फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Paisent treatment disturb becase private hospital close

निजी अस्पतालें बंद होने से मरीजों को इलाज में हुई परेशानी

Fri, 27 Mar 2020 11:30 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 11:30 PM IST
विज्ञापन
Paisent treatment disturb becase private hospital close
ललितपुर। जिले में आम लोगों को इलाज की सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही हैं। जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर शासन ने ओपीडी सेवा बंद कर दी। शुक्रवार को भीड़ के कारण निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब बंद होने से बीमारों की परेशानी बढ़ना तय है।
विज्ञापन

जिले में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए न तो बड़े अस्पताल हैं और न ही नर्सिंग होम है। ऐसे में जनपदवासियों के इलाज की इकलौती आस जिला अस्पताल माना जाता है। यहां पर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों व शहर के लोग इलाज कराने लिए आते हैं। स्थिति यह है कि सामान्य दिनों में भी एक हजार से अधिक मरीज इलाज को आते हैं। लेकिन, इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व सामान्य जांचें बंद कर दी गई हैं। अब जिला अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा ही मुहैया कराई जा रही है। ऐसे में आम लोगों को इलाज के लिए परेशानी हो रही है। सीमाएं सील होने से मरीज इलाज कराने के लिए अन्य बड़े शहरों की ओर रुख नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार को शहर में निजी अस्पताल व पैथोलॉजी भी बंद कर दी गईं। इससे आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज निजी अस्पतालों में इलाज की आस में चिकित्सकों को खोजते रहे। चिकित्सक नहीं मिलने पर परेशानी बढ़ गई। इक्का- दुक्का चिकित्सक मिले, जिन्होंने जांच के लिए लिखा। लेकिन, पैथोलॉजी बंद रहीं। इससे मर्ज की जांच नहीं हो पाई और न इलाज मिल सका। अस्पतालों के बंद होने से इलाज कराने का संकट रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

फ्लू व फीवर क्लीनिक में सीमित इलाज
जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा आइसोलेशन वार्ड में फ्लू व फीवर क्लीनिक संचालित किया जा रहा है। इसमें केवल अधिक जुकाम, खांसी व तेजबुखार के मरीजों को इलाज की सुविधा की गई है। इससे सामान्य व अन्य मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां पर तैनात गार्डों व स्टाफ द्वारा मर्ज की जानकारी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
निजी अस्पतालों में भीड़ अधिक हो रही थी। इससे संक्रमण के फैलने की संभावना थी। इससे निजी अस्पतालों को बंद करा दिया गया है।
- अनिल कुमार मिश्र
अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed