{"_id":"6aa5a976e0eee16352088673","slug":"preliminary-investigation-initiated-into-the-case-of-becoming-an-agniveer-using-forged-documents-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-162981-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: फर्जी दस्तावेज से अग्निवीर बनने के मामले की प्रारंभिक जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: फर्जी दस्तावेज से अग्निवीर बनने के मामले की प्रारंभिक जांच शुरू
विज्ञापन
ललितपुर। अग्निवीर भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर चयनित होने के आरोप में दर्ज मुकदमे की पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी ने आरोपियों से संबंधित दस्तावेजों का संकलन शुरू कर दिया है। साथ ही जिन युवकों के अभिलेखों का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया गया, उनसे भी जानकारी लेने की तैयारी की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल करेगी कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भर्ती प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल कराने में आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
कोतवाली सदर पुलिस ने कन्हैया निवासी ग्राम बिरारी, आकाश निवासी बीघाखेत महर्रा और वीरेंद्र निवासी ग्राम बीघामहावत के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर चयनित होने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, कन्हैया ने बीघामहावत निवासी यशवंत के अभिलेखों पर अपनी फोटो लगाई थी। इसी तरह आकाश ने गैंचवारा निवासी रामचरन और वीरेंद्र ने बीघामहावत निवासी रामकुमार के अभिलेखों का इस्तेमाल किया था। आरोप है कि तीनों ने दूसरे युवकों के अभिलेखों में कूटरचना कर अपनी फोटो लगाई और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए। चयनित होने के बाद उन्होंने ट्रेनिंग में भी प्रतिभाग किया और इस दौरान सरकारी धन का लाभ प्राप्त किया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। जांच अधिकारी आरोपियों के भर्ती से संबंधित दस्तावेजों, उनके द्वारा लगाए गए प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेखों को जुटा रहे हैं। इसके अलावा जिन युवकों के मूल दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने इन अभिलेखों को कैसे हासिल किया और दस्तावेजों में कूटरचना किस स्तर पर की गई। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कम उम्र दर्शाने के लिए दूसरे युवकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कन्हैया, आकाश और वीरेंद्र की उम्र अग्निवीर भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा से अधिक थी। आरोप है कि इसी वजह से तीनों ने कम उम्र वाले दूसरे युवकों के अभिलेख हासिल किए और उनमें कूटरचना कर अपनी फोटो लगा दी। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए और चयनित होकर ट्रेनिंग के लिए चले गए। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान दस्तावेजों पर लगी फोटो और संबंधित युवकों की पहचान में अंतर सामने आने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तीनों ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अजय कुमार, सीओ सदर
विज्ञापन
कोतवाली सदर पुलिस ने कन्हैया निवासी ग्राम बिरारी, आकाश निवासी बीघाखेत महर्रा और वीरेंद्र निवासी ग्राम बीघामहावत के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर चयनित होने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, कन्हैया ने बीघामहावत निवासी यशवंत के अभिलेखों पर अपनी फोटो लगाई थी। इसी तरह आकाश ने गैंचवारा निवासी रामचरन और वीरेंद्र ने बीघामहावत निवासी रामकुमार के अभिलेखों का इस्तेमाल किया था। आरोप है कि तीनों ने दूसरे युवकों के अभिलेखों में कूटरचना कर अपनी फोटो लगाई और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए। चयनित होने के बाद उन्होंने ट्रेनिंग में भी प्रतिभाग किया और इस दौरान सरकारी धन का लाभ प्राप्त किया।
विज्ञापन
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। जांच अधिकारी आरोपियों के भर्ती से संबंधित दस्तावेजों, उनके द्वारा लगाए गए प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेखों को जुटा रहे हैं। इसके अलावा जिन युवकों के मूल दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने इन अभिलेखों को कैसे हासिल किया और दस्तावेजों में कूटरचना किस स्तर पर की गई। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
विज्ञापन
कम उम्र दर्शाने के लिए दूसरे युवकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कन्हैया, आकाश और वीरेंद्र की उम्र अग्निवीर भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा से अधिक थी। आरोप है कि इसी वजह से तीनों ने कम उम्र वाले दूसरे युवकों के अभिलेख हासिल किए और उनमें कूटरचना कर अपनी फोटो लगा दी। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए और चयनित होकर ट्रेनिंग के लिए चले गए। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान दस्तावेजों पर लगी फोटो और संबंधित युवकों की पहचान में अंतर सामने आने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तीनों ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अजय कुमार, सीओ सदर