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Lalitpur News: मजदूरी के लिए भटक रहे हैं मनरेगा जॉब कार्ड धारक
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महरौनी। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत छपरट में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को अब मजदूरी के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरी का भुगतान मांगने से उनसे सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है, जिसे वह नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मजदूरी दिलवाने के मांग की है।
ग्राम पंचायत छपरट में मनरेगा से कराए गए कार्यों का भुगतान के लिए मजदूरों को ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों के चक्कर काटने को विवश होना पड़ रहा है। जॉबकार्ड धारकों का आरोप है कि उन लोगों से काम तो करवा लिया गया लेकिन उसका पारिश्रमिक अभी तक नहीं मिला। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अधिकारी व रोजगार सेवक भुगतान दिलाने के लिए सुविधा शुल्क मांग रहे हैं।
पत्नी सहित हम दोनों ने मनरेगा योजना में 40-40 दिन मजदूरी की लेकिन अभी तक रुपया नहीं मिला है। आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी पांच हजार रुपया की मांग कर रहे हैं। - हर कुंअर, मजदूर निवासी छपरट।
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मनरेगा में 30 दिन काम किया है लेकिन पैसा अभी तक नही मिला है।हम परेशान हैं। मजदूरी का रुपया नहीं मिलने से मकर सक्रांति का त्योहार भी ठीक से नहीं मना सके। - भरत मजदूर निवासी छपरट।
मनरेगा में 30 दिन काम किया था मजदूरी का पैसा अभी तक नहीं मिला है। यही हाल रहा तो परिवार को भरण पोषण कैसे करेंगे। मजदूरी दिलाने में मदद करें। - राम दुलारी, मजदूर निवासी छपरट।
मनरेगा में काम किया अभी तक मजदूरी नहीं मिली है। गांव के प्रधान, रोजगार सेवक सब से कह चुके कोई नहीं सुन रहा है इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।-कुसुम, मजदूर निवासी छपरट
मजदूरों का रुपया खाते में डालने के लिए हमने ग्राम विकास अधिकारी से कहा तो उन्होंने कह दिया कि इसमें तुम्हारा कोई काम नहीं है। यह हमारा और रोजगार सेवक का काम है। - केसर बाई, प्रधान ग्राम पंचायत छपरट।
मेरे ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत है। अभी तक मनरेगा योजना की धनराशि नहीं आई है। रुपये आते ही सभी कार्ड धारकों के खाते में पहुंच जाएगा। - रत्नेश कुमारी, ग्राम विकास अधिकारी।
मनरेगा योजना में काम करने वाले मजदूरों के खाते में रुपये डालने का काम ग्राम पंचायत का है। इसमें ग्राम विकास अधिकारी का कोई काम नहीं है। जैसे ही प्रदेश सरकार से धनराशि जारी होगी, मजदूरों के खाते में पहुंच जाएगी। - अर्जित प्रकाश खंड विकास अधिकारी महरौनी।
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ग्राम पंचायत छपरट में मनरेगा से कराए गए कार्यों का भुगतान के लिए मजदूरों को ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों के चक्कर काटने को विवश होना पड़ रहा है। जॉबकार्ड धारकों का आरोप है कि उन लोगों से काम तो करवा लिया गया लेकिन उसका पारिश्रमिक अभी तक नहीं मिला। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अधिकारी व रोजगार सेवक भुगतान दिलाने के लिए सुविधा शुल्क मांग रहे हैं।
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पत्नी सहित हम दोनों ने मनरेगा योजना में 40-40 दिन मजदूरी की लेकिन अभी तक रुपया नहीं मिला है। आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी पांच हजार रुपया की मांग कर रहे हैं। - हर कुंअर, मजदूर निवासी छपरट।
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मनरेगा में 30 दिन काम किया है लेकिन पैसा अभी तक नही मिला है।हम परेशान हैं। मजदूरी का रुपया नहीं मिलने से मकर सक्रांति का त्योहार भी ठीक से नहीं मना सके। - भरत मजदूर निवासी छपरट।
मनरेगा में 30 दिन काम किया था मजदूरी का पैसा अभी तक नहीं मिला है। यही हाल रहा तो परिवार को भरण पोषण कैसे करेंगे। मजदूरी दिलाने में मदद करें। - राम दुलारी, मजदूर निवासी छपरट।
मनरेगा में काम किया अभी तक मजदूरी नहीं मिली है। गांव के प्रधान, रोजगार सेवक सब से कह चुके कोई नहीं सुन रहा है इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।-कुसुम, मजदूर निवासी छपरट
मजदूरों का रुपया खाते में डालने के लिए हमने ग्राम विकास अधिकारी से कहा तो उन्होंने कह दिया कि इसमें तुम्हारा कोई काम नहीं है। यह हमारा और रोजगार सेवक का काम है। - केसर बाई, प्रधान ग्राम पंचायत छपरट।
मेरे ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत है। अभी तक मनरेगा योजना की धनराशि नहीं आई है। रुपये आते ही सभी कार्ड धारकों के खाते में पहुंच जाएगा। - रत्नेश कुमारी, ग्राम विकास अधिकारी।
मनरेगा योजना में काम करने वाले मजदूरों के खाते में रुपये डालने का काम ग्राम पंचायत का है। इसमें ग्राम विकास अधिकारी का कोई काम नहीं है। जैसे ही प्रदेश सरकार से धनराशि जारी होगी, मजदूरों के खाते में पहुंच जाएगी। - अर्जित प्रकाश खंड विकास अधिकारी महरौनी।