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ऑन कॉल से पाया 2243 मरीजों ने उपचार
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hospital
- फोटो : hospital
ललितपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप में मरीजों को उपचार के लिए ऑनकॉल ही सहारा रह गया है। चार माह में जिले के 2243 मरीजों ने इससे लाभ प्राप्त किया है। वहीं, ई- संजीवनी में एक माह में 407 मरीजों को उपचार मिला है।
वैश्विक बीमारी के बढ़ते संक्रमण को लेकर शासन ने 22 मार्च से ओपीडी सेवा बंद कर दी। केवल आपातकालीन सेवाएं ही सुचारु रुप से जारी हैं। ऐसे में मरीजों केे उपचार की समस्या बढ़ गई। वहीं, जांचों के अभाव में लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ऑनकॉल उपचार की सुविधा मुहैया कराए जाने की व्यवस्था की है। जिसके लिए चिकित्सकों के नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। नंबर सार्वजनिक होते ही लोगों को उपचार की सुविधा शुरू हुई। 20 अप्रैल से समूचे जिले में ऑनकॉल उपचार मिलने लगा। बीते चार माह में अब तक 2243 मरीज उपचार ले चुके हैं।
ई- संजीवनी एप से मिला 407 मरीजों को उपचार
ऑन कॉल के साथ ही लोगों को ओपीडी बंद होने की कमी महसूस न हो, इसके लिए शासन ने ई- संजीवनी एप लांच किया है। जिसे डाउनलोड कर उपचार ले सकेंगे। एक माह में जनपद के 407 लोगों ने उपचार लिया है।
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ओपीडी सेवा बंद होने से इलाज की परेशानी बढ़ गई थी। जिसको लेकर ऑनकॉल सेवा शुरू हुई, जिसके बाद ई-संजीवनी एप लांच हुआ। जिसे लोग गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड कर उपचार की सुविधा व परामर्श चिकित्सकों द्वारा वीडियो कॉलिंग के माध्यम से ले सकेंगे।
प्रचार-प्रसार के अभाव में भटकते मरीज
जिन मरीजों को ऑनकॉल एवं संजीवनी एप से उपचार मिला है। यह संख्या न काफी है, तमाम मरीज इन सुविधा की जानकारी के अभाव में यहां-वहां भटक रहे हैं और कइयों को निजी नर्सिंगहोम और क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस तरह करें डाउनलोड
ई- संजीवनी एप को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर क्यूआर कोड से स्कैन पर ई- संजीवन एप को डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद एप पर पंजीयन करें। मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। जिसके बाद मिस्कॉल आएगी और चालू हो जाएगा।
लोगों को मरीजों के उपचार के लिए आनकॉल व ई-संजीवनी एप से उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। अब तक 2650 लोग उपचार सेवा का लाभ ले चुके हैं।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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वैश्विक बीमारी के बढ़ते संक्रमण को लेकर शासन ने 22 मार्च से ओपीडी सेवा बंद कर दी। केवल आपातकालीन सेवाएं ही सुचारु रुप से जारी हैं। ऐसे में मरीजों केे उपचार की समस्या बढ़ गई। वहीं, जांचों के अभाव में लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ऑनकॉल उपचार की सुविधा मुहैया कराए जाने की व्यवस्था की है। जिसके लिए चिकित्सकों के नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। नंबर सार्वजनिक होते ही लोगों को उपचार की सुविधा शुरू हुई। 20 अप्रैल से समूचे जिले में ऑनकॉल उपचार मिलने लगा। बीते चार माह में अब तक 2243 मरीज उपचार ले चुके हैं।
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ई- संजीवनी एप से मिला 407 मरीजों को उपचार
ऑन कॉल के साथ ही लोगों को ओपीडी बंद होने की कमी महसूस न हो, इसके लिए शासन ने ई- संजीवनी एप लांच किया है। जिसे डाउनलोड कर उपचार ले सकेंगे। एक माह में जनपद के 407 लोगों ने उपचार लिया है।
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ओपीडी सेवा बंद होने से इलाज की परेशानी बढ़ गई थी। जिसको लेकर ऑनकॉल सेवा शुरू हुई, जिसके बाद ई-संजीवनी एप लांच हुआ। जिसे लोग गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड कर उपचार की सुविधा व परामर्श चिकित्सकों द्वारा वीडियो कॉलिंग के माध्यम से ले सकेंगे।
प्रचार-प्रसार के अभाव में भटकते मरीज
जिन मरीजों को ऑनकॉल एवं संजीवनी एप से उपचार मिला है। यह संख्या न काफी है, तमाम मरीज इन सुविधा की जानकारी के अभाव में यहां-वहां भटक रहे हैं और कइयों को निजी नर्सिंगहोम और क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस तरह करें डाउनलोड
ई- संजीवनी एप को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर क्यूआर कोड से स्कैन पर ई- संजीवन एप को डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद एप पर पंजीयन करें। मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। जिसके बाद मिस्कॉल आएगी और चालू हो जाएगा।
लोगों को मरीजों के उपचार के लिए आनकॉल व ई-संजीवनी एप से उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। अब तक 2650 लोग उपचार सेवा का लाभ ले चुके हैं।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी