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Lalitpur News: दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पाली थाना दुष्कर्म कांड में आरोपी इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। शनिवार को इस मामले की सुनवाई थी, लेकिन आरोपी इंस्पेक्टर अनुपस्थित रहा। जबकि, हाइकोर्ट से मिली उसकी जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। पीड़िता के अधिवक्ता आरएस छतवाल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी न्यायालय में पेश की, जिसके बाद अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नवनीत कुमार भारती ने यह आदेश दिया। अगली तारीख 23 मई को पड़ी है।
पीड़िता के अधिवक्ता आरएस छतवाल ने बताया कि पाली थाने में 22 अप्रैल 2022 को एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया था, जिसमें इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज पर आरोप लगा था। तिलकधारी सरोज हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा था। जमानत खारिज की अपील सुप्रीम कोर्ट में डाली गई, जहां तीन मई को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को खारिज कर दिया था। विगत दस मई को पीड़िता के विलंब से आने के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की जा सकी। शनिवार को इसकी कॉपी न्यायालय में प्रस्तुत की गई। अब आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण का निस्तारण एक साल के अंदर करने का आदेश है। इससे जल्द-जल्द तारीखें लगाई जा रही हैं।
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ललितपुर। पाली थाना दुष्कर्म कांड में आरोपी इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। शनिवार को इस मामले की सुनवाई थी, लेकिन आरोपी इंस्पेक्टर अनुपस्थित रहा। जबकि, हाइकोर्ट से मिली उसकी जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। पीड़िता के अधिवक्ता आरएस छतवाल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी न्यायालय में पेश की, जिसके बाद अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नवनीत कुमार भारती ने यह आदेश दिया। अगली तारीख 23 मई को पड़ी है।
पीड़िता के अधिवक्ता आरएस छतवाल ने बताया कि पाली थाने में 22 अप्रैल 2022 को एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया था, जिसमें इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज पर आरोप लगा था। तिलकधारी सरोज हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा था। जमानत खारिज की अपील सुप्रीम कोर्ट में डाली गई, जहां तीन मई को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को खारिज कर दिया था। विगत दस मई को पीड़िता के विलंब से आने के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की जा सकी। शनिवार को इसकी कॉपी न्यायालय में प्रस्तुत की गई। अब आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण का निस्तारण एक साल के अंदर करने का आदेश है। इससे जल्द-जल्द तारीखें लगाई जा रही हैं।
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