता मौके पर पहुंच गए, इसके बाद मामला और गरमाया गया। संबंधित अफसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर यूनियन नेताओं और अन्य अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
बबीना क्षेत्र के खैलार निवासी शंकर लाल पांडे डीजल लोको शेड में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) के पद पर कार्यरत है। वह एयर ब्रेक शॉप के इंचार्ज है। सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे वह मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) गौरव यादव को पिट लाइन पर खड़े होकर कुछ बता रहे थे। आरोप है कि बातचीत करते-करते डीएमई उत्तेजित हो गए और उन्होंने एसएसई को एक के बाद एक छह थप्पड़ जड़ दिए। यह घटनाक्रम पास में खड़े एक इंजन के अंदर काम कर रहा कर्मचारी देख रहा था। उसने तुरंत घटनाक्रम के अंतिम क्षणों का मोबाइल पर वीडियो बना लिया। वीडियो में डीएमई एसएसई में आखिरी थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। मारपीट में एसएसई का मोबाइल और चश्मा भी टूट गया। पिटाई के बाद एसएसई खामोश रहे और उन्होंने अपने साथियों के साथ घटना को लेकर कोई जिक्र नहीं किया।
शेड में होने वाले दिनभर के काम को लेकर शाम चार बजे होने वाली बैठक में भी एसएसई शामिल हुए। आधे घंटे ही बाद ही उक्त वीडियो कर्मचारियों के बीच वायरल होना शुरू हो गया। वीडियो देखते ही कर्मचारियों में गुस्सा भड़क गया। कामकाज बंद करके कर्मचारी डीएमई चैंबर के बाहर एकत्रित हो गए और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच घबरा कर डीएमई अपने उच्च अधिकारी के चैंबर में घुस गए।
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इधर, घटना का पता लगते ही नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के मंडल अध्यक्ष एचएस चौहान, मंडल सचिव आरएन यादव, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल अध्यक्ष रामकुमार सिंह, मंडल सचिव वीजी गौतम अपने कर्मचारी साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। यूनियन नेताओं के पहुंचने पर मामला और गरमाया गया। कुछ देर में पहुंचे अपर मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार सिंह के सामने यूनियन नेता डीएमई को निलंबित और उनका स्थानांतरण कराने की मांग पर डटे रहे।
एसएसई की बिगड़ी तबीयत, कुछ नहीं बोले
एसएसई शंकर लाल पांडे वीडियो वायरल होने का पता लगने के बाद भी खामोश बने रहे। वह कभी कैंटीन में कर्मचारियों के बीच खामोश बैठे रहे तो कभी अपने कक्ष में आकर। उन्होंने अपने साथी कर्मचारियों को भी कारण नहीं बताया कि उनको अफसर ने क्यों पीटा। वह बार-बार तबीयत खराब होने की बात जरूर कहते रहे।
शेड में कर्मचारियों की कमी
डीजल लोको शेड के पास 140 इंजन हैं। शेड को हर महीने का लक्ष्य दिया गया है कि उक्त इंजनों में 54 सवारी गाड़ियों और 51 मालगाड़ियों के लिए दुरुस्त बने रहे। जबकि काम की तुलना में कर्मचारियों की संख्या साठ फीसदी ही हैं।
पहले भी कर चुके बदतमीजी
आज की घटना के बाद कर्मचारियों के बीच डीएमई के कार्य को लेकर चर्चा होती रही। कर्मचारी आरोप लगा रहे थे कि डीएमई पहले भी कई बार कर्मचारियों के साथ बैठक में बदतमीजी कर चुके हैं। चूंकि, कर्मचारी अपनी नौकरी को लेकर डरते हैं, इस कारण विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
डीएमई को छुट्टी पर भेजा
मंडल रेल प्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि डीएमई गौरव कुमार ने उनको बताया कि वह जब एसएसई से बात कर रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर किसी की कॉल आ गई। उनके सामने ही एसएसई कॉल अटेंड कर बात करने लगे। यह उनको बुरा लगा। इस पर वह हाथ से मोबाइल को हटाने लगे। बात फैला दी गई वह एसएसई को थप्पड़ मार रहे हैं। हालांकि, मैंने इस प्रकरण के बाद डीएमई को छुट्टी पर भेज दिया है। जोन के अफसरों को भी मामले से अवगत करा दिया है।
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बबीना क्षेत्र के खैलार निवासी शंकर लाल पांडे डीजल लोको शेड में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) के पद पर कार्यरत है। वह एयर ब्रेक शॉप के इंचार्ज है। सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे वह मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) गौरव यादव को पिट लाइन पर खड़े होकर कुछ बता रहे थे। आरोप है कि बातचीत करते-करते डीएमई उत्तेजित हो गए और उन्होंने एसएसई को एक के बाद एक छह थप्पड़ जड़ दिए। यह घटनाक्रम पास में खड़े एक इंजन के अंदर काम कर रहा कर्मचारी देख रहा था। उसने तुरंत घटनाक्रम के अंतिम क्षणों का मोबाइल पर वीडियो बना लिया। वीडियो में डीएमई एसएसई में आखिरी थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। मारपीट में एसएसई का मोबाइल और चश्मा भी टूट गया। पिटाई के बाद एसएसई खामोश रहे और उन्होंने अपने साथियों के साथ घटना को लेकर कोई जिक्र नहीं किया।
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शेड में होने वाले दिनभर के काम को लेकर शाम चार बजे होने वाली बैठक में भी एसएसई शामिल हुए। आधे घंटे ही बाद ही उक्त वीडियो कर्मचारियों के बीच वायरल होना शुरू हो गया। वीडियो देखते ही कर्मचारियों में गुस्सा भड़क गया। कामकाज बंद करके कर्मचारी डीएमई चैंबर के बाहर एकत्रित हो गए और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच घबरा कर डीएमई अपने उच्च अधिकारी के चैंबर में घुस गए।
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इधर, घटना का पता लगते ही नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के मंडल अध्यक्ष एचएस चौहान, मंडल सचिव आरएन यादव, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल अध्यक्ष रामकुमार सिंह, मंडल सचिव वीजी गौतम अपने कर्मचारी साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। यूनियन नेताओं के पहुंचने पर मामला और गरमाया गया। कुछ देर में पहुंचे अपर मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार सिंह के सामने यूनियन नेता डीएमई को निलंबित और उनका स्थानांतरण कराने की मांग पर डटे रहे।
एसएसई की बिगड़ी तबीयत, कुछ नहीं बोले
एसएसई शंकर लाल पांडे वीडियो वायरल होने का पता लगने के बाद भी खामोश बने रहे। वह कभी कैंटीन में कर्मचारियों के बीच खामोश बैठे रहे तो कभी अपने कक्ष में आकर। उन्होंने अपने साथी कर्मचारियों को भी कारण नहीं बताया कि उनको अफसर ने क्यों पीटा। वह बार-बार तबीयत खराब होने की बात जरूर कहते रहे।
शेड में कर्मचारियों की कमी
डीजल लोको शेड के पास 140 इंजन हैं। शेड को हर महीने का लक्ष्य दिया गया है कि उक्त इंजनों में 54 सवारी गाड़ियों और 51 मालगाड़ियों के लिए दुरुस्त बने रहे। जबकि काम की तुलना में कर्मचारियों की संख्या साठ फीसदी ही हैं।
पहले भी कर चुके बदतमीजी
आज की घटना के बाद कर्मचारियों के बीच डीएमई के कार्य को लेकर चर्चा होती रही। कर्मचारी आरोप लगा रहे थे कि डीएमई पहले भी कई बार कर्मचारियों के साथ बैठक में बदतमीजी कर चुके हैं। चूंकि, कर्मचारी अपनी नौकरी को लेकर डरते हैं, इस कारण विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
डीएमई को छुट्टी पर भेजा
मंडल रेल प्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि डीएमई गौरव कुमार ने उनको बताया कि वह जब एसएसई से बात कर रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर किसी की कॉल आ गई। उनके सामने ही एसएसई कॉल अटेंड कर बात करने लगे। यह उनको बुरा लगा। इस पर वह हाथ से मोबाइल को हटाने लगे। बात फैला दी गई वह एसएसई को थप्पड़ मार रहे हैं। हालांकि, मैंने इस प्रकरण के बाद डीएमई को छुट्टी पर भेज दिया है। जोन के अफसरों को भी मामले से अवगत करा दिया है।