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Lalitpur News: बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में न्यायालय में पेश हुए कोतवाल, दिया स्पष्टीकरण

Thu, 25 Sep 2025 04:46 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 04:46 AM IST
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Police Inspector appears in court in Bajaj Finance fraud case, gives clarification
- महिला ने दिया था सीजेएम न्यायालय में प्रार्थनापत्र, गैरकानूनी अभिरक्षा का लगाया था आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रविशंकर गुप्ता ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को नोटिस दिया था, इसके बाद वह बुधवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश हुए, जहां उन्होंने अपना स्पष्टीकरण पेश किया।
नेहरूनगर निवासी सोफिया पुत्री जहीर ने बीते 16 सितंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसकी मां राशिदा बानो और भाई सानू उर्फ राशिद खां को कोतवाली पुलिस 14 सितंबर को दोपहर में गिरफ्तार कर लाई थी। इसके बाद आज तक उन्हें न तो गिरफ्तार होना बताया गया और न ही किसी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अनधिकृत रूप से उसकी मां को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के नाम पर उसके भाई व मां के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज तलब करने की मांग की थी। इस पर न्यायालय ने 19 सितंबर को कोतवाली से आख्या मांगी थी। लेकिन कोतवाली से कोई आख्या नहीं देने पर सीजेएम ने पुलिस अधीक्षक और कोतवाली प्रभारी को नोटिस जारी कर 24 सितंबर को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। इस मामले में बुधवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी सीजेएम न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और न्यायालय के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इसके बाद न्यायालय ने उक्त मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। अधिवक्ता लखन यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक मामले में पुलिस से सीसीटीवी सुरक्षित करने को आदेश दिया था।
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सीसीटीवी फुटेज मिलने पर सच्चाई आएगी सामने
न्यायालय द्वारा यदि कोतवाली पुलिस से उक्त मामले में सीसीटीवी फुटेज तलब की जाती है तो उक्त आरोपियों के साथ ही शिवम राठौर के मुहर के साथ कोतवाली पकड़कर ले जाने के मामले में भी सच्चाई सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि पुलिस ने आरोपियों को कब गिरफ्तार किया था और न्यायालय में कितने दिन बाद पेश किया गया।
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