{"_id":"578a983c4f1c1bb17b13ee22","slug":"not-so-many-did-not-renew-the-accreditation-of-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधा दर्जन निजी विद्यालयों को थमाया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधा दर्जन निजी विद्यालयों को थमाया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
bsa nirichan, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शनिवार को विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई स्कूल मान्यता विहीन मिले तो कई ने मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया था। बीएसए ने आधा दर्जन निजी विद्यालय प्रबंधकों को नोटिस थमाया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने विकासखंड महरौनी के स्वामी दयानन्द पब्लिक स्कूल समोगर का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि विद्यालय बगैर किसी मान्यता के संचालित किया जा रहा है। बच्चों को एक जीर्ण-शीर्ण भवन में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। जिस पर उन्होंने मौके पर विद्यालय के समस्त अभिलेखों को जब्त कर कार्यालय में जमा करा दिया है। विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे अध्यापकों से पूछताछ की तो बताया गया कि उनके पास मान्यता संबंधी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। महरौनी के मंडी रोड स्थित मदर्स प्राइड कॉन्वेन्ट स्कूल का निरीक्षण किया गया।
जिसमें पाया कि विद्यालय बगैर किसी मान्यता के संचालित किया जा रहा है। बच्चों को एक जीर्ण-शीर्ण बिल्डिंग में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। महरौनी के खिरिया लटकनजू स्थित छत्रपति शिवाजी आवासीय पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया कि विद्यालय की मान्यता 30 जून 2016 को समाप्त हो चुकी है। इसके पश्चात उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। यही नहीं, तीन वर्षो से विद्यालय को आवासीय व्यवस्था में संचालित किया जा रहा है जबकि आवासीय विद्यालय की मान्यता नहीं दी गई है और न ही मान्यता संबंधी नियमावली/आदेश में आवासीय मान्यता प्रदान किये जाने का उल्लेख है।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने प्रबंधक से जवाब तलब किया है। इसी गांव में ही संचालित डा. राधा कृष्णन पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। इसमें पाया कि विद्यालय बगैर किसी मान्यता के संचालित किया जा रहा है। मौके पर उपस्थित स्टाफ से पूंछने पर बतलाया गया कि फ्रेंन्चायजी के माध्यम से विद्यालय को संचालित किया जा रहा है पर उनके पास मान्यता संबंधी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले हैं। बच्चों को एक जीर्ण-शीर्ण बिल्डिंग एवं टीन शेड में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। इसी गांव के ही सैनिक कॉन्वेन्ट शिक्षा एकेडमी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय की मान्यता 30 जून 2016 को समाप्त हो चुकी है। जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इस विद्यालय को भी आवासीय व्यवस्था में संचालित किया जा रहा है जबकि आवासीय विद्यालय की मान्यता प्रदान नहीं की गयी है और न ही मान्यता संबंधी नियमावली/आदेश में आवासीय मान्यता प्रदान किये जाने का उल्लेख है। बानपुर रोड स्थित डा. राधा कृष्णन पूर्व माध्यमिक विद्यालय महरौनी का निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया कि विद्यालय के मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। जिस पर उन्होंने प्रबंधक को विद्यालय के मान्यता संबंधी अभिलेख 03 दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया कि बिना मान्यता के विद्यालय का संचालन करने से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यदि निर्धारित अवधि में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए तो उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने विकासखंड महरौनी के स्वामी दयानन्द पब्लिक स्कूल समोगर का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि विद्यालय बगैर किसी मान्यता के संचालित किया जा रहा है। बच्चों को एक जीर्ण-शीर्ण भवन में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। जिस पर उन्होंने मौके पर विद्यालय के समस्त अभिलेखों को जब्त कर कार्यालय में जमा करा दिया है। विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे अध्यापकों से पूछताछ की तो बताया गया कि उनके पास मान्यता संबंधी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। महरौनी के मंडी रोड स्थित मदर्स प्राइड कॉन्वेन्ट स्कूल का निरीक्षण किया गया।
विज्ञापन
जिसमें पाया कि विद्यालय बगैर किसी मान्यता के संचालित किया जा रहा है। बच्चों को एक जीर्ण-शीर्ण बिल्डिंग में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। महरौनी के खिरिया लटकनजू स्थित छत्रपति शिवाजी आवासीय पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया कि विद्यालय की मान्यता 30 जून 2016 को समाप्त हो चुकी है। इसके पश्चात उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। यही नहीं, तीन वर्षो से विद्यालय को आवासीय व्यवस्था में संचालित किया जा रहा है जबकि आवासीय विद्यालय की मान्यता नहीं दी गई है और न ही मान्यता संबंधी नियमावली/आदेश में आवासीय मान्यता प्रदान किये जाने का उल्लेख है।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने प्रबंधक से जवाब तलब किया है। इसी गांव में ही संचालित डा. राधा कृष्णन पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। इसमें पाया कि विद्यालय बगैर किसी मान्यता के संचालित किया जा रहा है। मौके पर उपस्थित स्टाफ से पूंछने पर बतलाया गया कि फ्रेंन्चायजी के माध्यम से विद्यालय को संचालित किया जा रहा है पर उनके पास मान्यता संबंधी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले हैं। बच्चों को एक जीर्ण-शीर्ण बिल्डिंग एवं टीन शेड में बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। इसी गांव के ही सैनिक कॉन्वेन्ट शिक्षा एकेडमी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय की मान्यता 30 जून 2016 को समाप्त हो चुकी है। जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इस विद्यालय को भी आवासीय व्यवस्था में संचालित किया जा रहा है जबकि आवासीय विद्यालय की मान्यता प्रदान नहीं की गयी है और न ही मान्यता संबंधी नियमावली/आदेश में आवासीय मान्यता प्रदान किये जाने का उल्लेख है। बानपुर रोड स्थित डा. राधा कृष्णन पूर्व माध्यमिक विद्यालय महरौनी का निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया कि विद्यालय के मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। जिस पर उन्होंने प्रबंधक को विद्यालय के मान्यता संबंधी अभिलेख 03 दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया कि बिना मान्यता के विद्यालय का संचालन करने से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यदि निर्धारित अवधि में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए तो उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।