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भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर की संपूर्ण मानव जाति के स्वस्थ होने की कामना
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भगवान परशुराम की पूजा करते श्रद्वालु
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर/ बार मड़ावरा। भगवान परशुराम का जन्मोत्सव रविवार को घरों में मनाया गया। इसके अलावा इलाइट चौराहा स्थित मंदिर में लॉकडाउन का पालन करते हुए दूर-दूर बैठकर भजन व आरती की गई। इस मौके पर मानव जाति के स्वस्थ होने की कामना की गई।
युवा ब्राह्मण महामंडल ने मंदिर में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया। भगवान का अभिषेक अरविंद रावत ने किया। मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य यजमान अनंतराम तिवारी, सुनील शर्मा, हरीबाबू शर्मा व नवनीत किलेदार रहे। सभी ने भगवान से वर्तमान में इस महामारी से लड़ने की शक्ति प्रदान करने और संपूर्ण मानव जाति पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। नवनीत किलेदार, रविकांत तिवारी, शिवनारायण तिवारी, बबलू पाठक, दीपक चौबे, दीपक पाराशर, गोलू चौबे, बबलू ठेकेदार, नरेंद्र पाठक, जयंत चौबे, शत्रुघ्न शुक्ला आदि लोग शामिल हुए। युवा ब्राह्मण महामंडल द्वारा लोगों को मास्क वितरण किया गया।
उधर, डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक, वैज्ञानिक व धार्मिक दृष्टि से महत्व है। अक्षय तृतीया ज्योतिषीय एवं खगोल शास्त्रीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया में जो वैश्विक महामारी कोरोना का संकट आया है, अक्षय तृतीया के बाद खगोलीय गणना अनुसार यह संकट शीघ्र ही दूर होगा। किसान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा ने घर में पूजा-अर्चना की।
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बार कस्बा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय तृतीया का त्योहार एवं भगवान परशुराम जन्मोत्सव कोरोना वायरस की महामारी के चलते लॉकडाउन होने के कारण सामान्य तरीके से ही मनाया गया। घर में नई मिट्टी के घड़े में पानी भरकर उसके चारों तरफ कलश रखकर दीप जलाया गया। कच्चा एवं पक्का भोजन बनाकर अन्नपूर्णा माता की पूजा की गई। छोटी-छोटी लड़कियां सुबह से पलाश के पेड़ों से नई पत्तों को तोड़कर अपने घर में लाईं और बरगद के पेड़ के पास जाकर मां दुर्गा का पूजन किया। इसी तरह मड़ावरा में श्रीशाला जी मंदिर में पर्व मनाया गया। भगवान परशुराम का जन्मोत्सव सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाया गया। मंदिर के पुजारी एवं गौ सेवा मंडल मडावरा के तहसील अध्यक्ष रामजी तिवारी ने बताया कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठवें अवतार हैं।
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युवा ब्राह्मण महामंडल ने मंदिर में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया। भगवान का अभिषेक अरविंद रावत ने किया। मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य यजमान अनंतराम तिवारी, सुनील शर्मा, हरीबाबू शर्मा व नवनीत किलेदार रहे। सभी ने भगवान से वर्तमान में इस महामारी से लड़ने की शक्ति प्रदान करने और संपूर्ण मानव जाति पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। नवनीत किलेदार, रविकांत तिवारी, शिवनारायण तिवारी, बबलू पाठक, दीपक चौबे, दीपक पाराशर, गोलू चौबे, बबलू ठेकेदार, नरेंद्र पाठक, जयंत चौबे, शत्रुघ्न शुक्ला आदि लोग शामिल हुए। युवा ब्राह्मण महामंडल द्वारा लोगों को मास्क वितरण किया गया।
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उधर, डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक, वैज्ञानिक व धार्मिक दृष्टि से महत्व है। अक्षय तृतीया ज्योतिषीय एवं खगोल शास्त्रीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया में जो वैश्विक महामारी कोरोना का संकट आया है, अक्षय तृतीया के बाद खगोलीय गणना अनुसार यह संकट शीघ्र ही दूर होगा। किसान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा ने घर में पूजा-अर्चना की।
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बार कस्बा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय तृतीया का त्योहार एवं भगवान परशुराम जन्मोत्सव कोरोना वायरस की महामारी के चलते लॉकडाउन होने के कारण सामान्य तरीके से ही मनाया गया। घर में नई मिट्टी के घड़े में पानी भरकर उसके चारों तरफ कलश रखकर दीप जलाया गया। कच्चा एवं पक्का भोजन बनाकर अन्नपूर्णा माता की पूजा की गई। छोटी-छोटी लड़कियां सुबह से पलाश के पेड़ों से नई पत्तों को तोड़कर अपने घर में लाईं और बरगद के पेड़ के पास जाकर मां दुर्गा का पूजन किया। इसी तरह मड़ावरा में श्रीशाला जी मंदिर में पर्व मनाया गया। भगवान परशुराम का जन्मोत्सव सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाया गया। मंदिर के पुजारी एवं गौ सेवा मंडल मडावरा के तहसील अध्यक्ष रामजी तिवारी ने बताया कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठवें अवतार हैं।