ललितपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आते ही प्रलोभन का खेल शुरू हो गया है। गांवों में वोटरों को रिझाने के लिए दावतें दी जा रही हैं। यही नहीं, लोगों की मांग पर शराब परोसने में भी कोई गुरेज नहीं किया जा रहा है। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की अचानक खपत बढ़ गई है। ऐसे में इसे रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है। पदवार प्रस्तावित आरक्षण घोषित किया जा चुका है, जिस पर आपत्तियां मांगी गईं थीं, इस पर आपत्ति लेने का समय पूरा हो चुका है। अब दर्ज आपत्तियों का निस्तारण समिति द्वारा किया जाएगा। इसके बाद चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। प्रस्तावित आरक्षण घोषित होते ही संभावित प्रत्याशियों ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दीं है। चुनाव में संभावित प्रत्याशी जीत पाने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए विभिन्न हथकंडे अपना रहे। दिन में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकें करने का दौर शुरू हो गया है। जिसमें विकास के वादे देकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो शाम होते ही शराब बांट कर मतदाताओं को पक्ष में मतदान के लिए प्रलोभन दे रहे हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतों में शराब बांटने का दौर शुरू हो गया है। शाम होते ही क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशी घूम कर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। इससे क्षेत्रों में विवाद की स्थिति बनने की संभावना बन सकती है। वहीं शराब के साथ मतदाताओं को पैसों में लुभाने के लिए भी टटोला जा रहा हैं। पैसों में भी मतदाताओं की खरीद-फरोख्त की तैयारियां जोरों पर चल रहीं है। चुनाव में पुलिस को शराब बांटना व पैसों को बांटने से रोकना चुनौती बनता जा रहा है।