{"_id":"5de179778ebc3e54a230e156","slug":"light-cutting-farmer-disturb-lalitpur-news-jhs1537468134","type":"story","status":"publish","title_hn":"अघोषित बिजली कटौती से नाराज किसानो ने बिरधा पावर हाउस मे जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अघोषित बिजली कटौती से नाराज किसानो ने बिरधा पावर हाउस मे जड़ा ताला
विज्ञापन
कलौथरा /ललितपुर। अघोषित बिजली कटौती से आजिज किसानों ने भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ब्लॉक अध्यक्ष की अगुवाई में बिरधा विद्युत उपकेंद्र में ताला जड़ दिया और विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। अवर अभियंता के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन में समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वह चक्काजाम के लिए बाध्य होे जाएंगे।
किसानों ने बताया कि इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है। लोगों ने बैंक से या साहूकार से पैसे उधार लेकर बुवाई की तैयारी की है। फसल की बुवाई के बाद पानी देने के लिए बिजली की आवश्यकता है, लेकिन अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि दिन और रात में कुल मिलाकर 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसमें भी बीच-बीच में कटौती की जाती है, इस कारण फसलें सूख रही है। बिजली का कोई निर्धारित रोस्टर नहीं, इस कारण किसान 24 घंटे खेत पर सोने के लिए मजबूर हैं। बैठक में तत्काल किसानों ने रणनीति बनाई और 33 केवी उपकेंद्र बिरधा की ओर कूच कर दिया, जहां जाकर किसानों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और फिर पावर हाउस पर ताला जड़ दिया। बिजली विभाग के अवर अभियंता हर प्रसाद के आश्वासन पर किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द ही किसानों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो किसान रोड जाम करने के लिए बाध्य हो जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। किसानों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया और आपूर्ति बढ़ाने के साथ निर्धारित रोस्टर क े अनुसार बिजली देने की मांग की। इस अवसर पर किसानों में नंदकिशोर कुशवाहा, नंदलाल, मोहन कुशवाहा, महेंद्र, हरगोविंद, बद्रीनारायण साहू, राजकुमार साहू, बाबूलाल, राजेश साहू, दुरजु, जूजू साहू, गणेश साहू, शोभाराम सतौरा, पंचम, प्रमोद, रविंद्र साहू, प्रेम नारायण साहू रोशन सिंह टीला, सहित क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे।
बिरधा उपकेंद्र में चार फीडर हैं, इनमें ओवरलोड होने कि स्थिति में चारों पर एक साथ चालू नहीं कर सकते, इसलिए दो फीडर को एक साथ और दो फीडरों को एक साथ सप्लाई देते है। अगर चारों फीडरों को चालू कर दे है तो पूरा सिस्टम क्रै श हो जाएगा। हमने एक और मशीन का ऑर्डर शासन को भेजा है, जिसमें 10 से 15 दिन का समय लग सकता है, जब नई मशीन आ जाएगी तो विद्युत कटौती की समस्या समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
हर प्रसाद अवर अभियंता विद्युत उपखंड बिरधा
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है। लोगों ने बैंक से या साहूकार से पैसे उधार लेकर बुवाई की तैयारी की है। फसल की बुवाई के बाद पानी देने के लिए बिजली की आवश्यकता है, लेकिन अघोषित बिजली कटौती से किसान परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि दिन और रात में कुल मिलाकर 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसमें भी बीच-बीच में कटौती की जाती है, इस कारण फसलें सूख रही है। बिजली का कोई निर्धारित रोस्टर नहीं, इस कारण किसान 24 घंटे खेत पर सोने के लिए मजबूर हैं। बैठक में तत्काल किसानों ने रणनीति बनाई और 33 केवी उपकेंद्र बिरधा की ओर कूच कर दिया, जहां जाकर किसानों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और फिर पावर हाउस पर ताला जड़ दिया। बिजली विभाग के अवर अभियंता हर प्रसाद के आश्वासन पर किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द ही किसानों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो किसान रोड जाम करने के लिए बाध्य हो जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। किसानों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया और आपूर्ति बढ़ाने के साथ निर्धारित रोस्टर क े अनुसार बिजली देने की मांग की। इस अवसर पर किसानों में नंदकिशोर कुशवाहा, नंदलाल, मोहन कुशवाहा, महेंद्र, हरगोविंद, बद्रीनारायण साहू, राजकुमार साहू, बाबूलाल, राजेश साहू, दुरजु, जूजू साहू, गणेश साहू, शोभाराम सतौरा, पंचम, प्रमोद, रविंद्र साहू, प्रेम नारायण साहू रोशन सिंह टीला, सहित क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
बिरधा उपकेंद्र में चार फीडर हैं, इनमें ओवरलोड होने कि स्थिति में चारों पर एक साथ चालू नहीं कर सकते, इसलिए दो फीडर को एक साथ और दो फीडरों को एक साथ सप्लाई देते है। अगर चारों फीडरों को चालू कर दे है तो पूरा सिस्टम क्रै श हो जाएगा। हमने एक और मशीन का ऑर्डर शासन को भेजा है, जिसमें 10 से 15 दिन का समय लग सकता है, जब नई मशीन आ जाएगी तो विद्युत कटौती की समस्या समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
हर प्रसाद अवर अभियंता विद्युत उपखंड बिरधा