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बिना जांच के कैसे मिले मरीजों को मर्ज का उपचार
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ललितपुर। ब्लॉक बिरधा के अंतर्गत ग्राम बालाबेहट में स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा रही हैं। यहां पर लैब टेक्नीशियन न होने से जांच की सुविधा नहीं है, इससे मरीजों को समुचित इलाज मुहैया नहीं हो पा रहा है। वहीं परिसर में लगे पांच में से चार हैंडपंप खराब हैं, इससे पानी की किल्लत है। सफाई कर्मचारी के अभाव में सफाई कराने की परेशानी होती है। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का अंदाज लगाया जा सकता है।
जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें मर्ज की जांच के लिए पैथोलॉजी, भर्ती करने के लिए वार्ड व बेड और अन्य सुविधाएं दी गईं है। गर्भवती महिलाओं के प्रसव सुविधा की व्यवस्था की गई है लेकिन चिकित्सक व स्टाफ की कमी से निर्माण से लेकर अब तक स्थानीय क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकीं हैं। ऐसी ही स्थिति बालाबेहट कस्बा में स्थित न्यू पीएचसी की बनी हुई हैं। यहां पर एक चिकित्सक की तैनाती हैं। अब तक लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे आने वाले मरीजों के मर्ज की जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को सामान्य उपचार मिल पा रहा है। गंभीर या अन्य बीमारी की स्थिति में मरीजों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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टूटी पड़ी परिसर की बाउंड्री, अघोषित बिजली कटौती बनी समस्या
अस्पताल परिसर को सुरक्षित रखने के लिए चारों ओर बाउंड्री बनाई गई है। यह बाउंड्री क्षतिग्रस्त हालत में हैं। टूटी बाउंड्री को लकड़ी के झाड़ रखकर बंद किया गया है। जबकि अस्पतालों की मरम्मत व रंगाई-पुताई के लिए शासन से बजट जारी किया जाता है। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बाउंड्री टूटी पड़ी है। वहीं, अस्पताल में भर्ती मरीजों को वार्ड में गर्मी से राहत के लिए पंखा लगाए गए हैं, लेकिन पर्याप्त समय के लिए बिजली नहीं मिलती है। अधिकांश समय पर बिजली नहीं रहती है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी के प्रकोप से जूझना पड़ रहा है। जनरेटर की सुविधा भी नहीं है। अघोषित बिजली कटौती समस्या बनी हुई है।
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सफाई कर्मी का है अभाव
अस्पताल में एक चिकित्सक, दो वार्ड ब्वॉय व एक एएनएम की तैनाती की गई है। वहीं फार्मासिस्ट को अटैच किया गया है। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन नहीं है। इसके साथ ही स्वीपर व सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। इससे अस्पताल व परिसर में साफ-सफाई के लिए परेशान होना पड़ता है। इसी के चलते ही अस्पताल परिसर में खड़ी झाड़ियों की सफाई नहीं हो पा रही है।
बालाबेहट न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वीपर व लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट को जिला अस्पताल में अटैच किया गया है। कर्मचारियों की कमी है। इसके लिए पत्राचार किया गया है।
डॉ. अजय खरे, चिकित्साधिकारी
प्रस्तावित सीएचसी बिरधा
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जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें मर्ज की जांच के लिए पैथोलॉजी, भर्ती करने के लिए वार्ड व बेड और अन्य सुविधाएं दी गईं है। गर्भवती महिलाओं के प्रसव सुविधा की व्यवस्था की गई है लेकिन चिकित्सक व स्टाफ की कमी से निर्माण से लेकर अब तक स्थानीय क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकीं हैं। ऐसी ही स्थिति बालाबेहट कस्बा में स्थित न्यू पीएचसी की बनी हुई हैं। यहां पर एक चिकित्सक की तैनाती हैं। अब तक लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे आने वाले मरीजों के मर्ज की जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को सामान्य उपचार मिल पा रहा है। गंभीर या अन्य बीमारी की स्थिति में मरीजों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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टूटी पड़ी परिसर की बाउंड्री, अघोषित बिजली कटौती बनी समस्या
अस्पताल परिसर को सुरक्षित रखने के लिए चारों ओर बाउंड्री बनाई गई है। यह बाउंड्री क्षतिग्रस्त हालत में हैं। टूटी बाउंड्री को लकड़ी के झाड़ रखकर बंद किया गया है। जबकि अस्पतालों की मरम्मत व रंगाई-पुताई के लिए शासन से बजट जारी किया जाता है। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बाउंड्री टूटी पड़ी है। वहीं, अस्पताल में भर्ती मरीजों को वार्ड में गर्मी से राहत के लिए पंखा लगाए गए हैं, लेकिन पर्याप्त समय के लिए बिजली नहीं मिलती है। अधिकांश समय पर बिजली नहीं रहती है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी के प्रकोप से जूझना पड़ रहा है। जनरेटर की सुविधा भी नहीं है। अघोषित बिजली कटौती समस्या बनी हुई है।
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सफाई कर्मी का है अभाव
अस्पताल में एक चिकित्सक, दो वार्ड ब्वॉय व एक एएनएम की तैनाती की गई है। वहीं फार्मासिस्ट को अटैच किया गया है। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन नहीं है। इसके साथ ही स्वीपर व सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। इससे अस्पताल व परिसर में साफ-सफाई के लिए परेशान होना पड़ता है। इसी के चलते ही अस्पताल परिसर में खड़ी झाड़ियों की सफाई नहीं हो पा रही है।
बालाबेहट न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वीपर व लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट को जिला अस्पताल में अटैच किया गया है। कर्मचारियों की कमी है। इसके लिए पत्राचार किया गया है।
डॉ. अजय खरे, चिकित्साधिकारी
प्रस्तावित सीएचसी बिरधा