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पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास की सजा

Wed, 10 Feb 2021 12:53 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 12:53 AM IST
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life imprisionment for wife murderer
court.jpeg - फोटो : court.jpeg
ललितपुर। थाना नाराहट के ग्राम पटना में पांच वर्ष पूर्व दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करने और मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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थाना गिरार के अंतर्गत ग्राम खैरपुरा निवासी ओंदा बुनकर पुत्र पथोला बुनकर ने 18 मार्च 2016 को थाना नाराहट पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री की शादी तीन वर्ष पूर्व थाना नाराहट के ग्राम पटना निवासी राममिलन पुत्र भगवान दास बुनकर के साथ की थी। ससुरालीजन शादी के बाद से ही उसकी पुत्री को मोटरसाइकिल और सोफा सेट दहेज में मायके से लाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। यह बात पुत्री ने उसे कई बार बताई थी। जिस पर उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर ससुरालीजनों को बुलाकर काफी समझाया था। गरीबी का हवाला देकर मांग पूरी करने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद भी ससुरालीजन पुत्री का उत्पीड़न करते रहे। करीब दो माह पूर्व ससुरालीजन उसकी पुत्री को मायके से यह कहकर अपने साथ लिवा ले गए थे कि वे अब उसे परेशान नहीं करेंगे। लेकिन ससुराल पहुंचते ही वह पुत्री का उत्पीड़न करने लगे थे।
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17 मार्च 2016 की दोपहर करीब तीन बजे जानवरों वाले मकान में पति राममिलन, जेठ लाल सिंह और देवर हरगोविंद ने उसकी पुत्री के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दहेज अधिनियम एवं दहेज हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायालय ने मंगलवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए मृतका के पति राममिलन को पत्नी की हत्या करने, दहेज उत्पीड़न एवं दहेज अधिनियम में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं कुल 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं न्यायालय नेे जेठ लालसिंह और देवर हरगोविंद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इस मामले में पैरवी सहायक जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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