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बुरे सपनों का डर अब चैन से सोने नहीं देता...
ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:52 AM IST
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पाली(ललितपुर)। श्री नीलकंठेश्वर मैदान में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। देर रात तक श्रोताओं की भीड़ जमा रही।
मुख्य अतिथि नगर पालिका ललितपुर के अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कवियों की रचनाएं लोगों के दिल में उतर जाएं तो देश के हालात बदलने में देर नहीं लगेगी। कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य रचनाओं के माध्यम से देश की राजनीतिक व्यवस्था, प्रशासनिक खामियां, मंहगाई, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी।
टीकमगढ़ के दीपक शुक्ला दनादन की पंक्तियों बुरे सपनों का डर अब चैन से सोने नहीं देता... को खूब सराहा गया। राजू चौरसिया इंदौर की रचना हिंदू- मुस्लिम दो दिल, एक जान हो जाएं..., संगीता सरल की रचना मेरा दिल ले गया थानेदार..., कन्हैया राजा राजगढ़ ने पलकों में ही भगवान लिए फिरता हूं.. पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं।
राजेंद्र चौहान ने क्या पता पहले भी थी इतनी खूबसूरत आंखें..., प्रेम साहू अजनबी भोपाल ने पाली गांव में मिली इतनी गरीबी... रचना प्रस्तुत कर लोगों को झकझोर दिया। वहीं, डालचंद्र मनमौजी ने आतंकवादी इरादों से यह देश नही डरने वाला... पंक्तियां पढ़कर वाहवाही बटोरी। मंच पर मुख्य अतिथियों व कवियों को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
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मुख्य अतिथि नगर पालिका ललितपुर के अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कवियों की रचनाएं लोगों के दिल में उतर जाएं तो देश के हालात बदलने में देर नहीं लगेगी। कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य रचनाओं के माध्यम से देश की राजनीतिक व्यवस्था, प्रशासनिक खामियां, मंहगाई, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी।
टीकमगढ़ के दीपक शुक्ला दनादन की पंक्तियों बुरे सपनों का डर अब चैन से सोने नहीं देता... को खूब सराहा गया। राजू चौरसिया इंदौर की रचना हिंदू- मुस्लिम दो दिल, एक जान हो जाएं..., संगीता सरल की रचना मेरा दिल ले गया थानेदार..., कन्हैया राजा राजगढ़ ने पलकों में ही भगवान लिए फिरता हूं.. पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं।
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राजेंद्र चौहान ने क्या पता पहले भी थी इतनी खूबसूरत आंखें..., प्रेम साहू अजनबी भोपाल ने पाली गांव में मिली इतनी गरीबी... रचना प्रस्तुत कर लोगों को झकझोर दिया। वहीं, डालचंद्र मनमौजी ने आतंकवादी इरादों से यह देश नही डरने वाला... पंक्तियां पढ़कर वाहवाही बटोरी। मंच पर मुख्य अतिथियों व कवियों को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
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