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चंदेरी से टीकमगढ़ तक बनेगा राष्ट्रीय राजमार्ग
lalitpur
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:56 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। ऐतिहासिक, धार्मिक और अपनी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेेश की नगरी चंदेरी व टीकमगढ़ को ललितपुर से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की तैयार की जा रही है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग द्वारा केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। विभाग द्वारा सर्वे किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही चंदेरी से ललितपुर होकर टीकमगढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
ललितपुर से 36 किलोमीटर दूर स्थित चंदेरी और ललितपुर से बानपुर होते हुए 45 किलोमीटर दूर जिला टीकमगढ़ कई ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। चंदेरी का इतिहास बुंदेलखंडवासियों के लिए बहुत महत्व रखता है। चंदेरी का किला मालवा व बुंदेलखंड की सीमा और बेतवा नदी के किनारे पर बसा है। यहां बुंदेला व मालवा के राजाओं द्वारा बनाई गई इमारतें काफी प्रसिद्ध हैं। महाभारत में भी चंदेरी का उल्लेख मिलता है। यहां की साड़ियां भी प्रसिद्ध हैं।
चंदेरी नगरी 71 मीटर ऊंची पहाड़ी की चोटी पर बसा है। हिंदू परंपरा के अनुसार जागेश्वरी माता मंदिर और नौवीं एवं दशवीं शताब्दी के बने जैन मंदिर यहां आकर्षण के केंद्र हैं। इसी प्रकार ललितपुर से दूसरी ओर बसा टीकमगढ़ जिला भी अपने ऐतिहासिक महत्व को जाना जाता है। टीकमगढ़ का मूल नाम टेहरी है। यह जनपद 1783 ईसवी में राजा विक्रमजीत की राजधानी था। यह जामनी, बेतवा और धसान की सहायक नदियों के पठार पर बसा है। गढ़कुंडार का किला, बड़े महादेव धार्मिक इतिहास को दर्शाते हैं। इसी प्रकार टीकमगढ़ से पांच किलोमीटर दूर स्थित पपौराजी के 108 जैन मंदिर पर्यटन व धार्मिक सद्भाव के लिए जाने जाते हैं।
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इसके चलते शासन ने चंदेरी व टीकमगढ़ को ललितपुर से होते हुए सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने चंदेरी से ललितपुर और ललितपुर से टीकमगढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की योजना तैयार की है। विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेज दिया है। चंदेरी को राजघाट होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-सागर एनएच-44 से जोड़कर गुगरवारा, बानपुर होते हुए टीकमगढ़ से जोड़ा जाना है।
चंदेरी से ललितपुर और टीकमगढ़ तक राजमार्ग बनने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में जाने का मार्ग काफी सुगम हो सकेगा। अभी चंदेरी व टीकमगढ़ तक का सफर खस्ता हाल सड़कों के कारण दो से ढाई घंटे में पूरा होता है, वह राजमार्ग बनने के बाद 40 से 50 मिनट में ही पूरा हो सकेगा। इसके साथ ही ललितपुर से चंदेरी होते हुए अशोक नगर, शिवपुरी, एबी रोड से सीधे नागपुर, मुंबई व इंदौर के लिए भी यात्रा आसान हो सकेगी। वहीं ललितपुर से 45 किलोमीटर दूर टीकमगढ़ तक राजमार्ग बनने से छतरपुर, महोबा होते हुए पन्ना, रीवा व इलाहाबाद मार्ग के लिए वाहन यात्रा और व्यापारिक परिवहन भी सुलभ हो सकेगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा पिछले दिनों नए मार्गों के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। चंदेरी से ललितपुर होते हुए टीकमगढ़ तक के लिए राजमार्ग का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से ललितपुर में पर्यटन के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी बदलाव होंगे।
ए बी कटियार, एसडीओ लोक निर्माण विभाग
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ललितपुर से 36 किलोमीटर दूर स्थित चंदेरी और ललितपुर से बानपुर होते हुए 45 किलोमीटर दूर जिला टीकमगढ़ कई ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। चंदेरी का इतिहास बुंदेलखंडवासियों के लिए बहुत महत्व रखता है। चंदेरी का किला मालवा व बुंदेलखंड की सीमा और बेतवा नदी के किनारे पर बसा है। यहां बुंदेला व मालवा के राजाओं द्वारा बनाई गई इमारतें काफी प्रसिद्ध हैं। महाभारत में भी चंदेरी का उल्लेख मिलता है। यहां की साड़ियां भी प्रसिद्ध हैं।
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चंदेरी नगरी 71 मीटर ऊंची पहाड़ी की चोटी पर बसा है। हिंदू परंपरा के अनुसार जागेश्वरी माता मंदिर और नौवीं एवं दशवीं शताब्दी के बने जैन मंदिर यहां आकर्षण के केंद्र हैं। इसी प्रकार ललितपुर से दूसरी ओर बसा टीकमगढ़ जिला भी अपने ऐतिहासिक महत्व को जाना जाता है। टीकमगढ़ का मूल नाम टेहरी है। यह जनपद 1783 ईसवी में राजा विक्रमजीत की राजधानी था। यह जामनी, बेतवा और धसान की सहायक नदियों के पठार पर बसा है। गढ़कुंडार का किला, बड़े महादेव धार्मिक इतिहास को दर्शाते हैं। इसी प्रकार टीकमगढ़ से पांच किलोमीटर दूर स्थित पपौराजी के 108 जैन मंदिर पर्यटन व धार्मिक सद्भाव के लिए जाने जाते हैं।
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इसके चलते शासन ने चंदेरी व टीकमगढ़ को ललितपुर से होते हुए सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने चंदेरी से ललितपुर और ललितपुर से टीकमगढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की योजना तैयार की है। विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेज दिया है। चंदेरी को राजघाट होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी-सागर एनएच-44 से जोड़कर गुगरवारा, बानपुर होते हुए टीकमगढ़ से जोड़ा जाना है।
चंदेरी से ललितपुर और टीकमगढ़ तक राजमार्ग बनने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में जाने का मार्ग काफी सुगम हो सकेगा। अभी चंदेरी व टीकमगढ़ तक का सफर खस्ता हाल सड़कों के कारण दो से ढाई घंटे में पूरा होता है, वह राजमार्ग बनने के बाद 40 से 50 मिनट में ही पूरा हो सकेगा। इसके साथ ही ललितपुर से चंदेरी होते हुए अशोक नगर, शिवपुरी, एबी रोड से सीधे नागपुर, मुंबई व इंदौर के लिए भी यात्रा आसान हो सकेगी। वहीं ललितपुर से 45 किलोमीटर दूर टीकमगढ़ तक राजमार्ग बनने से छतरपुर, महोबा होते हुए पन्ना, रीवा व इलाहाबाद मार्ग के लिए वाहन यात्रा और व्यापारिक परिवहन भी सुलभ हो सकेगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा पिछले दिनों नए मार्गों के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। चंदेरी से ललितपुर होते हुए टीकमगढ़ तक के लिए राजमार्ग का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से ललितपुर में पर्यटन के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी बदलाव होंगे।
ए बी कटियार, एसडीओ लोक निर्माण विभाग