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एसएनसीयू में भर्ती 25 प्रतिशत बच्चों का नहीं हो पा रहा फैसलिटी फॉलोअप

Thu, 10 Dec 2020 01:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Dec 2020 01:50 AM IST
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new born care unit negligence
hospital 1.jpg - फोटो : hospital 1.jpg
ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में स्थित सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती के उपरांत डिस्चार्ज किए जा रहे 25 फीसदी नवजातों का फॉलोअप नहीं हो पा रहा है। आंकड़े बता रहे हैं कि जनवरी से अबतक भर्ती हुए 1285 बच्चों में 321 का फॉलोअप नहीं हो पाया है। हालांकि विभागीय कर्मी फॉलोअप नहीं हो पाने के पीछे लोगों के फोन बंद होना और अन्य रिश्तेदार का नंबर उपलब्ध कराया जाना आदि कारण बता रहे हैं। उधर, 11 माह में भर्ती हुए कुल बच्चों में 74 की मौत हो चुकी है।
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संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ शिशु मृत्युदर कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने कई कदम उठाए हैं। इसी के तहत नवजातों को बेहतर उपचार देने के लिए जिला महिला अस्पताल में एसएनसीयू यूनिट स्थापित की गई है। यूनिट में नवजातों को भर्ती करने के लिए 12 वार्मर की व्यवस्था है। जरूरत पड़ने पर एक वार्मर में दो बच्चों को भर्ती किया जा सकता है। भर्ती के दौरान नवजात की पल्स, ग्रोथ, वजन, मल्टीविटामिन आदि से संबंधित अन्य मर्ज का भी उपचार किया जाता है। इसके लिए वार्ड में तीन बालरोग विशेषज्ञ, आठ स्टाफ नर्स की अपेक्षा पांच नर्स, तीन वार्ड आया, तीन स्वीपर और सुरक्षा के लिए तीन गार्ड तैनात किए गए हैं।
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यहां बच्चे के स्वस्थ होने पर उसे डिस्चार्ज किया जाता है। डिस्चार्ज के बाद लगातार बच्चों का एक वर्ष तक फैसिलिटी फॉलोअप लिया जाता है। इसमें एक माह तक बच्चों को एसएनसीयू में दिखाना होता है। इसकी जानकारी डिस्चार्ज होने के पर्चे पर दर्ज की जाती है। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन द्वारा संबंधित मरीज को फोन कर एसएनसीयू में बच्चों केे दिखाने के लिए सूचना दी जाती है। लेकिन जनपद में 25 प्रतिशत बच्चों को फॉलोअप नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई बच्चों के स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है। जिला मुख्यालय स्थित एसएनसीयू में बीते जनवरी माह से नवंबर तक 1285 बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें से 74 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुुसार इनमें 321 बच्चे फॉलोअप में स्वास्थ्य परीक्षण कराने नहीं आ सके हैं। फॉलोअप न होने के कारणों में विभिन्न कारण बता रहे हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
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एसएनसीयू में भर्ती रहे बच्चों को लगातार फॉलोअप किया जा रहा है, लेकिन कई फोन करने पर कुछ बच्चों के परिजनों के फोन स्विच ऑफ मिल रहे तो कइयों का नंबर नहीं मिल रहा है। इससे सभी बच्चों का फॉलोअप नहीं हो पा रहा है।
- भरत कुमार, नोडल, फैसिलिटी फॉलोअप
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