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Lalitpur News: छह महीने से मोटर और र्स्टाटर खराब, 36 गांवों में पानी का संकट
Mon, 24 Apr 2023 01:00 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Mon, 24 Apr 2023 01:00 AM IST
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बांसी। सरकार ने 50 करोड़ रुपये खर्च करके 36 गांवों में पानी का संकट दूर करने की कवायद की, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते लोगों को छह महीने से पानी नहीं मिल रहा है। बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना के तहत बनाए गए टैंक की मोटर और र्स्टाटर खराब होने से गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा है। लोग हैंडपंपों और निजी ट्यूबवेल के सहारे पानी भरकर प्यास बुझा रहे हैं। वहीं अफसर बजट न होने से मोटर और र्स्टाटर सही न हो पाने की बात कह रहे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना अंतर्गत वर्ष 2018-19 में करीब 50 करोड़ की लागत से बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। इसके तहत 12 ग्राम पंचायतों से जुड़े 36 गांवों में पानी पहुंचाने की तैयारी की गई। गांवों में टंकियां बनाने के साथ ही पाइपलाइन बिछाई गई। शहजाद बांध पास ग्राम बरी में एक टैंक बनाया गया। इससे गांव तेरई में बने फिल्टर टैंक तक पानी पंहुचाया जाता है। इस फिल्टर टैंक के जरिए योजना से जुड़े गांवों में बनी पानी की टंकी तक पानी पहुंचाया जाता है।
करीब छह महीने पहले गांव बरी में बने टैंक पर लगे विद्युत उपकरण और मोटर खराब हो गई। इससे गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। गांव के लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से मोटर को सही करवाने की मांग की। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब गांवों के लोग हैंडपंप व निजी ट्यूबवेल से पानी भरने को मजबूर हो रहे हैं। अब गर्मी बढ़ने के साथ ही हैंडपंप भी सूख रहे हैं। इससे पेयजल संकट गहरा रहा है।
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बजट के अभाव में मरम्मत का काम नहीं हो सका है। जल्द ही मोटर और स्टार्टर को सही कराया जाएगा। अप्रैल माह के अंत तक सभी गांवों में पानी पहुंच जाएगा। - अवनीश सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना अंतर्गत वर्ष 2018-19 में करीब 50 करोड़ की लागत से बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। इसके तहत 12 ग्राम पंचायतों से जुड़े 36 गांवों में पानी पहुंचाने की तैयारी की गई। गांवों में टंकियां बनाने के साथ ही पाइपलाइन बिछाई गई। शहजाद बांध पास ग्राम बरी में एक टैंक बनाया गया। इससे गांव तेरई में बने फिल्टर टैंक तक पानी पंहुचाया जाता है। इस फिल्टर टैंक के जरिए योजना से जुड़े गांवों में बनी पानी की टंकी तक पानी पहुंचाया जाता है।
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करीब छह महीने पहले गांव बरी में बने टैंक पर लगे विद्युत उपकरण और मोटर खराब हो गई। इससे गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। गांव के लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से मोटर को सही करवाने की मांग की। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब गांवों के लोग हैंडपंप व निजी ट्यूबवेल से पानी भरने को मजबूर हो रहे हैं। अब गर्मी बढ़ने के साथ ही हैंडपंप भी सूख रहे हैं। इससे पेयजल संकट गहरा रहा है।
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बजट के अभाव में मरम्मत का काम नहीं हो सका है। जल्द ही मोटर और स्टार्टर को सही कराया जाएगा। अप्रैल माह के अंत तक सभी गांवों में पानी पहुंच जाएगा। - अवनीश सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम