{"_id":"da6c139dbcd19c734343f21f15000038","slug":"mathematics-teacher-described-the-nuances-of-sdm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम ने शिक्षक बन बताई गणित की बारीकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम ने शिक्षक बन बताई गणित की बारीकियां
ललितपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिलावन (ललितपुर)। उपजिलाधिकारी महरौनी ने प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को परख कर आधा-आधा घंटा बच्चों को पढ़ाया, साथ ही बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता पर नाराजी जताते हुए अध्यापकों को एक सप्ताह में सुधार लाने का अल्टीमेटम दिया।
सोमवार को एसडीएम यशु रुस्तगी सुबह साढ़े आठ बजे अचानक पूर्व माध्यमिक विद्यालय जरया पहुंचीं उन्हें विद्यालय में देख शिक्षकों के हाथ पांव फूल गए। विद्यालय पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले विद्यालय की साफ- सफाई देखी। कक्षाओं में उपस्थित बच्चों के ज्ञान को परखा। यहां उन्होंने बच्चों को आधा घंटा ज्यामितीय गणित पढ़ाई तथा बच्चों से सवाल किए, साथ ही प्रधानाध्यापक को विद्यालय में शौचालय निर्माण बनवाने के निर्देश दिए। इसके बाद सवा नौ बजे वह प्राथमिक विद्यालय जरया पहुंची, यहां 107 बच्चों के सापेक्ष 50 बच्चे उपस्थित मिले।
उन्होंने कक्षा चार के बच्चों से गुणा- भाग के सवाल कराए, इसमें से कई बच्चों ने सवालों को हल नहीं कर पाया। कक्षा एक व दो के बच्चों से गिनती पूछी तो बहुत कम ही बच्चे गिनती सुना पाए, इस पर उन्होंने नाराजगी जतायी। कक्षा पांच के बच्चों को भिन्न वाले सवाल हल करने को दिए, इसमें से अधिकांश बच्चे सवाल हल नहीं कर सके। बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को देखकर उनकी भौहें तन गई। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उपस्थित शिक्षक व शिक्षिकाओं को एक सप्ताह में सुधार लाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने स्वयं चाक उठाकर बच्चों को गणित की बारीकियां बताईं। उन्होंने प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को एसडीएम यशु रुस्तगी सुबह साढ़े आठ बजे अचानक पूर्व माध्यमिक विद्यालय जरया पहुंचीं उन्हें विद्यालय में देख शिक्षकों के हाथ पांव फूल गए। विद्यालय पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले विद्यालय की साफ- सफाई देखी। कक्षाओं में उपस्थित बच्चों के ज्ञान को परखा। यहां उन्होंने बच्चों को आधा घंटा ज्यामितीय गणित पढ़ाई तथा बच्चों से सवाल किए, साथ ही प्रधानाध्यापक को विद्यालय में शौचालय निर्माण बनवाने के निर्देश दिए। इसके बाद सवा नौ बजे वह प्राथमिक विद्यालय जरया पहुंची, यहां 107 बच्चों के सापेक्ष 50 बच्चे उपस्थित मिले।
विज्ञापन
उन्होंने कक्षा चार के बच्चों से गुणा- भाग के सवाल कराए, इसमें से कई बच्चों ने सवालों को हल नहीं कर पाया। कक्षा एक व दो के बच्चों से गिनती पूछी तो बहुत कम ही बच्चे गिनती सुना पाए, इस पर उन्होंने नाराजगी जतायी। कक्षा पांच के बच्चों को भिन्न वाले सवाल हल करने को दिए, इसमें से अधिकांश बच्चे सवाल हल नहीं कर सके। बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को देखकर उनकी भौहें तन गई। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उपस्थित शिक्षक व शिक्षिकाओं को एक सप्ताह में सुधार लाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने स्वयं चाक उठाकर बच्चों को गणित की बारीकियां बताईं। उन्होंने प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया।
विज्ञापन