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कुपोषण एक बड़ी बीमारी
ललितपुर/ब्यूूरेेेा
Updated Sat, 13 Jun 2015 01:30 AM IST
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महरौनी (ललितपुर)। राज्य पोषण मिशन अन्तर्गत शुक्रवार को महरौनी स्थित सामुदायिक विकास भवन में कुपोषण मिटाने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जन जागरूकता पर बल दिया गया।
स्थानीय सामुदायिक विकास भवन में आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि कुपोषण एक बड़ी बीमारी है। इसको दूर करने के लिए जन जागरूकता जरूरी है। एएनएम व संबंधित कर्मचारी ग्रामीणों तक अभियान पहुंचाएं। कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों का नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओ को पोष्टिक भोजन, नवजात शिशुओ व किशोरियों को समुचित पोषाहार देने से रोक लग सकती है।
प्रत्येक माह बच्चों का वजन लिया जाए, घर-घर जाकर पोषण संबन्धी प्रगति का आकलन किया जाए। एसडीएम रमेशचंद्र तिवारी ने कहां कि क्षेत्र में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे इसके लिए गर्भवती महिलाओं को उचित खानपान के लिए प्रेरित करें। महिलाओं को आयरन की गोलियां वितरित की जाएं। इसके साथ ही दो साल की आयु पार कर चुके कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार वितरित करने के निर्देश दिए गए।
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अधिकारियों ने कहा कि इस कार्य में सभी एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां/ सहायिका, आशा कार्यकत्रियां, ग्राम पंचायत अधिकारी सक्रिय होकर कार्य करें। इस अभियान में किसी प्रकार की कोताही क्षम्य नहीं होगी। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी जीपी सिंह, चिकित्साधिकारी डा. राजेन्द्र भूषण पटैरिया, सीडीपीओ मुन्नी देवी, नायब तहसीलदार आनन्द कुमार नायक सहित एएनएम, आंगनबाडी/आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
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स्थानीय सामुदायिक विकास भवन में आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि कुपोषण एक बड़ी बीमारी है। इसको दूर करने के लिए जन जागरूकता जरूरी है। एएनएम व संबंधित कर्मचारी ग्रामीणों तक अभियान पहुंचाएं। कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों का नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओ को पोष्टिक भोजन, नवजात शिशुओ व किशोरियों को समुचित पोषाहार देने से रोक लग सकती है।
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प्रत्येक माह बच्चों का वजन लिया जाए, घर-घर जाकर पोषण संबन्धी प्रगति का आकलन किया जाए। एसडीएम रमेशचंद्र तिवारी ने कहां कि क्षेत्र में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे इसके लिए गर्भवती महिलाओं को उचित खानपान के लिए प्रेरित करें। महिलाओं को आयरन की गोलियां वितरित की जाएं। इसके साथ ही दो साल की आयु पार कर चुके कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार वितरित करने के निर्देश दिए गए।
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अधिकारियों ने कहा कि इस कार्य में सभी एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां/ सहायिका, आशा कार्यकत्रियां, ग्राम पंचायत अधिकारी सक्रिय होकर कार्य करें। इस अभियान में किसी प्रकार की कोताही क्षम्य नहीं होगी। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी जीपी सिंह, चिकित्साधिकारी डा. राजेन्द्र भूषण पटैरिया, सीडीपीओ मुन्नी देवी, नायब तहसीलदार आनन्द कुमार नायक सहित एएनएम, आंगनबाडी/आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।