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स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तैयार कर रहीं दो लाख मास्क
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मास्क तैयार करतीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। कोरोना संक्रमण (कोविड- 19) से बचाव के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दो लाख मास्क तैयार कर रही हैं। यह मास्क जिले के ग्राम प्रधानों समेत अन्य लोगों को बांटे जाएंगे। मास्क तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 16257 मास्क तैयार हो चुके हैं। कोरोना बीमारी महामारी का रूप लेती जा रही है। इसके बचाव के लिए सामाजिक दूरी और चेहरे को मास्क से ढंकने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश शासन ने मास्क लगाना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन, आबादी के हिसाब से सभी के लिए मास्क सुलभ कराना मुश्किल था। ऐसे में मेडिकल मास्क के स्थान पर खादी से बने मास्क को वरीयता दी जा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं खादी के मास्क का उपयोग कर रहे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत काम कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मास्क बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 164 स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत विभिन्न ब्लाकों में महिलाएं मास्क सिलाई का काम कर रही हैं। महिलाओं ने अब तक 16257 मास्क तैयार कर लिए हैं। प्रत्येक व्यक्ति को दो- दो मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, विधायक, मंत्री समेत सभी गणमान्य नागरिकों को यह मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। एक मास्क पर चार रुपये खर्च आएगा। सभी को दो- दो मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि, व्यक्ति एक मास्क को एक दिन उपयोग करने के बाद उसे धो सकेगा और दूसरे मास्क का उपयोग किया जा सकेगा। यह मास्क बहुत आरामदायक रहेंगे।
प्रतिदिन आठ हजार से अधिक मास्क तैयार किए जा रहे हैं। एक सप्ताह में सभी मास्क तैयार हो जाएंगे और लोगों तक पहुंचा दिए जाएंगे। यह मास्क बहुत आरामदायक रहेंगे।
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- अनिल कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत काम कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मास्क बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 164 स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत विभिन्न ब्लाकों में महिलाएं मास्क सिलाई का काम कर रही हैं। महिलाओं ने अब तक 16257 मास्क तैयार कर लिए हैं। प्रत्येक व्यक्ति को दो- दो मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, विधायक, मंत्री समेत सभी गणमान्य नागरिकों को यह मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। एक मास्क पर चार रुपये खर्च आएगा। सभी को दो- दो मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि, व्यक्ति एक मास्क को एक दिन उपयोग करने के बाद उसे धो सकेगा और दूसरे मास्क का उपयोग किया जा सकेगा। यह मास्क बहुत आरामदायक रहेंगे।
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प्रतिदिन आठ हजार से अधिक मास्क तैयार किए जा रहे हैं। एक सप्ताह में सभी मास्क तैयार हो जाएंगे और लोगों तक पहुंचा दिए जाएंगे। यह मास्क बहुत आरामदायक रहेंगे।
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- अनिल कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी