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जुगपुरा व महेशपुरा के छह हजार बाशिंदे बनेंगे शहरी

Wed, 20 Jul 2016 01:47 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Wed, 20 Jul 2016 01:47 AM IST
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nager palika lalitpur
प्रशासन - फोटो : amar ujala
ललितपुर। नगर से देवगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर नगर की सीमा के बाहर बसे ग्राम जुगपुरा व महेशपुरा में रहने वाले छह हजार से अधिक ग्रामीणों की पहचान आने वाले दिनों में शहरी के रूप में होने लगेगी। मुख्यमंत्री द्वारा नगर पालिका क्षेत्र के सीमा विस्तार की घोषणा करने के बाद विभागीय व शासन के पत्राचार में आई तेजी से जल्द ही सीमा विस्तार के आसार दिखने लगे हैं।
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वर्ष 1975 में ललितपुर नगर पालिका का गठन किया गया था, तब से लेकर अब तक नगर पालिका क्षेत्र का सीमा विस्तार नहीं हुआ है। जिला मुख्यालय से देवगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर मुहल्ला नेहरू नगर के आगे ढाई किलो मीटर की दूरी पर स्थित ग्राम जुगपुरा तक घनी बस्ती बस गई है। वहीं, जुगपुरा के आगे करीब डेढ़ किलोमीटर पर ग्राम महेशपुरा तक लोगों ने जमीन खरीदकर मकान बनाने की तैयारी भी कर ली है। नगर पालिका ने सीमा विस्तार के लिए जो मानचित्र तैयार किया है, इसमें नेहरू नगर के आगे बसे मुहल्ला सेवनी, ग्राम जुगपुरा व महेशपुरा का पूरा हिस्सा शहर सीमा में शामिल कर लिया जाएगा। वहीं, महेशपुरा के आगे का गांव ककरुआ का शुरुआती कुछ हिस्सा भी नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल कर लिया जाएगा। सीमा विस्तार होने के बाद इन इलाकों में रहने वाले छह हजार से अधिक ग्रामीण शहरी कहलाने लगेंगे।
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यह है गांव की वर्तमान स्थिति
मुहल्ला सेवनी: नगर सीमा पर बसा मुहल्ला सेवनी पहले ग्राम सभा पटौरा कलां क्षेत्र में शामिल था, लेकिन पिछली पांच वर्षों से सेवनी मुहल्ला के कुछ भाग में रहने वाले लोगों को नगर पालिका का वोटर बना दिया गया था, लेकिन यह पालिका क्षेत्र से बाहर बसा हुआ है। इसलिए इस ओर नगर पालिका द्वारा कोई ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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ग्राम जुगपुरा: नगर सीमा से सटा हुआ ग्राम जुगपुरा की आबादी साढ़े तीन हजार से अधिक है और यहां के वोटरों की संख्या 2187 है। गांव में एक प्राथमिक विद्यालय व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। यह गांव जिला मुख्यालय से सटा हुआ है, लेकिन यहां की स्थिति काफी बदतर है। यहां बसी नई बस्तियों में सड़कों व नालियों का नामोनिशान भी है। बरसात के पानी की निकासी के लिए नाली की व्यवस्था नहीं होने के कारण इलाके के रास्तों पर जल भराव की समस्या हो रही है।

ग्राम महेशपुरा: ग्राम महेशपुरा की शहर से कुल दूरी तीन किलोमीटर है, लेकिन यहां का विकास अभी कोषों दूर है। ग्राम प्रधान निर्वाचन के अनुसार गांव के 1550 लोग वोटर हैं व कुल आबादी तीन हजार के करीब है। गांव में दो प्राथमिक विद्यालय व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। गांव में प्रवेश करते ही सड़क पर कीचड़ जमा है, टूटी पड़ी नालियों का गंदा पानी विद्यालय के मुख्य द्वार व गांव की मुख्य सड़कों पर फैला हुआ है। इससे और भी बेकार स्थिति गांव के भीतर बनी सड़कों व नालियों की है।  


भईया सीमा विस्तार कया होत हमें नईयां पतो, बस हमाए इते की जा सड़क नौनी हो जाए और जो पानू भरे रत से ईसे मछरा काटत।
- सीता बाई

नगर क्षेत्र के सीमा विस्तार का होना बहुत जरुरी है, इससे गांव का विकास होगा। बचपन से बुढ़ापा यहीं काट दिया है, लेकिन गांव अब तक गांव का विकास नहीं हो पाया है।
-पूरन सिंह
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