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86 बंदी व कैदियों की दस जुलाई तक बढ़ी पैरोल
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jail
- फोटो : jail
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ललितपुर। जिला जेल में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जेल से पेरोल पर रिहा किए गए 86 बंदी व कैदियों की पेरोल अवधि अब 10 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। जेल में बंदियों के लिए मास्क व सैनीटाइजर का उपयोग करना पड़ रहा है, ताकि कोरोना महामारी से बचाव किया जा सका। बंदियों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें तुलसी, दानचीन व कालीमिर्च का काढ़ा दिया जा रहा है।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25 मार्च से देश में लॉकडाउन किया गया था। जेल में कोरोना महामारी फैलने के खतरे को देखते हुए बंदियों को पेरोल पर रिहा करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत जेल प्रशासन द्वारा जिला जेल में निरुद्घ कुल 86 बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया है। लेकिन, अभी भी खतरा कम नहीं हुआ है और अन्य जनपदों में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कोर्ट के निर्णय पर जिला जेल से पेरोल पर छोड़े गए सभी 86 बंदियों के पेरोल का समय दस जुलाई तक और बढ़ा दिया गया है।
जेल में बंद चल रहे बंदियों व कैदियों को शासन के निर्देश के अनुसार मास्क, सैनीटाइजर व साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बाहरी जनपदों से आने वाले बंदियों को एंट्री वर्जित कर दी गई है।
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रखा जा रहा 14 दिन क्वारंटीन
जेल में पहुंचने वाले नए बंदियों व कैदियों को कोरोना महामारी के चलते अलग बैरक में सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए 14 दिन तक क्वारंटीन की व्यवस्था की गई है, ताकि वह सीधे बैरक में पहुंचकर अन्य बंदियों के संपर्क में न आ जाएं। जिला जेल के चिकित्सक द्वारा जेल में बंदियों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए स्क्रीनिंग एवं अन्य स्वास्थ्य के उपाय भी किए जा रहे हैं।
इम्युनिटी बढ़ाने को दिया जा रहा काढ़ा
कोरोना कोरोना महामारी के इस दौर में जेल में बंदियों व कैदियों को उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए जेल प्रशासन द्वारा आयुषमान भारत के मानकों के अनुसार तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च व नमक का विशेष काढ़ा बनाकर दिया जा रहा है, ताकि बंदियों की इम्युनिटी बढ़ाई जा सके।
बंदियों के स्वाद का भी रखा जा रहा ध्यान
जेल में निरुद्घ बंदियों को वैसे तो सप्ताह के छह दिन में रोटी, दाल, चावल व कढ़ी बनाकर दी जाती है, लेकिन रविवार की शाम को बंदियों के स्वाद का विशेष ध्यान दिया जाता है। रविवार की शाम को जेल प्रशासन द्वारा कैदियों व बंदियों के लिए हलवा, पूड़ी व एक सब्जी बनाकर दी जाती है, ताकि उनका स्वाद बदला जा सके।
कोरोना काल के दौरान पेरोल पर छोड़े गए 86 बंदियों व कैदियों के पेरोल का समय 10 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। आगे जो निर्देश आएंगे, उसके अनुुसार पालन किया जाएगा। जेल में बंदियों के लिए मास्क व सैनीटाइज के साथ ही आयुष्मान भारत के मानक के अनुसार बंदियों में इम्युनिटी बढ़ाने के लए तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च का काढ़ा बनाकर दिया जा रहा है। रविवार की शाम को बंदियों के स्वाद के लिए खाने में बदलाव भी किया गया है।
- बीके मिश्रा, जेल अधीक्षक, जिला कारागार।
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25 मार्च से देश में लॉकडाउन किया गया था। जेल में कोरोना महामारी फैलने के खतरे को देखते हुए बंदियों को पेरोल पर रिहा करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत जेल प्रशासन द्वारा जिला जेल में निरुद्घ कुल 86 बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया है। लेकिन, अभी भी खतरा कम नहीं हुआ है और अन्य जनपदों में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कोर्ट के निर्णय पर जिला जेल से पेरोल पर छोड़े गए सभी 86 बंदियों के पेरोल का समय दस जुलाई तक और बढ़ा दिया गया है।
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जेल में बंद चल रहे बंदियों व कैदियों को शासन के निर्देश के अनुसार मास्क, सैनीटाइजर व साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बाहरी जनपदों से आने वाले बंदियों को एंट्री वर्जित कर दी गई है।
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रखा जा रहा 14 दिन क्वारंटीन
जेल में पहुंचने वाले नए बंदियों व कैदियों को कोरोना महामारी के चलते अलग बैरक में सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए 14 दिन तक क्वारंटीन की व्यवस्था की गई है, ताकि वह सीधे बैरक में पहुंचकर अन्य बंदियों के संपर्क में न आ जाएं। जिला जेल के चिकित्सक द्वारा जेल में बंदियों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए स्क्रीनिंग एवं अन्य स्वास्थ्य के उपाय भी किए जा रहे हैं।
इम्युनिटी बढ़ाने को दिया जा रहा काढ़ा
कोरोना कोरोना महामारी के इस दौर में जेल में बंदियों व कैदियों को उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए जेल प्रशासन द्वारा आयुषमान भारत के मानकों के अनुसार तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च व नमक का विशेष काढ़ा बनाकर दिया जा रहा है, ताकि बंदियों की इम्युनिटी बढ़ाई जा सके।
बंदियों के स्वाद का भी रखा जा रहा ध्यान
जेल में निरुद्घ बंदियों को वैसे तो सप्ताह के छह दिन में रोटी, दाल, चावल व कढ़ी बनाकर दी जाती है, लेकिन रविवार की शाम को बंदियों के स्वाद का विशेष ध्यान दिया जाता है। रविवार की शाम को जेल प्रशासन द्वारा कैदियों व बंदियों के लिए हलवा, पूड़ी व एक सब्जी बनाकर दी जाती है, ताकि उनका स्वाद बदला जा सके।
कोरोना काल के दौरान पेरोल पर छोड़े गए 86 बंदियों व कैदियों के पेरोल का समय 10 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। आगे जो निर्देश आएंगे, उसके अनुुसार पालन किया जाएगा। जेल में बंदियों के लिए मास्क व सैनीटाइज के साथ ही आयुष्मान भारत के मानक के अनुसार बंदियों में इम्युनिटी बढ़ाने के लए तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च का काढ़ा बनाकर दिया जा रहा है। रविवार की शाम को बंदियों के स्वाद के लिए खाने में बदलाव भी किया गया है।
- बीके मिश्रा, जेल अधीक्षक, जिला कारागार।