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Lalitpur News: दस्तावेजों में सीमित, धरातल पर स्वास्थ्य इकाइयों की भरमार

Mon, 14 Sep 2026 02:11 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 02:11 AM IST
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Limited on paper, yet an abundance of health units on the ground.
मुख्यालय से गांव तक जगह-जगह संचालित हो रहे क्लीनिक और अस्पताल, कई जगह मानकों की अनदेखी का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में भले ही पंजीकृत स्वास्थ्य इकाइयों की संख्या सीमित हो, लेकिन धरातल पर इनकी संख्या कहीं अधिक नजर आती है। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक, तहसील और गांवों तक जगह-जगह निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी और अन्य स्वास्थ्य इकाइयां संचालित हो रही हैं। इनमें कई के पंजीकृत होने और निर्धारित मानकों को पूरा करने पर सवाल उठ रहे हैं। बिना पंजीयन और मानकों की अनदेखी कर संचालित इकाइयों में उपचार होने से मरीजों की सेहत को खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य इकाइयों के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसके लिए संचालक को विभाग में आवेदन करना होता है। विभागीय अधिकारी दस्तावेजों की जांच करने के बाद मानकों का स्थलीय निरीक्षण करते हैं। मानक पूरे होने पर ही पंजीयन किया जाता है। पंजीयन के बाद भी समय-समय पर इकाई की जांच की व्यवस्था है। इसके बावजूद जिले में पंजीकृत इकाइयों की तुलना में कई गुना अधिक निजी स्वास्थ्य इकाइयां संचालित होने की बात सामने आ रही है। जिला मुख्यालय पर ही कई गलियों में क्लीनिक खुले हैं। कुछ ऐसे स्थानों पर भी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां पहुंचना तक मुश्किल है। मेडिकल कॉलेज के आसपास भी निजी क्लीनिकों की संख्या बढ़ी है। यही स्थिति ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। इनमें कई इकाइयों में निर्धारित मानकों के अनुपालन पर भी सवाल हैं। कुछ स्थानों पर मेडिकल स्टोर या जांच केंद्र के नाम पर मरीजों का उपचार किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
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झोलाछाप का भी फैला जाल
जिले में बिना पंजीयन संचालित इकाइयों के साथ कथित झोलाछापों का जाल भी फैला हुआ है। पहले इनकी मौजूदगी मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक बताई जाती थी, लेकिन अब ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के आसपास भी ऐसे लोगों के इलाज करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बीते कई माह से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से इनकी संख्या बढ़ने की बात कही जा रही है।

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यह है सरकारी आंकड़ा

स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में 19 नर्सिंग होम, 28 क्लीनिक और 34 पैथोलॉजी पंजीकृत हैं। होम्योपैथ विभाग में 12 क्लीनिक पंजीकृत हैं। वहीं आयुर्वेद विभाग में पंजीकृत इकाइयों की संख्या के संबंध में विभागीय स्तर पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी और अन्य निजी स्वास्थ्य इकाइयों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग में टीम गठित है। इसमें एक अधिकारी, एक चिकित्सक और एक लिपिक को शामिल किया गया है। हालांकि, टीम की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि किसी घटना के सामने आने पर ही जांच शुरू होती है और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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जनपद में बिना पंजीयन और मानक विहीन क्लीनिकों के साथ झोलाछापों द्वारा उपचार किए जाने की जानकारी मिली है। इस संबंध में टीम के माध्यम से जांच कराई जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ, ललितपुर
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