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Lalitpur News: किसी को नहीं ध्यान...कबाड़ हो रहे मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल के वाहन

Sun, 09 Jul 2023 12:35 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Sun, 09 Jul 2023 12:35 AM IST
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No one cares...the vehicles of Chief Minister Mahamaya Mobile Hospital are becoming junk
बसपा शासन में ग्रामीण इलाकों के मरीजों को घर बैठे इलाज मुहैया कराती थीं ये गाड़ियां
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12 साल से खड़े वाहन हो रहे कबाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल में लाखों की कीमत से मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल के लिए खरीदे गए वाहन कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। स्थिति यह है कि इन वाहनों को जब से अस्पताल में खड़ा कर दिया गया, तब से इनका संचालन नहीं हुआ। जनपद में इस योजना के अंतर्गत छह वाहनों का संचालन किया गया था।
बसपा सरकार में मरीजों को उनके घर पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल योजना का संचालन किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने करोड़ों की लागत से वाहनों की खरीद की थी। इसमें ललितपुर जनपद को भी इस योजना के अंतर्गत छह वाहन मिले थे। यह सभी वाहन विकास खंड स्तर पर संचालित किए जाते थे। ग्रामीण इलाकों में मरीजों को उनके घर पर ही इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से इस योजना का संचालन किया गया।
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वर्ष 2012 में चुनाव के पहले इन वाहनों को आचार संहिता के चलते खड़ा कर दिया गया। इसके बाद प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आ गई। तब से इन वाहनों का उपयोग नहीं किया गया। समाजवादी पार्टी सरकार ने 108 व 102 एंबुलेंस का संचालन किया। इस योजना में भी इन वाहनों का उपयोग नहीं किया गया। न ही अन्य किसी योजना में इन वाहनों का उपयोग किया गया, जिसके चलते यह वाहन धूल खा रहे हैं।
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वाहनों में मिलती थी यह सुविधा
इन वाहनों में चिकित्सीय परामर्श एवं प्राथमिक उपचार की सुविधा, प्रसव पूर्व एवं प्रसव उपरांत स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का वितरण, किशोरवय बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा, मलेरिया एवं टीबी की जांच, रक्त एवं पट्टी संग्रहण, टीकाकरण एवं दवाइयों का वितरण, परिवार नियोजन के विभिन्न माध्यमों के संबंध में जानकारी, जटिल प्रकरणों की पहचान कर मरीजों को रेफर करना, शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाआें का प्रचार-प्रसार करना एवं स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी आदि सेवा इन वाहनों द्वारा उपलब्ध कराई जाती थी।

वाहनों में लैब भी संचालित होती थी
महामाया सजल अस्पताल में इलाज की सुविधा तो मौजूद थी ही, साथ ही उसमें लैब भी संचालित होती थी। जिससे मरीजों की खून व बलगम की जांच मौके पर ही करके उनका उचित इलाज प्रारंभ कर दिया जाता है।

इन वाहनों के लिए अभी कोई कार्ययोजना शासन से तैयार नहीं की गई है। शासन की नीति के अनुसार ही इन वाहनों का उपयोग या निस्तारण किया जाएगा।
-डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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