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Lalitpur News: फर्जी पता दर्शाकर पकड़ी गईं छह फर्मों के खिलाफ अभी नहीं हुई एफआईआर
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- लाखों की टैक्स चोरी करने वाली फर्मों व संचालकों का नहीं कोई पता
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में फर्जी पता दर्शाकर ऑनलाइन माध्यम से जीएसटी दर्ज कराने वाली छह फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है, लेकिन अभी पुलिस ने इन फर्मों के खिलाफ मामला पंजीकृत नहीं किया है। इससे टैक्स वसूली की कार्रवाई विभाग नहीं कर पा रहा है।
जनपद का पता दिखाकर जीएसटी में कुछ फर्जी कंपनियों ने ऑनलाइन पंजीयन करा लिया। जब इनके द्वारा लाखों के ई-बिल जारी हुए तो विभागीय अधिकारियों ने जांच शुरू की। उन्होंने जब कंपनियों का स्थलीय निरीक्षण किया तो मौके पर कोई कंपनी नहीं पाई गई। साथ ही पता की पुष्टि के लिए जो बिजली के बिल, हाउस टैक्स की रसीद व आधार कार्ड भी फर्जी पाए गए। इन फर्मों ने लाखों रुपये टैक्स चोरी की है। इन सभी छह फर्मों के खिलाफ जीएसटी विभाग ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन पुलिस अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है। चार फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को तीन माह पूर्व प्रार्थनापत्र दिया था। दो फर्म के खिलाफ मामला पंजीकृत को विगत दिवस पत्र कोतवाली पुलिस को दिया था।
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यह निकली फर्जी फर्म
- एमके इंटर प्राइजेज मदनपुरा रोड मड़ावरा के पते पर पंजीकृत थी, यह फर्म सल्कानी रोड मंडीदीप निवासी मनोज के नाम थी। इसका पंजीयन आयरन, स्क्रैप के लिए हुआ था। फर्जी बिजली का बिल लगाकर पंजीयन कराया था।
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- ताज इंटरप्राइजेज को वार्ड नंबर छह रामनगर में पंजीकृत कराया गया था, इसने फर्म ने टाइल्स एवं ट्यूब निर्माण के लिए कराया था। यह फर्म मोहम्मद मोहसिन निवासी जसपुर, उधमसिंह नगर उत्तराखंड के नाम पंजीकृत हुए थी। इस फर्म ने भी फर्जी बिजली का बिल लगाया था।
- कृष्णा ट्रेडर्स ने ग्राम बमरौला में आयरन स्टील व्यापार के लिए फर्म का पंजीयन कराया था, यह फर्म मथुरा के शुभम अग्रवाल के नाम है। इसने बिजली बिल व बैंक अकाउंट फर्जी लगाया था।
- श्री ट्रेडर्स ने आजादपुरा के पते पर दर्ज कराई, यह फर्म अभि श्रीवास्तव चंदौली उत्तर प्रदेश के नाम पंजीकृत है। इस फर्म का पंजीयन एयर कंडीशनर संबंधी कार्य के लिए कराया गया था। इसमें फर्जी बिजली के बिल का इस्तेमाल किया।
- अमन ट्रेडर्स आजादचौक पते के दर्ज कराई गई, यह फर्म अमन कुमार पुरानियां बिहार के नाम पर दर्ज है। इस फर्म ने गेहूं का कार्य करने के लिए पंजीयन किया था। इसमें हाउस टैक्स रसीद लगाई, साथ ही आधार कार्ड एडिट कर लगाया गया।
- लंबर ट्रेडर्स ललितपुर ग्रामीण के नाम दर्ज कराई गई, सीतापुर निवासी शामिल के नाम यह फर्म हैं। इसमें जो बिजली का बिल लगाया, वह फर्जी निकला। जांच में मौके पर कोई फर्म नहीं पाई गई।
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सभी फर्जी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है, पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुराने प्रकरण में रिमांडर भेज चुके हैं। भारी ई-बिल जारी करने से यह फर्म पकड़ में आई हैं। इन्होंने लाखों की टैक्स चोरी की है, एफआईआर दर्ज हो। तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
हीरालाल जायसवाल, उपायुक्त राज्यकर विभाग।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में फर्जी पता दर्शाकर ऑनलाइन माध्यम से जीएसटी दर्ज कराने वाली छह फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है, लेकिन अभी पुलिस ने इन फर्मों के खिलाफ मामला पंजीकृत नहीं किया है। इससे टैक्स वसूली की कार्रवाई विभाग नहीं कर पा रहा है।
जनपद का पता दिखाकर जीएसटी में कुछ फर्जी कंपनियों ने ऑनलाइन पंजीयन करा लिया। जब इनके द्वारा लाखों के ई-बिल जारी हुए तो विभागीय अधिकारियों ने जांच शुरू की। उन्होंने जब कंपनियों का स्थलीय निरीक्षण किया तो मौके पर कोई कंपनी नहीं पाई गई। साथ ही पता की पुष्टि के लिए जो बिजली के बिल, हाउस टैक्स की रसीद व आधार कार्ड भी फर्जी पाए गए। इन फर्मों ने लाखों रुपये टैक्स चोरी की है। इन सभी छह फर्मों के खिलाफ जीएसटी विभाग ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन पुलिस अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है। चार फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को तीन माह पूर्व प्रार्थनापत्र दिया था। दो फर्म के खिलाफ मामला पंजीकृत को विगत दिवस पत्र कोतवाली पुलिस को दिया था।
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यह निकली फर्जी फर्म
- एमके इंटर प्राइजेज मदनपुरा रोड मड़ावरा के पते पर पंजीकृत थी, यह फर्म सल्कानी रोड मंडीदीप निवासी मनोज के नाम थी। इसका पंजीयन आयरन, स्क्रैप के लिए हुआ था। फर्जी बिजली का बिल लगाकर पंजीयन कराया था।
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- ताज इंटरप्राइजेज को वार्ड नंबर छह रामनगर में पंजीकृत कराया गया था, इसने फर्म ने टाइल्स एवं ट्यूब निर्माण के लिए कराया था। यह फर्म मोहम्मद मोहसिन निवासी जसपुर, उधमसिंह नगर उत्तराखंड के नाम पंजीकृत हुए थी। इस फर्म ने भी फर्जी बिजली का बिल लगाया था।
- कृष्णा ट्रेडर्स ने ग्राम बमरौला में आयरन स्टील व्यापार के लिए फर्म का पंजीयन कराया था, यह फर्म मथुरा के शुभम अग्रवाल के नाम है। इसने बिजली बिल व बैंक अकाउंट फर्जी लगाया था।
- श्री ट्रेडर्स ने आजादपुरा के पते पर दर्ज कराई, यह फर्म अभि श्रीवास्तव चंदौली उत्तर प्रदेश के नाम पंजीकृत है। इस फर्म का पंजीयन एयर कंडीशनर संबंधी कार्य के लिए कराया गया था। इसमें फर्जी बिजली के बिल का इस्तेमाल किया।
- अमन ट्रेडर्स आजादचौक पते के दर्ज कराई गई, यह फर्म अमन कुमार पुरानियां बिहार के नाम पर दर्ज है। इस फर्म ने गेहूं का कार्य करने के लिए पंजीयन किया था। इसमें हाउस टैक्स रसीद लगाई, साथ ही आधार कार्ड एडिट कर लगाया गया।
- लंबर ट्रेडर्स ललितपुर ग्रामीण के नाम दर्ज कराई गई, सीतापुर निवासी शामिल के नाम यह फर्म हैं। इसमें जो बिजली का बिल लगाया, वह फर्जी निकला। जांच में मौके पर कोई फर्म नहीं पाई गई।
सभी फर्जी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है, पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुराने प्रकरण में रिमांडर भेज चुके हैं। भारी ई-बिल जारी करने से यह फर्म पकड़ में आई हैं। इन्होंने लाखों की टैक्स चोरी की है, एफआईआर दर्ज हो। तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
हीरालाल जायसवाल, उपायुक्त राज्यकर विभाग।