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गांव में नहीं मिल सका निर्धनों को निशुल्क राशन
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सैपुरा सहरिया बस्ती में पत्थर से बना मकान
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। लॉकडाउन के चलते गरीब तबके के परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है, लेकिन विकासखंड बिरधा के अंतर्गत ग्राम सैपुरा के मजरा मुजफ्ता सहरिया बस्ती में लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। कई पात्रों के अंगूठा लग जाने के बाद भी उन्हें खाद्य सामग्री नहीं दी गई है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि कइयों को दो वर्ष से राशन सामग्री नहीं दी गई है, जबकि यहां के परिवारों के पास रोजगार के साधन नहीं है। आर्थिक संकट से जूझ कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
लॉकडाउन से लोगों को रोजगार मिलने के साधन प्रभावित हो गए हैं। इससे घरों में रहने से परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में शासन ने पात्रों को यूनिट के हिसाब से तीन महीने तक निशुल्क राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लेकिन, जनपद में कई स्थानों पर लाभार्थियों को राशन नहीं मिल पा रहा है, जबकि लाभार्थियों से राशन के पैसों की उगाही कर ली गई, इसके बावजूद भी राशन नहीं दिया गया है।
पांच सौ से अधिक लोगों की है आबादी
विकासखंड बिरधा अंतर्गत ग्राम सैपुरा के मजरा मुजफ्ता सहरिया बस्ती में लगभग पांच सौ से अधिक लोगों की आबादी है। यहां पर निर्धनों को लॉकडाउन के दौरान मिलने वाला निशुल्क राशन वितरण नहीं किया गया है। जब ग्रामीणों ने जानकारी की तो सूची में नाम नहीं होने का हवाला दे दिया गया। कई बार अंगूठा लगने के बाद भी शो नहीं करने की जानकारी दी जाती है। राशन मांगने पर अगली बार का हवाला दे दिया जा रहा है। कई निर्धनों के पास तो दो वर्ष से राशनकार्ड हैं। मांग करने पर कुछ दिनों बाद देने की बात कह रहे हैं।
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गांव में रोजगार नहीं होने से हरियाणा में मजदूरी करता हूं, लेकिन लॉकडाउन पर वापस आ गया हूं। यहां योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- सुकपाल सहरिया
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एक वर्ष से राशन नहीं मिल पा रहा है। जानकारी करने पर नाम कटने का हवाला मिलता है। मायूस होकर घर वापस आ जाता हूं।
- सुखदेव
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गांव में न तो कोई रोजगार की सुविधा है और न ही मजूदरी मिलती है। लॉकडाउन में निशुल्क राशन के नाम पैसे ले लिए, लेकिन राशन नहीं दिया है।
- सुरेंद्र
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मनरेगा में काम तो पहले से ही नहीं मिला है। दो वर्ष बाद अप्रैल माह में राशन मिला है। महुआ बीन कर परिवार चला रहे हैं।
- रामसेवक
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राशन की दुकान पर अंगूठा लगवा लिया, लेकिन राशन नहीं दिया गया है। राशन की मांग करने पर भगा दिया जाता है। राशन दिलवाया जाए।
- मानसिंह
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मकान नहीं होने पर आवास मिला था, पक्का मकान की उम्मीद थी, लेकिन आवास के ऊपर सीधे पत्थर रख दिया है। सीमेंट न लगने से बारिश में पानी आता है।
- मीरा
ब्लॉक बिरधा के ग्राम सैपुरा में सहरिया बस्ती में राशन वितरण नहीं होने की जानकारी हुई है। जांच करके राशन दिलवाया जाएगा। गलती होने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी
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लॉकडाउन से लोगों को रोजगार मिलने के साधन प्रभावित हो गए हैं। इससे घरों में रहने से परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में शासन ने पात्रों को यूनिट के हिसाब से तीन महीने तक निशुल्क राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लेकिन, जनपद में कई स्थानों पर लाभार्थियों को राशन नहीं मिल पा रहा है, जबकि लाभार्थियों से राशन के पैसों की उगाही कर ली गई, इसके बावजूद भी राशन नहीं दिया गया है।
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पांच सौ से अधिक लोगों की है आबादी
विकासखंड बिरधा अंतर्गत ग्राम सैपुरा के मजरा मुजफ्ता सहरिया बस्ती में लगभग पांच सौ से अधिक लोगों की आबादी है। यहां पर निर्धनों को लॉकडाउन के दौरान मिलने वाला निशुल्क राशन वितरण नहीं किया गया है। जब ग्रामीणों ने जानकारी की तो सूची में नाम नहीं होने का हवाला दे दिया गया। कई बार अंगूठा लगने के बाद भी शो नहीं करने की जानकारी दी जाती है। राशन मांगने पर अगली बार का हवाला दे दिया जा रहा है। कई निर्धनों के पास तो दो वर्ष से राशनकार्ड हैं। मांग करने पर कुछ दिनों बाद देने की बात कह रहे हैं।
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गांव में रोजगार नहीं होने से हरियाणा में मजदूरी करता हूं, लेकिन लॉकडाउन पर वापस आ गया हूं। यहां योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- सुकपाल सहरिया
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एक वर्ष से राशन नहीं मिल पा रहा है। जानकारी करने पर नाम कटने का हवाला मिलता है। मायूस होकर घर वापस आ जाता हूं।
- सुखदेव
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गांव में न तो कोई रोजगार की सुविधा है और न ही मजूदरी मिलती है। लॉकडाउन में निशुल्क राशन के नाम पैसे ले लिए, लेकिन राशन नहीं दिया है।
- सुरेंद्र
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मनरेगा में काम तो पहले से ही नहीं मिला है। दो वर्ष बाद अप्रैल माह में राशन मिला है। महुआ बीन कर परिवार चला रहे हैं।
- रामसेवक
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राशन की दुकान पर अंगूठा लगवा लिया, लेकिन राशन नहीं दिया गया है। राशन की मांग करने पर भगा दिया जाता है। राशन दिलवाया जाए।
- मानसिंह
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मकान नहीं होने पर आवास मिला था, पक्का मकान की उम्मीद थी, लेकिन आवास के ऊपर सीधे पत्थर रख दिया है। सीमेंट न लगने से बारिश में पानी आता है।
- मीरा
ब्लॉक बिरधा के ग्राम सैपुरा में सहरिया बस्ती में राशन वितरण नहीं होने की जानकारी हुई है। जांच करके राशन दिलवाया जाएगा। गलती होने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी