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कच्चे रास्ते, गलियों में भर रहा पानी, कीचड़
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शहर के मोहल्ला पिसनारी बाग की सड़क पर हुआ कीचड़
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। शहर के मोहल्ला पिसनारी बाग में आनंदपुर आश्रम के पहले शहर के बाई ओर लगातार नए मकान और कालोनियों का निर्माण हो रहा है, लेकिन यहां ना तो पक्की सड़क बनाई गई और न ही नालियों का निर्माण किया गया। जिसके चलते यहां सैकड़ों मकान बनने के बाद भी घरों से निकलने वाला पानी गलियों का कच्ची सड़कों में जमा हो रहा है।
शहर का विस्तार होने के साथ ही नए मकानों भवनों का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। शहर के मोहल्ला पर पिसनारी बाग में आनंदपुर आश्रम के आसपास भी तेजी से नए भवनों का निर्माण हो रहा है। राजघाट रोड पर आनंदपुर आश्रम के ठीक पहले नहर के बाईं ओर बीते कुछ वर्षों में खाली पड़ी जमीनों की प्लॉटिंग करते हुए यहां नई कॉलोनी बस गई है। यहां सैकड़ों मकान बन गए लेकिन ना तो सड़क का पक्का निर्माण किया गया और न ही नालियां बनाई गई। हालांकि सड़क के लिए रास्ता जरूर
छोड़ दिया गया, जिसके चलते यहां घरों का पानी निकलकर कच्चे रास्तों व गलियों में जमा होता रहता है, जिससे यहां हर समय गंदगी का आलम बना रहता है। बारिश के दिनों में यहां हर वर्ष पूरे मोहल्ले में कीचड़ ही कीचड़ बन जाता है। वर्तमान में भी यही हालात हैं, थोड़ी सी बारिश में भी यहां कीचड़ ही कीचड़ दिखाई दे रहा है। यहां के निवासी प्रशांत कुमार, हर कुंवरबाई, बृजेंद्र लोधी, दिनेश प्रजापति, जामवती और सविता ने कहा कि शहर में कहीं और प्लाट और मकान लेने में बहुत पैसा खर्च होता है। इसलिए यहां हैसियत के अनुसार मकान बनवाया है। पहले यहां सड़क निर्माण की आस थी, लेकिन अभी तक सड़क, नाली नहीं होने से गांव जैसा ही रहना पड़ा रहा है।
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शहर का विस्तार होने के साथ ही नए मकानों भवनों का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। शहर के मोहल्ला पर पिसनारी बाग में आनंदपुर आश्रम के आसपास भी तेजी से नए भवनों का निर्माण हो रहा है। राजघाट रोड पर आनंदपुर आश्रम के ठीक पहले नहर के बाईं ओर बीते कुछ वर्षों में खाली पड़ी जमीनों की प्लॉटिंग करते हुए यहां नई कॉलोनी बस गई है। यहां सैकड़ों मकान बन गए लेकिन ना तो सड़क का पक्का निर्माण किया गया और न ही नालियां बनाई गई। हालांकि सड़क के लिए रास्ता जरूर
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छोड़ दिया गया, जिसके चलते यहां घरों का पानी निकलकर कच्चे रास्तों व गलियों में जमा होता रहता है, जिससे यहां हर समय गंदगी का आलम बना रहता है। बारिश के दिनों में यहां हर वर्ष पूरे मोहल्ले में कीचड़ ही कीचड़ बन जाता है। वर्तमान में भी यही हालात हैं, थोड़ी सी बारिश में भी यहां कीचड़ ही कीचड़ दिखाई दे रहा है। यहां के निवासी प्रशांत कुमार, हर कुंवरबाई, बृजेंद्र लोधी, दिनेश प्रजापति, जामवती और सविता ने कहा कि शहर में कहीं और प्लाट और मकान लेने में बहुत पैसा खर्च होता है। इसलिए यहां हैसियत के अनुसार मकान बनवाया है। पहले यहां सड़क निर्माण की आस थी, लेकिन अभी तक सड़क, नाली नहीं होने से गांव जैसा ही रहना पड़ा रहा है।
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