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960 परीक्षार्थियों ने छोड़़ी नवोदय परीक्षा
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ललितपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई। इस दौरान नामांकित 2534 के सापेक्ष 1574 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और 960 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी।
जिले के नौ केंद्रों पर सुबह साढ़े ग्यारह बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान नामांकित 2534 के मुकाबले 1574 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए जोनल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की थी। वहीं, जवाहर नवोदय विद्यालय ने आब्जर्वर की तैनाती की थी। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक व बीएसए भी परीक्षा पर नजर बनाए रहे। अब उत्तर पुस्तिकाओं को एकत्रित कर कानपुर भेजा जा रहा है, जहां से इन्हें दिल्ली पहुंचाया जाएगा। जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य सुरेश कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा का पेपर काफी सरल रहा। इससे चयन की उम्मीद बंध गई है। काफी समय से नवोदय की तैयारी कर रहे थे। इसमें चयन के बाद सस्ती और उम्दा शिक्षा मिलती है। -
कृष्णदेव
जवाहर नवोदय विद्यालय की आवासीय शिक्षा मुफ्त है। विद्यालय का वातावरण भी ठीक है। यदि चयन होता है तो परिवार वाले विद्यालय भेजने के लिए तैयार हैं।-दीपाली रजक
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कोरोना की वजह से परीक्षा लेट हो गई। वरना, परीक्षा की तैयारी बहुत पहले से कर रहे थे लेकिन परीक्षा आयोजित नहीं हो पा रही थी, इससे चयन अटका था।-हर्षिता विश्वकर्मा
जिले में सस्ती शिक्षा पाने के दो ही प्रमुख माध्यम हैं। इनमें या तो केंद्रीय विद्यालय में दाखिला हो जाए या फिर जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन हो जाए। - हेमवती अहिरवार
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जिले के नौ केंद्रों पर सुबह साढ़े ग्यारह बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान नामांकित 2534 के मुकाबले 1574 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए जोनल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की थी। वहीं, जवाहर नवोदय विद्यालय ने आब्जर्वर की तैनाती की थी। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक व बीएसए भी परीक्षा पर नजर बनाए रहे। अब उत्तर पुस्तिकाओं को एकत्रित कर कानपुर भेजा जा रहा है, जहां से इन्हें दिल्ली पहुंचाया जाएगा। जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य सुरेश कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
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परीक्षा का पेपर काफी सरल रहा। इससे चयन की उम्मीद बंध गई है। काफी समय से नवोदय की तैयारी कर रहे थे। इसमें चयन के बाद सस्ती और उम्दा शिक्षा मिलती है। -
कृष्णदेव
जवाहर नवोदय विद्यालय की आवासीय शिक्षा मुफ्त है। विद्यालय का वातावरण भी ठीक है। यदि चयन होता है तो परिवार वाले विद्यालय भेजने के लिए तैयार हैं।-दीपाली रजक
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कोरोना की वजह से परीक्षा लेट हो गई। वरना, परीक्षा की तैयारी बहुत पहले से कर रहे थे लेकिन परीक्षा आयोजित नहीं हो पा रही थी, इससे चयन अटका था।-हर्षिता विश्वकर्मा
जिले में सस्ती शिक्षा पाने के दो ही प्रमुख माध्यम हैं। इनमें या तो केंद्रीय विद्यालय में दाखिला हो जाए या फिर जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन हो जाए। - हेमवती अहिरवार