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जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लापरवाही हुई उजागर
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- फोटो : corona.jpg
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ललितपुर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भले ही पुख्ता इंतजाम जिला अस्पताल में किए जा रहे हों, लेकिन लापरवाही भी कम नहीं है। इसकी हकीकत उस समय सबके सामने आई, जब जवाहर नवोदय विद्यालय के उप प्राचार्य कोरोना संक्रमित होने के बाद उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड में पहुंचे। उन्हें अस्पताल में बद इंतजामों से जूझना पड़ा। इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें संक्रमित उप प्राचार्य को ऑक्सीजन लगी हुई है और उनके पास एक तीमारदार मौजूद दिखाई दे रहा है, लेकिन कोई भी चिकित्सक नजर नहीं आ रहा है।
उप प्राचार्य उपचार के अभाव में दर्द से कराहते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई है। वह करीब डेढ़ घंटे तक दर्द से कराहते रहे, लेकिन कोई चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा। यदि उचित समय पर उप प्राचार्य को उपचार दिया गया होता या उनको समय पर रेफर कर दिया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।
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उप प्राचार्य के आने पर इमरजेंसी में उपचार किया गया। जहां पर वह जांच में कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया। साथी तीमारदारों ने निजी एंबुलेंस में लिटा दिया। इसके बाद उन्हें सरकारी एंबुलेंस से झांसी भेजा गया था। आइसोलेशन वार्ड में स्टाफ मौजूद रहता है।
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- डा. अमित चतुुर्वेदी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल पुरुष
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उप प्राचार्य उपचार के अभाव में दर्द से कराहते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई है। वह करीब डेढ़ घंटे तक दर्द से कराहते रहे, लेकिन कोई चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा। यदि उचित समय पर उप प्राचार्य को उपचार दिया गया होता या उनको समय पर रेफर कर दिया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।
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उप प्राचार्य के आने पर इमरजेंसी में उपचार किया गया। जहां पर वह जांच में कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया। साथी तीमारदारों ने निजी एंबुलेंस में लिटा दिया। इसके बाद उन्हें सरकारी एंबुलेंस से झांसी भेजा गया था। आइसोलेशन वार्ड में स्टाफ मौजूद रहता है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल पुरुष