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बढ़ते कोरोना केस से नहीं ले रहे सीख, कैसे थमे संक्रमण
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ललितपुर। जिले में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी लोग सीख नहीं ले रहे हैं। बाजारों में बिना मास्क के दुकानदार व ग्राहक खुलेआम सामान की खरीद बिक्री कर रहे हैं। मास्क ही नहीं सामाजिक दूरी तक का पालन नहीं हो पा रहा है। वाहनों में भी क्षमता से अधिक सवारियों को ढोया जा रहा है। ऐसे में संक्रमण नियंत्रण के प्रयास असफल साबित हो रहे हैं।
कोरोना वायरस का प्रकोप अपने लगातार पैर पसार रहा है। यहां पर टीमों द्वारा लिए जा रहे सैंपलों की जांच में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तो शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लगभग ढाई हजार लोगों की जांच में 30 से 50 व्यक्ति तक कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।
संक्रमण नियंत्रण के लिए शासन द्वारा तमाम निर्देश दिए गए हैं। इनमें बाजारों में दुकानदारों को मास्क अनिवार्य किया गया है। साथ ही बिना मास्क के ग्राहकों को सामान देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। कार्यक्रमों में भी सीमित लोगों के शामिल होने का प्रावधान किया गया है। एक स्थान पर अधिक लोगों को एकत्रित होना भी मना है, लेकिन यहां पर प्रतिबंध तो दूर बढ़ते संक्रमण से भी लोग सीख नहीं ले रहे हैं। बाजारों में अधिकांश ग्राहक बिना मास्क के पहुंच रहे हैं।
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ग्राहक ही नहीं दुकानदार भी बेधड़क बिना मास्क के दुकानों पर बैठे हैं। सामान की बिक्री करने के लिए नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। बाजारों में लोग ही नहीं साथ में आ रहे छोटे बच्चों तक को मास्क नहीं लगा रहे हैं। ऐसे में संक्रमण बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर भी बिना मास्क के लोग घूम रहे हैं।
इसके अलावा बस व टैक्सियों में भी क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाया जा रहा है। इनमें कई सवारियां बिना मास्क के चल रही हैं। बसों में भी सवारियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है। वहीं स्लीपर बसों में सवारियां इंदौर, दिल्ली व अन्य बड़े शहरों से आवाजाही कर रहीं है। बाइकों पर भी तीन सवरियां बिना मास्क के चल रही हैं। ऐसे में संक्रमण को नियंत्रण होने की संभावनाएं कम हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।
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कोरोना वायरस का प्रकोप अपने लगातार पैर पसार रहा है। यहां पर टीमों द्वारा लिए जा रहे सैंपलों की जांच में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तो शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लगभग ढाई हजार लोगों की जांच में 30 से 50 व्यक्ति तक कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।
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संक्रमण नियंत्रण के लिए शासन द्वारा तमाम निर्देश दिए गए हैं। इनमें बाजारों में दुकानदारों को मास्क अनिवार्य किया गया है। साथ ही बिना मास्क के ग्राहकों को सामान देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। कार्यक्रमों में भी सीमित लोगों के शामिल होने का प्रावधान किया गया है। एक स्थान पर अधिक लोगों को एकत्रित होना भी मना है, लेकिन यहां पर प्रतिबंध तो दूर बढ़ते संक्रमण से भी लोग सीख नहीं ले रहे हैं। बाजारों में अधिकांश ग्राहक बिना मास्क के पहुंच रहे हैं।
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ग्राहक ही नहीं दुकानदार भी बेधड़क बिना मास्क के दुकानों पर बैठे हैं। सामान की बिक्री करने के लिए नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। बाजारों में लोग ही नहीं साथ में आ रहे छोटे बच्चों तक को मास्क नहीं लगा रहे हैं। ऐसे में संक्रमण बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर भी बिना मास्क के लोग घूम रहे हैं।
इसके अलावा बस व टैक्सियों में भी क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाया जा रहा है। इनमें कई सवारियां बिना मास्क के चल रही हैं। बसों में भी सवारियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है। वहीं स्लीपर बसों में सवारियां इंदौर, दिल्ली व अन्य बड़े शहरों से आवाजाही कर रहीं है। बाइकों पर भी तीन सवरियां बिना मास्क के चल रही हैं। ऐसे में संक्रमण को नियंत्रण होने की संभावनाएं कम हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।