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आश्रम पद्धति विद्यालय, अब नवोदय पैटर्न में
ब्यूरो ललितपुर।
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:25 AM IST
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ललितपुर। तालबेहट तहसील में संचालित हो रहे राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल के अब दिन बदलने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने सभी राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल नवोदय विद्यालय के पैटर्न पर संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता की पढ़ाई के लिए यूपी बोर्ड के स्थान पर अब इन विद्यालयों को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) से संबद्ध किया जाएगा।
अगले सत्र से राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को नवोदय विद्यालय में मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके अलावा अब उक्त विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। समाज कल्याण विभाग से संचालित होने वाले राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा मुहैया कराई जाती है। प्रदेश सरकार के नए फैसले के बाद राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के स्वरूप बदलने से यहां पर पढ़ाई का अच्छा माहौल बनने की संभावना है।
खत्म होगी एक से पांच की कक्षाएं
अभी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन होता है। प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार अब इन विद्यालयों में कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। कक्षा एक से कक्षा पांच को खत्म कर दिया जाएगा। इसमें हर साल एक कक्षा को बंद किया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2016-17 में कक्षा एक में कोई प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2020- 21 तक कक्षा एक से पांच तक को समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद नवोदय विद्यालय की तरह ही कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित होंगी।
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मेरिट पर होगा प्रवेश
कक्षा छह में छात्रों का नामांकन नवोदय विद्यालय की तरह प्रवेश परीक्षा आयोजित कराकर मेरिट के आधार पर किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया पूरे प्रदेश में दिसंबर माह में पूर्ण करायी जाएगी, इसका कार्यक्रम निदेशक समाज कल्याण द्वारा जारी किया जाएगा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 85 फीसदी छात्र ग्रामीण तबके व 15 फीसदी शहरी इलाकों से लिए जाएंगे। संस्था में 60 फीसदी अनुसूचित जन जाति/अनुसूचित जाति, 25 फीसदी अन्य पिछड़ा व र्ग व 15 फीसदी सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छह से बारह तक प्रत्येक कक्षा के दो-दो सेक्शन संचालित होंगे, जिनमें 35- 35 छात्र होंगे।
स्मार्ट क्लासेज का होगा संचालन
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में पढ़ाई का ढंग व कलेवर पूरी तरह बदल दिया जाएगा। कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को हिंदी माध्यम व कक्षा 9 से 12 तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। इसके अलावा कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं को स्मार्ट क्लास के तौर पर संचालित किया जाएगा। छात्रों को इंटरनेट के जरिए हाईटेक तकनीक से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यालय में कंप्यूटर लैब व लाइब्रेरी का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही इनडोर व आउटडोर स्पोर्ट्स की सुविधा भी होगी।
नवोदय की तरह मिलेगी सुविधाएं
आश्रम पद्धति विद्यालयों में छात्रों को नवोदय विद्यालय की तरह ही सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें प्रत्येक छात्र को बिस्तर, ड्रेस, स्वेटर, जूते- मोजे, हवाई चप्पल, दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे टूथपेस्ट, साबुन आदि भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति छात्र के हिसाब से भोजन व्यय के लिए 2,250 रुपए प्रति माह, पाठ्य पुस्तकें कक्षा एक से आठ तक के लिए 765 रुपए, कक्षा 9 से 10 के लिए 1,500 रुपए व कक्षा 11 से 12 के लिए तीन हजार रुपये प्रतिवर्ष दिया जाएगा। इसके अलावा प्रति छात्र करीब चार हजार रुपए प्रति वर्ष की दर से कपड़ों के भी दिए जाएंगे।
स्टाफ को भी मिलेगी सुविधाएं
आश्रम पद्धति विद्यालय में कार्यरत स्टाफ के लिए कालोनी और भत्तों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानाचार्य के लिए टाइप चार का मकान, शैक्षणिक स्टाफ के लिए दो रूम सेट की कालोनी व गैर शैक्षणिक स्टाफ के लिए एक रूम सेट कालोनी का निर्माण किया जाएगा।
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अगले सत्र से राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को नवोदय विद्यालय में मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके अलावा अब उक्त विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। समाज कल्याण विभाग से संचालित होने वाले राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा मुहैया कराई जाती है। प्रदेश सरकार के नए फैसले के बाद राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के स्वरूप बदलने से यहां पर पढ़ाई का अच्छा माहौल बनने की संभावना है।
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खत्म होगी एक से पांच की कक्षाएं
अभी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन होता है। प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार अब इन विद्यालयों में कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। कक्षा एक से कक्षा पांच को खत्म कर दिया जाएगा। इसमें हर साल एक कक्षा को बंद किया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2016-17 में कक्षा एक में कोई प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2020- 21 तक कक्षा एक से पांच तक को समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद नवोदय विद्यालय की तरह ही कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित होंगी।
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मेरिट पर होगा प्रवेश
कक्षा छह में छात्रों का नामांकन नवोदय विद्यालय की तरह प्रवेश परीक्षा आयोजित कराकर मेरिट के आधार पर किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया पूरे प्रदेश में दिसंबर माह में पूर्ण करायी जाएगी, इसका कार्यक्रम निदेशक समाज कल्याण द्वारा जारी किया जाएगा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 85 फीसदी छात्र ग्रामीण तबके व 15 फीसदी शहरी इलाकों से लिए जाएंगे। संस्था में 60 फीसदी अनुसूचित जन जाति/अनुसूचित जाति, 25 फीसदी अन्य पिछड़ा व र्ग व 15 फीसदी सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छह से बारह तक प्रत्येक कक्षा के दो-दो सेक्शन संचालित होंगे, जिनमें 35- 35 छात्र होंगे।
स्मार्ट क्लासेज का होगा संचालन
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में पढ़ाई का ढंग व कलेवर पूरी तरह बदल दिया जाएगा। कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को हिंदी माध्यम व कक्षा 9 से 12 तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। इसके अलावा कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं को स्मार्ट क्लास के तौर पर संचालित किया जाएगा। छात्रों को इंटरनेट के जरिए हाईटेक तकनीक से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यालय में कंप्यूटर लैब व लाइब्रेरी का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही इनडोर व आउटडोर स्पोर्ट्स की सुविधा भी होगी।
नवोदय की तरह मिलेगी सुविधाएं
आश्रम पद्धति विद्यालयों में छात्रों को नवोदय विद्यालय की तरह ही सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें प्रत्येक छात्र को बिस्तर, ड्रेस, स्वेटर, जूते- मोजे, हवाई चप्पल, दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे टूथपेस्ट, साबुन आदि भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति छात्र के हिसाब से भोजन व्यय के लिए 2,250 रुपए प्रति माह, पाठ्य पुस्तकें कक्षा एक से आठ तक के लिए 765 रुपए, कक्षा 9 से 10 के लिए 1,500 रुपए व कक्षा 11 से 12 के लिए तीन हजार रुपये प्रतिवर्ष दिया जाएगा। इसके अलावा प्रति छात्र करीब चार हजार रुपए प्रति वर्ष की दर से कपड़ों के भी दिए जाएंगे।
स्टाफ को भी मिलेगी सुविधाएं
आश्रम पद्धति विद्यालय में कार्यरत स्टाफ के लिए कालोनी और भत्तों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानाचार्य के लिए टाइप चार का मकान, शैक्षणिक स्टाफ के लिए दो रूम सेट की कालोनी व गैर शैक्षणिक स्टाफ के लिए एक रूम सेट कालोनी का निर्माण किया जाएगा।