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सरकारी विभागों में ज्यादा खपत, कम लोड नहीं चलेगा
Lalitpur
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:17 AM IST
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- फोटो : demo
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सरकारी विभागों में अधिक बिजली जलाकर कम लोड का खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है। विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर बहुत जल्द सरकारी विभागों के विद्युत लोड का परीक्षण कराया जाएगा और लोड बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही वर्षों पुराने व खराब मीटर हटाकर नए पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जाएंगे।
विद्युत विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन चेकिंग अभियान चलाकर आम उपभोक्ताओं का विद्युत लोड बढ़ा दिया जाता है और उस बढ़े लोड के अनुसार ही विद्युत बिलों के भुगतान की वसूली की जाती है। लेकिन, जनपद में कई सरकारी विभाग और कालोनियां ऐसी हैं, जहां अधिक विद्युत खपत के बाद भी काफी कम लोड के विद्युत कनेक्शन चल रहे हैं। इसके बाद भी इन सरकारी कार्यालयों व कॉलोनियों के लोड बढ़ाना तो दूर वर्षों तक इनकी जांच भी नहीं की जाती है। जबकि अधिकांश सरकारी कार्यालयों व कॉलोनियों व आवासों में जाड़ों के दिनों में जहां हीटर और अन्य विद्युत उपकरण का भरपूर उपयोग किया जाता है, तो वहीं गर्मियों के दिनों में कूलर, पंखा, एसी जैसे तमाम विद्युत उपकरणों का उपयोग किया जाता है। इसके बाद भी यहां के लोड अधिकांशत: न तो लोड की जांच ही होती है और न ही मीटर ही बदले जाते हैं। आज भी कई सरकारी कार्यालयों में या तो पुराने मीटर लगे हुए हैं या फिर कई जगह तो मीटर ही नहीं लगे हैं। इससे उनका विद्युत बिल फिक्स चार्ज के हिसाब से मिनिमम ही वसूला जाता है। लेकिन, अब बहुत ज्यादा दिनों तक सरकारी विभागों में यह खेल नहीं चलने वाला है। बिजली विभाग कम लोड वाले विभागों की सूची तैयार करके मीटरों में आ रही डिमांड व हैवी उपकरणों का आंकलन कर विद्युत लोड बढ़ाने को अभियान चलाएगा। यही नहीं पुराने व खराब मीटर मिलने पर उनको तत्काल बदला जाएगा, ताकि विद्युत खपत के अनुसार ही सरकारी विभागों से बिजली के बिल की वसूली हो सके। साथ ही जिन विभागों या कालोनियों या फिर सरकारी आवासों में मीटर नहीं लगे हैं, उनमें नए मीटर लगाने का कार्य भी किया जाएगा।
विभागों में यह है विद्युत लोड की स्थिति
सरकारी विभागों की विद्युत विभाग की सूची के अनुुसार वन विभाग कार्यालय तालबेहट में एक किलोवाट, रेंज अधिकारी रेस्ट हाउस एक किलोवाट, रेंज अधिकारी निरीक्षण ग्रह बार का दो किलोवाट, रेंज कार्यालय ललितपुुर का एक किलोवाट, निरीक्षण ग्रह देवगढ़ का एक किलोवाट, निरीक्षण ग्रह मड़ावरा का एक किलोवाट, रेंज कार्यालय गौना का एक किलोवाट, वन अधिकारी एफ-1 वन विभाग कालोनी ललितपुर का एक किलोवाट का कनेक्शन है। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत एसडीडी, पीईडी महरौनी का एक किलोवाट, सहायक अभियंता ओवरसियर क्वार्टर एक किलोवाट, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी यांत्रिक निर्माण खंड का दो किलोवाट, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी यांत्रिक निरीक्षण ग्रह दो किलोवाट, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय का लोड एक किलोवाट, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निरीक्षण ग्रह एक किलोवाट, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर का एक किलोवाट का कनेक्शन है। पुलिस विभाग के अंतर्गत भी स्टेशन ऑफीसर थाना बार का विद्युत लोड एक किलोवाट, पुलिस स्टेशन जाखलौन एक किलोवाट, सीओ तालबेहट ऑफिस एक किलोवाट, पुलिस चौकी बांसी एक किलोवाट, पुलिस स्टेशन जखौरा व प्रभावी अग्निशमन एक किलोवाट का विद्युत कनेक्शन चल रहा है।
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इनका कहना है-
सरकारी विभागों के विद्युत कनेक्शनों की जांच कर लोड का परीक्षण किया जाएगा और विद्युत उपभोग का आंकलन कर विद्युत लोड बढ़ाया जाएगा।
डीआर विमलेश, अधिशासी अभियंता विद्युत।
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विद्युत विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन चेकिंग अभियान चलाकर आम उपभोक्ताओं का विद्युत लोड बढ़ा दिया जाता है और उस बढ़े लोड के अनुसार ही विद्युत बिलों के भुगतान की वसूली की जाती है। लेकिन, जनपद में कई सरकारी विभाग और कालोनियां ऐसी हैं, जहां अधिक विद्युत खपत के बाद भी काफी कम लोड के विद्युत कनेक्शन चल रहे हैं। इसके बाद भी इन सरकारी कार्यालयों व कॉलोनियों के लोड बढ़ाना तो दूर वर्षों तक इनकी जांच भी नहीं की जाती है। जबकि अधिकांश सरकारी कार्यालयों व कॉलोनियों व आवासों में जाड़ों के दिनों में जहां हीटर और अन्य विद्युत उपकरण का भरपूर उपयोग किया जाता है, तो वहीं गर्मियों के दिनों में कूलर, पंखा, एसी जैसे तमाम विद्युत उपकरणों का उपयोग किया जाता है। इसके बाद भी यहां के लोड अधिकांशत: न तो लोड की जांच ही होती है और न ही मीटर ही बदले जाते हैं। आज भी कई सरकारी कार्यालयों में या तो पुराने मीटर लगे हुए हैं या फिर कई जगह तो मीटर ही नहीं लगे हैं। इससे उनका विद्युत बिल फिक्स चार्ज के हिसाब से मिनिमम ही वसूला जाता है। लेकिन, अब बहुत ज्यादा दिनों तक सरकारी विभागों में यह खेल नहीं चलने वाला है। बिजली विभाग कम लोड वाले विभागों की सूची तैयार करके मीटरों में आ रही डिमांड व हैवी उपकरणों का आंकलन कर विद्युत लोड बढ़ाने को अभियान चलाएगा। यही नहीं पुराने व खराब मीटर मिलने पर उनको तत्काल बदला जाएगा, ताकि विद्युत खपत के अनुसार ही सरकारी विभागों से बिजली के बिल की वसूली हो सके। साथ ही जिन विभागों या कालोनियों या फिर सरकारी आवासों में मीटर नहीं लगे हैं, उनमें नए मीटर लगाने का कार्य भी किया जाएगा।
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विभागों में यह है विद्युत लोड की स्थिति
सरकारी विभागों की विद्युत विभाग की सूची के अनुुसार वन विभाग कार्यालय तालबेहट में एक किलोवाट, रेंज अधिकारी रेस्ट हाउस एक किलोवाट, रेंज अधिकारी निरीक्षण ग्रह बार का दो किलोवाट, रेंज कार्यालय ललितपुुर का एक किलोवाट, निरीक्षण ग्रह देवगढ़ का एक किलोवाट, निरीक्षण ग्रह मड़ावरा का एक किलोवाट, रेंज कार्यालय गौना का एक किलोवाट, वन अधिकारी एफ-1 वन विभाग कालोनी ललितपुर का एक किलोवाट का कनेक्शन है। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत एसडीडी, पीईडी महरौनी का एक किलोवाट, सहायक अभियंता ओवरसियर क्वार्टर एक किलोवाट, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी यांत्रिक निर्माण खंड का दो किलोवाट, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी यांत्रिक निरीक्षण ग्रह दो किलोवाट, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय का लोड एक किलोवाट, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निरीक्षण ग्रह एक किलोवाट, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर का एक किलोवाट का कनेक्शन है। पुलिस विभाग के अंतर्गत भी स्टेशन ऑफीसर थाना बार का विद्युत लोड एक किलोवाट, पुलिस स्टेशन जाखलौन एक किलोवाट, सीओ तालबेहट ऑफिस एक किलोवाट, पुलिस चौकी बांसी एक किलोवाट, पुलिस स्टेशन जखौरा व प्रभावी अग्निशमन एक किलोवाट का विद्युत कनेक्शन चल रहा है।
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इनका कहना है-
सरकारी विभागों के विद्युत कनेक्शनों की जांच कर लोड का परीक्षण किया जाएगा और विद्युत उपभोग का आंकलन कर विद्युत लोड बढ़ाया जाएगा।
डीआर विमलेश, अधिशासी अभियंता विद्युत।