फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   life imprisionment for teen girl

किशोरी से दुष्कर्म के अपराधी को आजीवन कारावास

Wed, 10 Feb 2021 01:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 01:20 AM IST
विज्ञापन
life imprisionment for teen girl
rape2 grafic.jpeg - फोटो : rape2 grafic.jpeg
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव से चार वर्ष पूर्व किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) निर्भय प्रकाश की अदालत ने एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं एक लाख बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मामले में किशोरी का अपहरण करने में दोषी पाए जाने पर एक महिला समेत पांच आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेेत्र के अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने चार वर्ष पूर्व कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री अपने नाना के यहां दूसरे गांव में रहती थी। 28 अप्रैल 2017 को दोपहर करीब तीन बजे एक गांव की एक महिला ममता कुशवाहा ने अपने रिश्तेदार ग्राम कठवर निवासी संतोष को फोन करके बुलाया। ममता ने उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर संतोष के साथ भगा दिया। मौके से एक पर्ची के माध्यम से मोबाइल नंबर मिला। काफी खोजबीन के बाद भी पुत्री का पता नहीं चल सका। जिस पर उसने कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन

29 अप्रैल 2017 को पुलिस ने इस मामले में संतोष और ममता के खिलाफ किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर 20 मई 2017 को न्यायालय में पेश कर बयान दर्ज कराए। इसके बाद मामले में धारा 376(2)(1) एवं धारा चार पॉक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी करते हुए ग्राम रजवारा निवासी पंचम उर्फ पंचू, गोपाल और ग्राम कठवर निवासी किशन ने नाम भी बढ़ाए। न्यायालय में उनके आरोप पत्र भी प्रस्तुत कर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यायालय ने मंगलवार को इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर संतोष को धारा 376(2) (एन) एवं धारा 6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं एक लाख 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड वसूल होने पर आधी राशि पीड़िता को दिलाने के आदेश भी दिए। जबकि अपहरण के मामले में संतोष, ममता, गोपाल, पंचम एवं किशन को दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास एवं बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने की।

----------
विवेचक के खिलाफ भी कार्रवाई को लिखा जाएगा पत्र
किशोरी का अपहरण दुष्कर्म के इस मामले में विवेचक एसआई अमित गुप्ता द्वारा अपनी विवेचना में पीड़िता का सैंपल लेकर एफएसएल जांच के लिए प्रयोगशाला नहीं भेजा गया था। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखने के आदेश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed