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गैर जनपदीय शिक्षकों की अटक गई पदस्थापना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:14 AM IST
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school, lalitpur news
- फोटो : demo
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही बाहरी जनपदों से आए शिक्षकों की पदस्थापना अटककर रह गई है। इसके मद्देनजर बीएसए ने चुुनाव होने तक गैर जनपदीय शिक्षकों को नगर क्षेत्र में कामचलाऊ व्यवस्था में लगाने का निर्णय लिया है।
विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही समूचे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इससे विभागों में भर्तियां और अन्य काम नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षा विभाग में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में आए 16 शिक्षकों की पदस्थापना अटककर रह गई है। इन हालात में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने गैर जनपदीय शिक्षकों को नगर क्षेत्र के स्कूलों में कामचलाऊ व्यवस्था में लगाने का फैसला किया है।
उन्होंने शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों की सूची खंड शिक्षा अधिकारी से तलब की है। बीएसए का कहना है कि अंतर्जनदीय शिक्षकों को उन स्कूलों में लगाया जाएगा, जिनमें एक शिक्षक या कोई शिक्षक नहीं है, ऐसे स्कूलों का चिह्नींकरण कराया जा रहा है। इस समय आरटीई मानक के अनुसार नगर के प्राथमिक विद्यालयों में 100 शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में आरटीई मानक के अनुसार 33 शिक्षकों की आवश्यकता है। इससे शिक्षकों की कमी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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स्कूलों में नहीं हैं हैडमास्टर
नौ पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत आठ के सापेक्ष एक हेडमास्टर कार्यरत है। इसी प्रकार प्राइमरी स्कूल में स्वीकृत 24 के मुकाबले 20 प्रधानाध्यापक नियुक्त हैं। इसके अलावा विज्ञान, गणित शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
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विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही समूचे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इससे विभागों में भर्तियां और अन्य काम नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षा विभाग में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में आए 16 शिक्षकों की पदस्थापना अटककर रह गई है। इन हालात में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने गैर जनपदीय शिक्षकों को नगर क्षेत्र के स्कूलों में कामचलाऊ व्यवस्था में लगाने का फैसला किया है।
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उन्होंने शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों की सूची खंड शिक्षा अधिकारी से तलब की है। बीएसए का कहना है कि अंतर्जनदीय शिक्षकों को उन स्कूलों में लगाया जाएगा, जिनमें एक शिक्षक या कोई शिक्षक नहीं है, ऐसे स्कूलों का चिह्नींकरण कराया जा रहा है। इस समय आरटीई मानक के अनुसार नगर के प्राथमिक विद्यालयों में 100 शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में आरटीई मानक के अनुसार 33 शिक्षकों की आवश्यकता है। इससे शिक्षकों की कमी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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स्कूलों में नहीं हैं हैडमास्टर
नौ पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत आठ के सापेक्ष एक हेडमास्टर कार्यरत है। इसी प्रकार प्राइमरी स्कूल में स्वीकृत 24 के मुकाबले 20 प्रधानाध्यापक नियुक्त हैं। इसके अलावा विज्ञान, गणित शिक्षकों की कमी बनी हुई है।