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निजी फर्म तैनात करेंगी स्वास्थ्य कर्मी
ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2016 01:21 AM IST
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ललितपुर। जनपद के सरकारी अस्पतालों व जिला ब्लड बैंक में स्टाफ की कमी जल्द ही दूर हो सकेगी। प्रदेश सरकार की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय व ब्लड बैंक में स्टाफ की कमी को देखते हुए निजी फर्म के जरिए भर्ती करने का निर्णय लिया है।
वर्तमान में जिले का ब्लड बैंक केवल एक संविदा कर्मी के भरोसे चल रहा है। इससे खून के लिए जरुरतमंदों को भटकना पड़ता है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में बहुत से पदों पर भी निजी कंपनियों के जरिए आउटसोर्सिंग पर स्टाफ रखा गया है, लेकिन स्थानीय स्तर की इन आउटसोर्सिंग कंपनी के ईपीएफ और सर्विस टैक्स में रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण कर्मचारियों का पीएफ नहीं कट पा रहा है।
कई जगहों पर मानदेय में से पीएफ की कटौती तो हो रही है, लेकिन उसे जमा नहीं किया जा रहा है। इन सबको देखते दो निजी फर्म चयनित की गईं, जो कि ब्लड बैंक, सीएचसी, जिला चिकित्सालय व ट्रामा सेंटर में जरूरी स्टाफ को भर्ती करेंगी।
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संविदा कर्मी के भरोसे ब्लड बैंक
जनपद में एक मात्र ब्लड बैंक जिला अस्पताल में संचालित है। ब्लड बैंक में कोई भी स्थायी स्टाफ नहीं होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ब्लड बैंक प्रभारी का काम पैथोलॉजिस्ट अतिरिक्त प्रभार के तौर पर देख रहे हैं, जबकि पूरा काम केवल एक संविदा कर्मी के भरोसे चल रहा है।
चौबीस घंटे खुुले रहने के आदेश होने पर भी ब्लड बैंक शाम होते ही बंद हो जाता है। रात के समय गंभीर मरीज को खून की आवश्यकता होने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही आउटसोर्सिंग के जरिए ब्लड बैंक में जरूरी स्टाफ को तैनात किया जाएगा।
कर्मियों के मानदेय पर डाका
आउटसोर्सिंग के जरिए रखे जाने वाले स्टाफ के मानदेय को लेकर कंपनियां हेरफेर कर रही हैं। 15 हजार रुपये मानदेय शासन की ओर से तय होने के बाद भी पांच से छह हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही पीएफ के नाम पर कटौती की जाती है, लेकिन कभी कोई रसीद कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है। कई फर्मों ने प्रोविडंट फंड कमिश्नर के यहां और सर्विस टैक्स के लिए भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जो कि गैरकानूनी है।
शासन की ओर से आउटसोर्सिंग के जरिए रखे जाने वाले कर्मियों के लिए मानदेय तय किया गया है। मेडिकल स्टाफ व नॉन मेडिकल स्टाफ के लिए अलग- अलग मानदेय तय किए गए हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर को 17,225 रुपए, चौकीदार को 16 हजार रुपए, लांड्री सहायक को 15,656 रुपए, स्टेचर बियरर 11 हजार रुपए, सफाई कर्मी को दस हजार रुपए, चौकीदार कम हेल्पर को 15,611 रुपए, सुरक्षा कर्मी हथियार रहित को 10,811 रुपए व सुरक्षा कर्मी हथियार सहित 25,263 रुपए प्रतिमाह मानदेय तय किया गया है।
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वर्तमान में जिले का ब्लड बैंक केवल एक संविदा कर्मी के भरोसे चल रहा है। इससे खून के लिए जरुरतमंदों को भटकना पड़ता है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में बहुत से पदों पर भी निजी कंपनियों के जरिए आउटसोर्सिंग पर स्टाफ रखा गया है, लेकिन स्थानीय स्तर की इन आउटसोर्सिंग कंपनी के ईपीएफ और सर्विस टैक्स में रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण कर्मचारियों का पीएफ नहीं कट पा रहा है।
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कई जगहों पर मानदेय में से पीएफ की कटौती तो हो रही है, लेकिन उसे जमा नहीं किया जा रहा है। इन सबको देखते दो निजी फर्म चयनित की गईं, जो कि ब्लड बैंक, सीएचसी, जिला चिकित्सालय व ट्रामा सेंटर में जरूरी स्टाफ को भर्ती करेंगी।
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संविदा कर्मी के भरोसे ब्लड बैंक
जनपद में एक मात्र ब्लड बैंक जिला अस्पताल में संचालित है। ब्लड बैंक में कोई भी स्थायी स्टाफ नहीं होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ब्लड बैंक प्रभारी का काम पैथोलॉजिस्ट अतिरिक्त प्रभार के तौर पर देख रहे हैं, जबकि पूरा काम केवल एक संविदा कर्मी के भरोसे चल रहा है।
चौबीस घंटे खुुले रहने के आदेश होने पर भी ब्लड बैंक शाम होते ही बंद हो जाता है। रात के समय गंभीर मरीज को खून की आवश्यकता होने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही आउटसोर्सिंग के जरिए ब्लड बैंक में जरूरी स्टाफ को तैनात किया जाएगा।
कर्मियों के मानदेय पर डाका
आउटसोर्सिंग के जरिए रखे जाने वाले स्टाफ के मानदेय को लेकर कंपनियां हेरफेर कर रही हैं। 15 हजार रुपये मानदेय शासन की ओर से तय होने के बाद भी पांच से छह हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही पीएफ के नाम पर कटौती की जाती है, लेकिन कभी कोई रसीद कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है। कई फर्मों ने प्रोविडंट फंड कमिश्नर के यहां और सर्विस टैक्स के लिए भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जो कि गैरकानूनी है।
शासन की ओर से आउटसोर्सिंग के जरिए रखे जाने वाले कर्मियों के लिए मानदेय तय किया गया है। मेडिकल स्टाफ व नॉन मेडिकल स्टाफ के लिए अलग- अलग मानदेय तय किए गए हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर को 17,225 रुपए, चौकीदार को 16 हजार रुपए, लांड्री सहायक को 15,656 रुपए, स्टेचर बियरर 11 हजार रुपए, सफाई कर्मी को दस हजार रुपए, चौकीदार कम हेल्पर को 15,611 रुपए, सुरक्षा कर्मी हथियार रहित को 10,811 रुपए व सुरक्षा कर्मी हथियार सहित 25,263 रुपए प्रतिमाह मानदेय तय किया गया है।