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विद्युत स्टोर में नहीं ओसीबी के आंतरिक पुर्जे
ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:54 AM IST
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ललितपुर। विद्युत सब स्टेशनों पर स्थापित ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) मशीनों के ट्रिपिंग सिस्टम खराब होने से रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सब स्टेशनों की मशीनें ट्रिप नहीं होने से सीधे रौंड़ा हाईडिल से हाइटेंशन लाइनों की मशीनें ट्रिप हो जा रही हैं, जिससे एक से डेढ़ घंटे बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो रही है।
विद्युत विभाग द्वारा गल्ला मंडी स्थित 66 व 33 केवी, तालबेहट 66 केवी, इसके अलावा 33 केवी के नझाई, बाईपास, बांसी, बिरधा, पाली, महरौनी, माताटीला, सोजना और मड़ावरा सब स्टेशनों के माध्यम से जिले को बिजली आपूर्ति देकर रोशन किया जाता है।
इसमें गल्ला मंडी, बाईपास और बिरधा सब स्टेशनों पर ओसीबी मशीनों की हालत काफी खराब है। वर्षों पुरानी मशीनों के आतंरिक पुर्जे खराब होने जाने से कई बार घंटों तक उस फीडर की आपूर्ति गुल हो जाती है। इन मशीनों में लगने वाले मेल-फीमेल कॉटेक्ट, रिले, स्प्रिंग व अन्य उपकरण खराब हो जाने पर अन्य जनपद से मंगाने होते हैं।
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विद्युत स्टोर में यह महत्वपूर्ण उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण अधिकारियों को ठेकेदारों के सहारे ही किसी प्रकार पुर्जों का इंतजाम करना होता है। कई बार ठेकेदारों के पास भी यह पुर्जे उपलब्ध नहीं होते हैं, जिसके कारण किसी अन्य फीडर की ओसीबी मशीन को उस फीडर के साथ जोड़कर अल्टरनेट कर बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जाती है।
ऐसी स्थिति में एक फीडर की मशीन खराब होने से उस सब स्टेशन के अन्य फीडरों की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ता है।
गल्ला मंडी सब स्टेशन पर स्थापित फीडर नंबर एक, नेहरू नगर, राजघाट, चंदेरा और देवगढ़ फीडरों की स्थिति भी काफी खराब है। हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट आने के कारण कई बार इन सब स्टेशन पर स्थापित फीडरों की मशीनें ट्रिप नहीं होती हैं, जिससे मशीनों में ब्लास्ट होने का खतरा बना रहता है।
यह स्थिति लगातार कई वर्षों से बनी हुई हैं। कई बार तो यहां तैनात एसएसओ पर भी इन मशीनों का गरम खौलता तेल गिर जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। मशीनों में सुधार के लिए कई बार विद्युत कर्मियों द्वारा संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो सका है।
हालांकि, उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा सब स्टेशन पर नई तकनीक की वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनें मंगाई तो गई हैं, लेकिन इस पैनल की इनकमिंग मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक नहीं बदला जा सका है। बहुत से सब स्टेशनों पर स्थापित पुरानी तकनीक की ओसीबी मशीनों के ट्रिपिंग सिस्टम में सुधार नहीं होने से उपभोक्ताओं को निर्धारित रोस्टर से कम बिजली आपूर्ति मिल रही है।
रहती है शहर की आपूर्ति बाधित
गल्ला मंडी सब स्टेशन पर स्थापित फीडरों का यह हाल है कि शहर या ग्रामीण क्षेत्रों में हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट आने की स्थिति में बहुत से फीडरों की ओसीबी मशीनें कई बार ट्रिप ही नहीं करती हैं, जिससे सीधे रौंड़ा हाइडिल में स्थापित 66 व 33 केवी की मशीनें ही ट्रिप हो जाती हैं। इस कारण पूरे नगर की आपूर्ति बाधित रहती है।
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विद्युत विभाग द्वारा गल्ला मंडी स्थित 66 व 33 केवी, तालबेहट 66 केवी, इसके अलावा 33 केवी के नझाई, बाईपास, बांसी, बिरधा, पाली, महरौनी, माताटीला, सोजना और मड़ावरा सब स्टेशनों के माध्यम से जिले को बिजली आपूर्ति देकर रोशन किया जाता है।
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इसमें गल्ला मंडी, बाईपास और बिरधा सब स्टेशनों पर ओसीबी मशीनों की हालत काफी खराब है। वर्षों पुरानी मशीनों के आतंरिक पुर्जे खराब होने जाने से कई बार घंटों तक उस फीडर की आपूर्ति गुल हो जाती है। इन मशीनों में लगने वाले मेल-फीमेल कॉटेक्ट, रिले, स्प्रिंग व अन्य उपकरण खराब हो जाने पर अन्य जनपद से मंगाने होते हैं।
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विद्युत स्टोर में यह महत्वपूर्ण उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण अधिकारियों को ठेकेदारों के सहारे ही किसी प्रकार पुर्जों का इंतजाम करना होता है। कई बार ठेकेदारों के पास भी यह पुर्जे उपलब्ध नहीं होते हैं, जिसके कारण किसी अन्य फीडर की ओसीबी मशीन को उस फीडर के साथ जोड़कर अल्टरनेट कर बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जाती है।
ऐसी स्थिति में एक फीडर की मशीन खराब होने से उस सब स्टेशन के अन्य फीडरों की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ता है।
गल्ला मंडी सब स्टेशन पर स्थापित फीडर नंबर एक, नेहरू नगर, राजघाट, चंदेरा और देवगढ़ फीडरों की स्थिति भी काफी खराब है। हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट आने के कारण कई बार इन सब स्टेशन पर स्थापित फीडरों की मशीनें ट्रिप नहीं होती हैं, जिससे मशीनों में ब्लास्ट होने का खतरा बना रहता है।
यह स्थिति लगातार कई वर्षों से बनी हुई हैं। कई बार तो यहां तैनात एसएसओ पर भी इन मशीनों का गरम खौलता तेल गिर जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। मशीनों में सुधार के लिए कई बार विद्युत कर्मियों द्वारा संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो सका है।
हालांकि, उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा सब स्टेशन पर नई तकनीक की वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनें मंगाई तो गई हैं, लेकिन इस पैनल की इनकमिंग मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक नहीं बदला जा सका है। बहुत से सब स्टेशनों पर स्थापित पुरानी तकनीक की ओसीबी मशीनों के ट्रिपिंग सिस्टम में सुधार नहीं होने से उपभोक्ताओं को निर्धारित रोस्टर से कम बिजली आपूर्ति मिल रही है।
रहती है शहर की आपूर्ति बाधित
गल्ला मंडी सब स्टेशन पर स्थापित फीडरों का यह हाल है कि शहर या ग्रामीण क्षेत्रों में हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट आने की स्थिति में बहुत से फीडरों की ओसीबी मशीनें कई बार ट्रिप ही नहीं करती हैं, जिससे सीधे रौंड़ा हाइडिल में स्थापित 66 व 33 केवी की मशीनें ही ट्रिप हो जाती हैं। इस कारण पूरे नगर की आपूर्ति बाधित रहती है।