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छल्ला के ग्रामीणों ने कहा नहीं बने है शौचालय
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dry pond
- फोटो : dry pond
सिलावन / ललितपुर। विकास खंड बिरधा अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्ला में कई ग्रामीणों के यहां शौचालय नहीं बने होने के कारण उन्हें खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधि से शौचालय बनवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहे हैं।
भले ही विकास खंड बिरधा अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्ला को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया है लेकिन हकीकत में यहां कई ग्रामीणों के शौचालय आज भी नहीं बने हैं। इससे उन्हें खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि शौचालय निर्माण के लिए अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से मांग की किन्तु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने शौचालय बनवाए जाने की मांग की है।
घर में शौचालय नहीं होने से खुले मेें शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाहर जाने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- तेज सिंह
खुले में शौच जाने के कारण शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। शौचालय बनवाने की मांग कर रहे हैं लकिन कोई नहीं सुन रही है।
- शीलदुलारी
मेहनत मजदूरी कर घर चला रहे हैं। शौचालय बनवाने का सामर्थ्य नहीं हैं। शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है इस वजह से परेशानी हो रही हैं।
शौचालय बनवाने के लिए पिछले छह माह से परेशान हो रहे हैं। परिवार के लोगों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं।
पंचायत में अधिकतर लोगों के शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं और लोग उनका उपयोग भी कर रहे हैं। कुछ लोग बाहर काम करते थे जो लॉकडाउन के चलते गांव में वापस आ गए हैं, ऐसे लोगों का सर्वे कर शासन को भेज दिया गया है। जैसे ही धनराशि स्वीकृत हो जाती है, शौचालय बनवा दिया जाएगा।
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रधुवीर सिंह, ग्राम प्रधान
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भले ही विकास खंड बिरधा अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्ला को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया है लेकिन हकीकत में यहां कई ग्रामीणों के शौचालय आज भी नहीं बने हैं। इससे उन्हें खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि शौचालय निर्माण के लिए अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से मांग की किन्तु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने शौचालय बनवाए जाने की मांग की है।
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घर में शौचालय नहीं होने से खुले मेें शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाहर जाने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- तेज सिंह
खुले में शौच जाने के कारण शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। शौचालय बनवाने की मांग कर रहे हैं लकिन कोई नहीं सुन रही है।
- शीलदुलारी
मेहनत मजदूरी कर घर चला रहे हैं। शौचालय बनवाने का सामर्थ्य नहीं हैं। शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है इस वजह से परेशानी हो रही हैं।
शौचालय बनवाने के लिए पिछले छह माह से परेशान हो रहे हैं। परिवार के लोगों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं।
पंचायत में अधिकतर लोगों के शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं और लोग उनका उपयोग भी कर रहे हैं। कुछ लोग बाहर काम करते थे जो लॉकडाउन के चलते गांव में वापस आ गए हैं, ऐसे लोगों का सर्वे कर शासन को भेज दिया गया है। जैसे ही धनराशि स्वीकृत हो जाती है, शौचालय बनवा दिया जाएगा।
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रधुवीर सिंह, ग्राम प्रधान