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खरबूज नहीं बिकने से किसानों को नुकसान

Sat, 23 May 2020 10:36 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2020 10:36 PM IST
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loss in melon farming
खेतों में लगी खरबूजे की फसल - फोटो : LALITPUR
कलौथरा। तहसील पाली अंतर्गत सजनाम बांध के डूब क्षेत्र में खरबूज की खेती करने वाले किसानों को अबकी बार लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। खरबूज इंदौर, भोपाल, सागर, विदिशा, टीकमगढ़, जबलपुर, छतरपुर आदि मंडियों में जाता था, लेकिन लॉकडाउन के कारण अबकी बार ऐसा नहीं हो सका। यह फल पकने के बाद एक दिन में खराब हो जाता है। खरबूज खेतों में सड़ रहा है। इससे किसानों को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें।
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क्षेत्र के किसान हर साल खरबूज की खेती करते हैं। लेकिन, इस बार किसानों का खरबूज नहीं बिक रहा है। जिला में बांध के डूब क्षेत्र में खरबूज की बहुत पैदावार होती है। प्रतिवर्ष मंडी में किसानो के खरबूज के ट्रैक्टरों की भीड़ लगती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इससे किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। क्योंकि क्विंटलों खरबूज खेतों में ही सड़ रहा है। किसानों को अभी तक उम्मीद थी कि लॉकडाउन खुलने के बाद खरबूज की फसल का अच्छा भाव मिल जाएगा, लेकिन ऐसा हो नहीं हो सका। यहां का खरबूज बहुत मीठा होता है और यह खरबूज गर्मियों मे भूख और प्यास दोनों को मिटाता है। किसानों का कहना है कि अगर सरकार किसानों के लिए बॉर्डर खोल दे तो खरबूज का अच्छा भाव मिल सकता है।
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हमने चार एकड़ में खरबूज की खेती की थी, जिसमें एक लाख रुपये की लागत आए थी। लेकिन, इस साल लॉकडाउन व कोरोना बीमारी के चलते खरबूज बाहर नहीं जा पा रहा है। खरबूज खेतों में ही सड़ रहा है।
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- महेंद्र पटेल
खरबूज की खेती में किसानों को अच्छा मुनाफा होता था, लेकिन कोरोना बीमारी ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। खरबूज की बिक्री नहीं हो पा रही है।
- भगवत पटेल
हमने दो महीनों से दिन और रात एक करके खरबूज की फसल तैयार की। सोचा था कि इस साल काफी फायदा हो जाएगा तो सरकारी कर्ज के मुक्त हो जाएंगे, लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। कोरोना के चलते सब बर्बाद हो गया।
- प्रान सिंह पटेल
गर्मियों की खेती में सबसे अच्छा फायदा किसान को खरबूज की खेती से ही होता था। इस साल खरबूज की फसल भी बहुत अच्छी थी, लेकिन कच्चा माल होने के कारण इसे एक दिन से ज्यादा रख नहीं सकते। इसका फल खेतों में ही सड़ रहा है, जिससे बहुत नुकसान है।

- ताजुद्दीन खान
हमने ठेके पर एक एकड़ में खरबूज की खेती की थी, लेकिन खरबूज का फल नहीं बिक पा रहा है। खरबूज खेतों में ही सड़ रहा है, जिससे इसकी लागत निकाल पाना मुश्किल हो रहा है।
- मूलचंद
हर साल किसानों को खरबूज की फसल सें अच्छा फायदा होता था, लेकिन इस साल कोरोना ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है। खरबूज का फल खेतों में ही सड़ रहा है।
- इरशाद खान
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