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फर्श पर बिखरी मिली दवाएं
ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2016 12:37 AM IST
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ललितपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी का निरीक्षण किया। इस दौरान दवाएं फर्श बिखरी मिलने पर उन्होंने नाराजी व्यक्त की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतेंद्र कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी का निरीक्षण किया। इस दौरान डा. धीरेंद्र खरे, फार्मासिस्ट भगवान सिंह और बार्ड ब्वॉय दीपक कुमार जैन उपस्थित मिले। प्रभारी चिकित्सक डा. सिकाफा का अवकाश स्वीकृत मिला। वह जिले से बाहर गई हैं।
ओपीडी पंजिका में 43 मरीजों को देखा जाना पाया गया। प्रतिदिन की समरी नहीं बनाई गई थी। इस पर डा. खरे को को निर्देशित किया गया। चार मरीज दस्त व बुखार के भर्ती पाए गए। पंजिका में मासिक क्रम संख्या अंकित नहीं थी, जिसके लिये कॉलम बनाने को निर्देश दिए गए।
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डा. धीरेन्द्र खरे का क्षेत्र में भ्रमण कम पाया गया। इस पर उन्हें भ्रमण बढ़ाने के निर्देश दिए। केंद्र पर मेडिसिन पंजिका, डेड स्टॉक पंजिका और दवा वितरण पंजिका बनाई गई है। फार्मासिस्ट को दवा वितरण पंजिका बनाने की जानकारी नहीं है।
दवा वितरण कक्ष में दवाएं अस्त-व्यस्त हालत में पाई गईं तथा कक्ष गंदा पाया गया। जेएसवाई कक्ष गंदा पाया गया तथा कक्ष में एक पेटी में रोल बैंडेज रखी पायी गईं, जिसके बारे में फार्मासिस्ट को कोई जानकारी नही थी। मेडिसिन स्टोर खुलवाकर देखा गया, जहां दवाएं दवांए फर्श पर बिखरी पाई गईं। इस पर फार्मासिस्ट को निर्देश दिए गए। बार्ड व्याय दीपक कुमार को निर्देश दिए गए कि साफ-सफाई का कार्य प्रतिदिन किया जाए।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतेंद्र कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी का निरीक्षण किया। इस दौरान डा. धीरेंद्र खरे, फार्मासिस्ट भगवान सिंह और बार्ड ब्वॉय दीपक कुमार जैन उपस्थित मिले। प्रभारी चिकित्सक डा. सिकाफा का अवकाश स्वीकृत मिला। वह जिले से बाहर गई हैं।
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ओपीडी पंजिका में 43 मरीजों को देखा जाना पाया गया। प्रतिदिन की समरी नहीं बनाई गई थी। इस पर डा. खरे को को निर्देशित किया गया। चार मरीज दस्त व बुखार के भर्ती पाए गए। पंजिका में मासिक क्रम संख्या अंकित नहीं थी, जिसके लिये कॉलम बनाने को निर्देश दिए गए।
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डा. धीरेन्द्र खरे का क्षेत्र में भ्रमण कम पाया गया। इस पर उन्हें भ्रमण बढ़ाने के निर्देश दिए। केंद्र पर मेडिसिन पंजिका, डेड स्टॉक पंजिका और दवा वितरण पंजिका बनाई गई है। फार्मासिस्ट को दवा वितरण पंजिका बनाने की जानकारी नहीं है।
दवा वितरण कक्ष में दवाएं अस्त-व्यस्त हालत में पाई गईं तथा कक्ष गंदा पाया गया। जेएसवाई कक्ष गंदा पाया गया तथा कक्ष में एक पेटी में रोल बैंडेज रखी पायी गईं, जिसके बारे में फार्मासिस्ट को कोई जानकारी नही थी। मेडिसिन स्टोर खुलवाकर देखा गया, जहां दवाएं दवांए फर्श पर बिखरी पाई गईं। इस पर फार्मासिस्ट को निर्देश दिए गए। बार्ड व्याय दीपक कुमार को निर्देश दिए गए कि साफ-सफाई का कार्य प्रतिदिन किया जाए।