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Lalitpur News: ट्रेनों में बढ़ी भीड़ से महिलाओं, बच्चों को हुई परेशानी, कई ट्रेन आईं देरी से
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- मालवा साढ़े तीन घंटे, गीता जयंती पौने चार और गोंडवाना पांच घंटे देरी से आई
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दीपावली के बाद ट्रेनों में लौटने वालों की भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में भाईदूज पर भाइयों को तिलक करने जा रहीं महिलाओं को ट्रेनों में परेशान होना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी कई ट्रेन घंटों देरी से आईं। जिससे कई यात्रियों ने एक ट्रेन छोड़ दूसरे को पकड़ लिया।
भोपाल की ओर जाने वाली कई ट्रेनें बृहस्पतिवार को भी घंटों देरी से आईं। अधिकांश ट्रेनों में दीपावली के बाद लौटने वाले यात्रियों की काफी भीड़ रही। इसके चलते भाईदूज पर तिलक करने मायके जा रहीं बहनों को ट्रेनों में यात्रा करते समय परेशान होना पड़ा। प्रयागराज से मुंबई की ओर जाने वाली तुलसी एक्सप्रेस बुधवार की रात्रि 2:50 बजे के स्थान पर 2.50 घंटे विलंब होकर सुबह 5:40 बजे ललितपुर स्टेशन पर आई। कुरूक्षेत्र से चलकर झांसी, ललितपुर होकर खजुराहो को जाने वाली गीता जयंती एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को तड़के पौने चार बजे के स्थान पर 2:56 घंटे विलंब होकर सुबह 6:51 बजे आई। इंदाैर जाने वाली मालवा एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे देरी से आई। वहीं, पटना-इंदौर एक्सप्रेस सुबह 5:43 बजे के स्थान पर तीन घंटे देरी से आई। भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी पौने दो घंटे देरी से ललितपुर स्टेशन आई। इसी प्रकार साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन भी पौने दो घंटे विलंब से आई। वहीं बुधवार की रात को 9:58 बजे आने वाली राजगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस पांच घंटे विलंब होकर देर रात के बाद 3:05 बजे आई।
जबकि श्रीधाम एक्सप्रेस भी बुधवार की रात को 10:37 बजे के स्थान पर 6:38 घंटा विलंब होकर तड़के 4:15 बजे ललितपुर स्टेशन पर पहुंची। खजुराहो की ओर जाने वाली बलिया एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के स्थान पर साढ़े तीन घंटे विलंब होकर सुबह 11:30 बजे आई। उत्कल एक्सप्रेस भी तीन घंटे विलंब होकर रात 8:21 बजे के स्थान पर रात 11:18 बजे ललितपुर स्टेशन पर आई। ट्रेनों के दो से तीन घंटे लेट होने के कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई। इस कारण से महिलाओं और बच्चों को काफी परेशान होना पड़ा। कई महिलाओं की तो ट्रेन भी छूट गई, जिस पर महिलाओं को मायके जाने के लिए परेशान होना पड़ा और कई महिलाओं ने दूसरी ट्रेन पकड़कर यात्रा की। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल रही हैं, बाकी ट्रेनें तो अपने निर्धारित समय से चल रही हैं।
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फोटो-18
कैप्सन -राजकुमारी सेन।
भाईदूज के पर्व पर भाइयों को तिलक करने के लिए गंजबासौदा जाना है। पहले पंजाबमेल एक्सप्रेस से जाना था, लेकिन इस ट्रेन में चढ़ने तक को जगह नहीं मिली, जिससे वह ट्रेन छोड़नी पड़ी। अब छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से गंजबासौदा जा रही हूं। बच्चे भी साथ में हैं और अधिक भीड़ होने पर बच्चों को अधिक परेशानी होती है। -राजकुमारी सेन, यात्री
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फोटो-19
कैप्सन-मंजू सिंह चौहान।
भाईदूज पर बच्चों को लेकर मऊरानीपुर स्थित मायके जा रही हूं। पंजाबमेल से पहले झांसी जाएंगे, इसके बाद वहां से अन्य ट्रेन या बस से मऊरानीपुर में भाइयों को तिलक करने जाऊंगी। ट्रेनों में भीड़ अधिक होने से परेशानी हो रही है।
-मंजू सिंह चौहौन, यात्री
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फोटो-20
कैप्सन-शालू रिछारिया।
भाईदूज पर सागर जाना है। इसके चलते पहले समता एक्सप्रेस से बीना और फिर वहां से अन्य ट्रेन से सागर जाऊंगी। बेटी साथ में है और ट्रेन में बहुत भीड़ है। ट्रेन में बैठने तक को जगह नहीं मिल रही।
-शालू रिछारिया, यात्री।
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फोटो-21
कैप्सन-मोनिका।
पंजाबमेल से गंजबासौदा जाना था, लेकिन उस ट्रेन में बहुत भीड़ थी, ट्रेन में खड़े होेने को भी जगह नहीं मिली। इसलिए अब दूसरी ट्रेन से गंजबसौदा जाऊंगी। बच्चा छोटा है और ट्रेन में बच्चे को परेशान होना पड़ता, इसलिए वह ट्रेन छोड़ दी, अब छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से गंजबासौदा स्थित मायके जाकर भाइयों को तिलक करूंगी।
-मोनिका, यात्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दीपावली के बाद ट्रेनों में लौटने वालों की भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में भाईदूज पर भाइयों को तिलक करने जा रहीं महिलाओं को ट्रेनों में परेशान होना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी कई ट्रेन घंटों देरी से आईं। जिससे कई यात्रियों ने एक ट्रेन छोड़ दूसरे को पकड़ लिया।
भोपाल की ओर जाने वाली कई ट्रेनें बृहस्पतिवार को भी घंटों देरी से आईं। अधिकांश ट्रेनों में दीपावली के बाद लौटने वाले यात्रियों की काफी भीड़ रही। इसके चलते भाईदूज पर तिलक करने मायके जा रहीं बहनों को ट्रेनों में यात्रा करते समय परेशान होना पड़ा। प्रयागराज से मुंबई की ओर जाने वाली तुलसी एक्सप्रेस बुधवार की रात्रि 2:50 बजे के स्थान पर 2.50 घंटे विलंब होकर सुबह 5:40 बजे ललितपुर स्टेशन पर आई। कुरूक्षेत्र से चलकर झांसी, ललितपुर होकर खजुराहो को जाने वाली गीता जयंती एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को तड़के पौने चार बजे के स्थान पर 2:56 घंटे विलंब होकर सुबह 6:51 बजे आई। इंदाैर जाने वाली मालवा एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे देरी से आई। वहीं, पटना-इंदौर एक्सप्रेस सुबह 5:43 बजे के स्थान पर तीन घंटे देरी से आई। भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी पौने दो घंटे देरी से ललितपुर स्टेशन आई। इसी प्रकार साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन भी पौने दो घंटे विलंब से आई। वहीं बुधवार की रात को 9:58 बजे आने वाली राजगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस पांच घंटे विलंब होकर देर रात के बाद 3:05 बजे आई।
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जबकि श्रीधाम एक्सप्रेस भी बुधवार की रात को 10:37 बजे के स्थान पर 6:38 घंटा विलंब होकर तड़के 4:15 बजे ललितपुर स्टेशन पर पहुंची। खजुराहो की ओर जाने वाली बलिया एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के स्थान पर साढ़े तीन घंटे विलंब होकर सुबह 11:30 बजे आई। उत्कल एक्सप्रेस भी तीन घंटे विलंब होकर रात 8:21 बजे के स्थान पर रात 11:18 बजे ललितपुर स्टेशन पर आई। ट्रेनों के दो से तीन घंटे लेट होने के कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई। इस कारण से महिलाओं और बच्चों को काफी परेशान होना पड़ा। कई महिलाओं की तो ट्रेन भी छूट गई, जिस पर महिलाओं को मायके जाने के लिए परेशान होना पड़ा और कई महिलाओं ने दूसरी ट्रेन पकड़कर यात्रा की। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल रही हैं, बाकी ट्रेनें तो अपने निर्धारित समय से चल रही हैं।
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कैप्सन -राजकुमारी सेन।
भाईदूज के पर्व पर भाइयों को तिलक करने के लिए गंजबासौदा जाना है। पहले पंजाबमेल एक्सप्रेस से जाना था, लेकिन इस ट्रेन में चढ़ने तक को जगह नहीं मिली, जिससे वह ट्रेन छोड़नी पड़ी। अब छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से गंजबासौदा जा रही हूं। बच्चे भी साथ में हैं और अधिक भीड़ होने पर बच्चों को अधिक परेशानी होती है। -राजकुमारी सेन, यात्री
फोटो-19
कैप्सन-मंजू सिंह चौहान।
भाईदूज पर बच्चों को लेकर मऊरानीपुर स्थित मायके जा रही हूं। पंजाबमेल से पहले झांसी जाएंगे, इसके बाद वहां से अन्य ट्रेन या बस से मऊरानीपुर में भाइयों को तिलक करने जाऊंगी। ट्रेनों में भीड़ अधिक होने से परेशानी हो रही है।
-मंजू सिंह चौहौन, यात्री
फोटो-20
कैप्सन-शालू रिछारिया।
भाईदूज पर सागर जाना है। इसके चलते पहले समता एक्सप्रेस से बीना और फिर वहां से अन्य ट्रेन से सागर जाऊंगी। बेटी साथ में है और ट्रेन में बहुत भीड़ है। ट्रेन में बैठने तक को जगह नहीं मिल रही।
-शालू रिछारिया, यात्री।
फोटो-21
कैप्सन-मोनिका।
पंजाबमेल से गंजबासौदा जाना था, लेकिन उस ट्रेन में बहुत भीड़ थी, ट्रेन में खड़े होेने को भी जगह नहीं मिली। इसलिए अब दूसरी ट्रेन से गंजबसौदा जाऊंगी। बच्चा छोटा है और ट्रेन में बच्चे को परेशान होना पड़ता, इसलिए वह ट्रेन छोड़ दी, अब छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से गंजबासौदा स्थित मायके जाकर भाइयों को तिलक करूंगी।
-मोनिका, यात्री