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अनदेखी से सिमटा माइनरों का दायरा
lalitpur
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:00 AM IST
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बांध्ा
- फोटो : demo pic
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सरकारें भले ही हर खेत तक पानी पहुंचाने का दावा करती हो, लेकिन महरौनी क्षेत्र से निकली नहरें और माइनर सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। इस क्षेत्र में जहां जामनी और सजनाम बांध से निकली कई महत्वपूर्ण नहरों का पानी टेल तक नहीं पहुंचता हैं। वही, सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते कई माइनरों का दायरा भी सिमटता जा रहा हैं। इससे किसानों को खेती किसानी करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं।
किसान पानी के अभाव में मजबूरन खेत खाली छोड़ देता हैं या फिर अत्यधिक लागत लगाकर खेतों में कुएं, नलकूप आदि खुदवाकर खेती किसानी करता हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति जामनी बांध से निकले खिरिया लटकन्जू माइनर और मुड़िया माइनर की भी हैं। इन माइनरों से कभी खिरिया, कुआंघोषी, मिदरवाहा, पचौड़ा, किसरदा, महरौनी, मुडिया आदि गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती थी। लेकिन अब यह माइनर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। नियमित सफाई नहीं होने से इन माइनरों का दायरा सिमटता जा रहा हैं। कुआंघोषी निवासी किसान सूर्यप्रताप सिंह खिरिया माइनर के बारे बताते है कि शुरूआती दो तीन साल तो इस माइनर में पर्याप्त पानी आता था। इससे उनके गांव की सात सौ एकड़ से अधिक जमीन की सिंचाई आसानी से हो जाती थी, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं देने और नियमित सफाई नहीं होने से इसमें एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा हैं, जिसके चलते मजबूरन नलकूप आदि का सहारा लेकर खेती किसानी करनी पड़ रही हैं।
किसरदा निवासी सोबरन सिंह बताते हैं कि इस माइनर में पिछले 20 वर्षों से पानी नहीं आया हैं, जिसके चलते यह माइनर लुप्त हो गया हैं। यही स्थिति मुड़िया माइनर की हैं। सफाई नहीं होने के कारण यह माइनर मंडी रोड तक ही सिमटकर रह गया हैं। इससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं।
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सार्वजनिक रास्ते को बनाया बपौती
सिलावन (ललितपुर)। तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम जरया में प्रभावशाली ने सार्वजनिक रास्ते पर तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया हैं। यह आरोप लगा ग्रामवासियों ने एसडीएम से उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की हैं। उपजिलाधिकारी हरिशचंद्र यादव को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के प्रभावशालियों ने स्कूल और मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले सार्वजनिक मार्ग को तारबारी कर उसपर कब्जा जमा लिया हैं। जबकि उक्त मार्ग पर पूर्व में खड़ंजा और पुलिया का निर्माण सरकारी मद से हुआ था। तार बारी किए जाने के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। उक्त मार्ग की पैमाईश करने गए लेखपाल को भी धौंस डपट देकर भगा दिया गया। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मौके पर जांच कर कार्रवाई की मांग की हैं। इस मौके पर प्रधान चंदन सिंह, बालकिशन, लखन सिंह, सेन्दपालसिंह, बृजलाल सेन, शिवराज सिंह, हरदयाल, प्रेमनारायण, सीताराम, रामनयन, मुखिया, अरविंद, बलराम, संतोष, सुल्तान, भजनलाल, अनिल कुमार मौजूद रहे।
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किसान पानी के अभाव में मजबूरन खेत खाली छोड़ देता हैं या फिर अत्यधिक लागत लगाकर खेतों में कुएं, नलकूप आदि खुदवाकर खेती किसानी करता हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति जामनी बांध से निकले खिरिया लटकन्जू माइनर और मुड़िया माइनर की भी हैं। इन माइनरों से कभी खिरिया, कुआंघोषी, मिदरवाहा, पचौड़ा, किसरदा, महरौनी, मुडिया आदि गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती थी। लेकिन अब यह माइनर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। नियमित सफाई नहीं होने से इन माइनरों का दायरा सिमटता जा रहा हैं। कुआंघोषी निवासी किसान सूर्यप्रताप सिंह खिरिया माइनर के बारे बताते है कि शुरूआती दो तीन साल तो इस माइनर में पर्याप्त पानी आता था। इससे उनके गांव की सात सौ एकड़ से अधिक जमीन की सिंचाई आसानी से हो जाती थी, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं देने और नियमित सफाई नहीं होने से इसमें एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा हैं, जिसके चलते मजबूरन नलकूप आदि का सहारा लेकर खेती किसानी करनी पड़ रही हैं।
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किसरदा निवासी सोबरन सिंह बताते हैं कि इस माइनर में पिछले 20 वर्षों से पानी नहीं आया हैं, जिसके चलते यह माइनर लुप्त हो गया हैं। यही स्थिति मुड़िया माइनर की हैं। सफाई नहीं होने के कारण यह माइनर मंडी रोड तक ही सिमटकर रह गया हैं। इससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं।
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सार्वजनिक रास्ते को बनाया बपौती
सिलावन (ललितपुर)। तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम जरया में प्रभावशाली ने सार्वजनिक रास्ते पर तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया हैं। यह आरोप लगा ग्रामवासियों ने एसडीएम से उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की हैं। उपजिलाधिकारी हरिशचंद्र यादव को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के प्रभावशालियों ने स्कूल और मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले सार्वजनिक मार्ग को तारबारी कर उसपर कब्जा जमा लिया हैं। जबकि उक्त मार्ग पर पूर्व में खड़ंजा और पुलिया का निर्माण सरकारी मद से हुआ था। तार बारी किए जाने के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। उक्त मार्ग की पैमाईश करने गए लेखपाल को भी धौंस डपट देकर भगा दिया गया। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मौके पर जांच कर कार्रवाई की मांग की हैं। इस मौके पर प्रधान चंदन सिंह, बालकिशन, लखन सिंह, सेन्दपालसिंह, बृजलाल सेन, शिवराज सिंह, हरदयाल, प्रेमनारायण, सीताराम, रामनयन, मुखिया, अरविंद, बलराम, संतोष, सुल्तान, भजनलाल, अनिल कुमार मौजूद रहे।