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प्रोफेशनल पुलिसिंग पर रहेगा जोर

Fri, 12 Feb 2016 01:07 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Fri, 12 Feb 2016 01:07 AM IST
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ललितपुर। नवागंतुक पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान ने कहा कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को प्रोफेशनल किया जाएगा। उनका प्रयास है कि जनपद में प्रोफेशनल पुलिसिंग लागू की जाए।
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बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी मो. इमरान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के तौर पर यह उनकी पहली नियुक्ति है। वर्ष 2011 के आईपीएस के तौर पर उत्तर प्रदेश कैडर में उनकी पहली नियुक्ति सीओ मुरादाबाद में रही। इसके बाद एसपी ग्रामीण मुरादाबाद व एसपी सीबीसीआईडी लखनऊ में नियुक्त रहे। जनपद की भौगोलिक स्थिति व समस्याओं को समझने के लिए उन्होंने कहा कि रिमोट एरिया में ओवरनाइट कैंप का आयोजन किया जाएगा। दूरस्थ गांवों में रात्रि शिविर के जरिये आमजन को समझने का मौका मिलेगा। थानों में आने वाली समस्याओं को उनके समाधान तक फॉलो किया जाएगा। पीड़ितों की समस्याओं को पूर्ण रुप से सुलझाने के निर्देश थानाध्यक्षों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका पहला प्रयास पुलिस महानिदेशक के संदेश व निर्देशों का पालन कराना है।  इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह, सीओ सदर ओमकार यादव, सीओ नाराहाट बल्देव सिंह आदि मौजूद रहे।
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सडीजीपी के निर्देशों के पालन से हलचल
एसपी द्वारा डीजीपी के आदेशों को अपनी प्राथमिकता में शामिल करने की बात कहने से पुलिस महकमे में हलचल शुरू हो गई है। क्योंकि, डीजीपी ने हाल में ही थानाध्यक्षों की नियुक्ति के लेकर गाइड लाइन जारी की थी। लेकिन, जिले में गाइड लाइन के विपरीत कई थानों के प्रभारी नियुक्त हैं। अगर गाइड लाइन का पालन किया जाता है, तो जनपद के थानों में फेरबदल होना तय है।
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आनलाइन हो सारे मामलों की रिपोर्टिंग
कार्यभार संभालने के बाद एसपी ने सबसे पहले क्राइम एंड कंट्रोल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) विंग का निरीक्षण किया। सीसीटीएनएस प्रभारी से उन्होंने आईआईएफ प्रारूपों के आनलाइन क्रियांवयन के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रभारी ने बताया जनवरी में माह 72 फीसदी आईआईएफ प्रारूप आनलाइन भरे गए हैं। आईआईएफ एक से पांच तक प्रारूप होते हैं। इन प्रारूपों में एफआईआर, अपराध विवरण, गिरफ्तारी, संपत्ति जब्तीकरण, चार्जशीट व फाइनल रिपोर्ट का विवरण होता है। एसपी ने 100 फीसदी आईआईएफ प्रारूप आनलाइन भरे जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय दस्तावेजों को विभागीय ई-मेल सिस्टम क्यू मेल के जरिये आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए।
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