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लाखों खर्च होने के बाद भी स्कूलों को नहीं हो पा रहा कायाकल्प
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प्राथमिक विद्यालय गर्रौली माफ में छत पर पड़ी पत्थर की छत्ती टूटी
- फोटो : LALITPUR
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मड़ावरा। सरकार की मंशा के अनुरूप परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि इन विद्यालयों पर लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी कराए गए कार्यों में गुणवत्ता नजर नहीं आती है। यही वजह है कि मरम्मत का काम पूरा होने से पहले ही स्कूल की स्थित जस की तस होने लगी है।
मड़ावरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत धवा में उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थिति काफी दयनीय है। विद्यालय के विकास में लाखों रुपये खर्च कर टाइल्स कार्य, शौचालय निर्माण दिव्यांग शौचालय, हैंडवाश स्थल आदि कार्य कराए गए वहीं प्राथमिक विद्यालय गर्रौलीमाफ में भी कायाकल्प के तहत लाखों रुपये के कार्य कराए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालयों में कराए गए कायाकल्प में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसी के कारण प्राथमिक विद्यालय गर्रौली माफ में कक्षा-कक्षों में नीचे टाइल्स लग गए, लेकिन छत पर पड़ी पत्थर की छत्ती टूटी हुई हैं। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय धवा में कुछ ही महीनों बाद अब इस स्कूलों की हालात यह है कि शौचालय, हैंडवाश स्थल, गेट-खिड़कियां टूट चुकी हैं। टोंटियां गायब हैं पानी नहीं आ रहा, छत पर बरसाती पानी जमा हो रहा है जो दीवारों में भरकर भवन को क्षतिग्रस्त कर रहा है। कायाकल्प के बाद जर्जर हुए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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स्कूलों में कराए गए हैं ये काम
कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में बालक-बालिका समेत दिव्यांगजनों के लिए स्वच्छ शौचालय, बच्चों को खाने से पहले एवं शौच के बाद हाथ धोने के हैंडवाश स्टैंड, कक्षा-कक्षों एवं रसोई घर में टाइल्स कार्य, पर्याप्त रोशनी एवं हवा के लिए विद्युतीकरण फिटिंग आदि कार्य करवाया गया और कायाकल्प के तहत कई कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे हैं। वहीं, विद्यालय भवनों के रखरखाव, रंगाई-पुताई एवं अन्य संसाधनों के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भी रुपये भेजे गए।
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गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की मांग
मड़ावरा क्षेत्र पंचायत शिक्षा समिति अध्यक्ष शीला ने डीएम से मांग की कि सरकारी विद्यालयों में कराए गए कायाकल्प कार्यों की निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे इस तरह की मनमानी पर अंकुश लग सके।
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मड़ावरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत धवा में उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थिति काफी दयनीय है। विद्यालय के विकास में लाखों रुपये खर्च कर टाइल्स कार्य, शौचालय निर्माण दिव्यांग शौचालय, हैंडवाश स्थल आदि कार्य कराए गए वहीं प्राथमिक विद्यालय गर्रौलीमाफ में भी कायाकल्प के तहत लाखों रुपये के कार्य कराए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालयों में कराए गए कायाकल्प में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसी के कारण प्राथमिक विद्यालय गर्रौली माफ में कक्षा-कक्षों में नीचे टाइल्स लग गए, लेकिन छत पर पड़ी पत्थर की छत्ती टूटी हुई हैं। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय धवा में कुछ ही महीनों बाद अब इस स्कूलों की हालात यह है कि शौचालय, हैंडवाश स्थल, गेट-खिड़कियां टूट चुकी हैं। टोंटियां गायब हैं पानी नहीं आ रहा, छत पर बरसाती पानी जमा हो रहा है जो दीवारों में भरकर भवन को क्षतिग्रस्त कर रहा है। कायाकल्प के बाद जर्जर हुए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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स्कूलों में कराए गए हैं ये काम
कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में बालक-बालिका समेत दिव्यांगजनों के लिए स्वच्छ शौचालय, बच्चों को खाने से पहले एवं शौच के बाद हाथ धोने के हैंडवाश स्टैंड, कक्षा-कक्षों एवं रसोई घर में टाइल्स कार्य, पर्याप्त रोशनी एवं हवा के लिए विद्युतीकरण फिटिंग आदि कार्य करवाया गया और कायाकल्प के तहत कई कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे हैं। वहीं, विद्यालय भवनों के रखरखाव, रंगाई-पुताई एवं अन्य संसाधनों के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भी रुपये भेजे गए।
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गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की मांग
मड़ावरा क्षेत्र पंचायत शिक्षा समिति अध्यक्ष शीला ने डीएम से मांग की कि सरकारी विद्यालयों में कराए गए कायाकल्प कार्यों की निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे इस तरह की मनमानी पर अंकुश लग सके।

खराब पड़ा हैंडपंप- फोटो : LALITPUR