{"_id":"6ae4fe7d1eb497ce600464f6","slug":"mercury-drops-by-seven-degrees-amid-light-showers-winter-makes-an-arrival-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-166008-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: फुहारों से सात डिग्री लुढ़का पारा, ठंड ने दी दस्तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: फुहारों से सात डिग्री लुढ़का पारा, ठंड ने दी दस्तक
Sat, 31 Oct 2026 02:00 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sat, 31 Oct 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
ललितपुर। अर्नब तूफान का असर जिले में दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार रात शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जबकि शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहीं। ठंडी हवाओं और बारिश से मौसम में नमी बढ़ी और दो दिनों में अधिकतम तापमान सात डिग्री तक गिर गया। इससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा। वहीं, हल्की बारिश से रबी की फसलों की बोआई कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों का कहना है कि तेज बारिश होती तो पलेवा और सिंचाई की जरूरत पूरी हो जाती।
बृहस्पतिवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। देर रात तक हल्की फुहार जारी रही। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी बहने लगा। शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। ठंडी हवाओं के कारण मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से मौसम में सुधार होने की संभावना है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 20 और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
हल्की बारिश से रबी की बोआई को मिलेगा लाभ
जिले में किसान इन दिनों रबी की फसलों की बोआई में जुटे हैं। जिन खेतों में बोआई हो चुकी है, वहां हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी और फसलों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिनेश कुमार तिवारी ने बताया कि हल्की बारिश से मिट्टी में उचित नमी मिलने पर रबी की फसलों के बीज का जमाव अच्छा होगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
तेज बारिश होती तो बचता सिंचाई का खर्च
सौजना क्षेत्र के किसान रमेश कुशवाहा, लोकेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला और नाराहट क्षेत्र के राजाराम तिवारी व विक्रांत सिंह ने बताया कि दो दिन से मौसम बदला है, लेकिन तेज बारिश नहीं हुई। पर्याप्त बारिश होने पर किसान बोआई के लिए पलेवा कर पाते। इससे अलग से सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती और डीजल का खर्च भी बचता। अब किसानों को डीजल पंप, ट्यूबवेल और नहरों के सहारे सिंचाई करनी पड़ेगी। इससे समय और पैसा दोनों खर्च होंगे।
दो दिन में सात डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
मौसम में बदलाव के कारण दो दिनों में अधिकतम तापमान सात डिग्री गिर गया। 28 अक्तूबर को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड बढ़ने से लोगों ने घरों में पंखे बंद रखे। शाम को बाहर निकलने वाले लोग हाफ जैकेट और स्वेटर पहने नजर आए।
तालबेहट में बिजली आपूर्ति प्रभावित, किसान भी परेशान
तालबेहट। अर्नब तूफान का असर क्षेत्र में भी दिखाई दिया। पिछले दो दिनों से तेज ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। बृहस्पतिवार को मौसम में अचानक बदलाव और तेज हवाओं के चलते दोपहर बाद कई स्थानों पर विद्युत लाइनों में फॉल्ट हो गए। इससे नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई घंटों तक बिजली गुल रही। शुक्रवार को भी सुबह से ठंडी हवाएं चलती रहीं और कई जगह बूंदाबांदी हुई। दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
तेज हवाओं के कारण बिजली की आवाजाही बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों आपूर्ति बाधित रही। ठंड बढ़ने से शाम को बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, किसानों के अनुसार इस समय मूंगफली की खुदाई चल रही है, लेकिन बूंदाबांदी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। संवाद
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। देर रात तक हल्की फुहार जारी रही। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी बहने लगा। शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। ठंडी हवाओं के कारण मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से मौसम में सुधार होने की संभावना है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 20 और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
विज्ञापन
हल्की बारिश से रबी की बोआई को मिलेगा लाभ
जिले में किसान इन दिनों रबी की फसलों की बोआई में जुटे हैं। जिन खेतों में बोआई हो चुकी है, वहां हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी और फसलों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिनेश कुमार तिवारी ने बताया कि हल्की बारिश से मिट्टी में उचित नमी मिलने पर रबी की फसलों के बीज का जमाव अच्छा होगा।
विज्ञापन
तेज बारिश होती तो बचता सिंचाई का खर्च
सौजना क्षेत्र के किसान रमेश कुशवाहा, लोकेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला और नाराहट क्षेत्र के राजाराम तिवारी व विक्रांत सिंह ने बताया कि दो दिन से मौसम बदला है, लेकिन तेज बारिश नहीं हुई। पर्याप्त बारिश होने पर किसान बोआई के लिए पलेवा कर पाते। इससे अलग से सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती और डीजल का खर्च भी बचता। अब किसानों को डीजल पंप, ट्यूबवेल और नहरों के सहारे सिंचाई करनी पड़ेगी। इससे समय और पैसा दोनों खर्च होंगे।
दो दिन में सात डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
मौसम में बदलाव के कारण दो दिनों में अधिकतम तापमान सात डिग्री गिर गया। 28 अक्तूबर को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड बढ़ने से लोगों ने घरों में पंखे बंद रखे। शाम को बाहर निकलने वाले लोग हाफ जैकेट और स्वेटर पहने नजर आए।
तालबेहट में बिजली आपूर्ति प्रभावित, किसान भी परेशान
तालबेहट। अर्नब तूफान का असर क्षेत्र में भी दिखाई दिया। पिछले दो दिनों से तेज ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। बृहस्पतिवार को मौसम में अचानक बदलाव और तेज हवाओं के चलते दोपहर बाद कई स्थानों पर विद्युत लाइनों में फॉल्ट हो गए। इससे नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई घंटों तक बिजली गुल रही। शुक्रवार को भी सुबह से ठंडी हवाएं चलती रहीं और कई जगह बूंदाबांदी हुई। दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
तेज हवाओं के कारण बिजली की आवाजाही बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों आपूर्ति बाधित रही। ठंड बढ़ने से शाम को बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, किसानों के अनुसार इस समय मूंगफली की खुदाई चल रही है, लेकिन बूंदाबांदी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। संवाद