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Lalitpur News: ब्रिटिश हुकूमत में हुए चुनाव में पहली बार यहां आए थे पं. नेहरू

Sat, 13 Apr 2024 01:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:16 AM IST
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Pandit Nehru came here for the first time during the elections held during the British rule.
अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। ब्रिटिश शासन ने गांधी जी के सत्याग्रह आंदोलन से आहत होकर सन 1937 में असेंबली के चुनाव कराए थे, जिसमें पं जवाहर लाल नेहरू ने बढ़-चढ़कर कांग्रेस को जिताने का बिगुल फूंका था। पं नेहरू टीकमगढ़ में प्रचार करते हुए पुराने जमाने की खुली फोर्ड गाड़ी से ललितपुर आए और तुवन मंदिर मैदान पर जनसभा को संबोधित किया था।
नेहरू महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य भगवत नारायण शर्मा ने बताया कि वर्ष 1937 में पं. जवाहर लाल नेहरू ने सावरकर चौक पर गाड़ी रोककर नागरिकों से पूछा कि मेरी मीटिंग का सभास्थल कहां है। लोगों ने कहा कि इसी रोड पर सीधे चले जाइए और तुवन मंदिर मैदान में आपकी मीटिंग आयोजित की गई है। परंतु उत्साही कांग्रेस जनों ने कहा कि कृपया लोहा पीतल बाजार से होकर जाइए, यहां आपके स्वागत के लिए द्वार सजाए गए हैं। नेहरू जी समझ गए कि अगर हम स्वागत के फेर में उलझे तो अगली मीटिंग में झांसी पहुंचना असंभव हो जाएगा और वे तत्काल अपनी खुली गाड़ी से उतर गए और दौड़ लगाते हुए सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों से पूछते चले गए कि तुवन ग्राउंड कहां है।
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उत्साह से लबरेज जनता उन्हें संकेत करती गई और पीछे-पीछे उनके साथ दौड़ती भी गई। जैसे ही पं नेहरू मंच पर पहुंचे तो उन्होंने अपने अति संक्षिप्त भाषण में कहा कि अपने वोट की झाडू से देश में व्याप्त गुलामी के कूड़ा-करकट को झाड़ दीजिए, जिससे समता और न्याय आधारित नए भारत का सूर्योदय हो सके। उनके प्रस्थान करते समय ललितपुर के तालाबपुरा निवासी जवाहर नाम के कुशवाहा नेता ने यहां के मोटे अनाज की बालियां उन्हें भेंट की और कहा हम गरीब आधा पेट रहकर जैसे तैसे अपना पिटभन्ना (भरण पोषण ) करते रहते हैं।
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नेहरू ने इस भोले-भाले किसान को गले लगाते हुए कहा कि अब भारत की आजादी नजदीक आ गई है और अपने झांसी के अगले पड़ाव के लिए रुख कर लिया, लेकिन रास्ते में उनकी गाड़ी खराब हो गई और समय से वे झांसी की सभा में नहीं पहुंच पाए। रात में तांगे से झांसी के कांग्रेसी नेता शिवानी वकील के घर पहुंचे और वहीं ठहरे।


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हवाई पट्टी पर उतरा था नेहरू का प्लेन
तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू वर्ष 1953 में सिवनी गांव स्थित हवाई पट्टी पर अपने विमान से उतरे थे, जहां वरिष्ठ कांग्रेसी पं रामनारायण शर्मा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष नंदकिशोर किलेदार व बद्री नारायण चौबे ने उनकी अगुवानी की थी। सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. भगवत नारायण शर्मा ने बताया कि वह कुछ देर रुकने के बाद सागर के लिए रवाना हो गए थे।
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